तक़रीबन पाँच दशकों बाद भारत की आबादी पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा होगी.
जनसंख्या पर आई संयुक्त राष्ट्र की ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2060 में भारत की आबादी अपने सबसे अधिकतम स्तर - एक अरब सत्तर करोड़ पर पहुँच जाएगी.
रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके बाद भारत की आबादी में गिरावट का दौर शुरू हो जाएगा.
रिपोर्ट के अनुसार चीन की जनसंख्या वर्ष 2030 में अपने अधिकतम स्तर को छू लेगी. तब चीन की आबादी एक अरब 39 करोड़ होगी.
इसके बाद अफ्रीका के देशों की आबादी में तेज़ी से बढ़ोत्तरी का दौर शुरू होगा.
संयुक्त राष्ट्र की ये रिपोर्ट दो सालों के अंतराल के बाद आई है.
ये रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक विभाग की ओर से दुनिया के जनसांख्यिकी संबंधी अनुमान के आधार पर तैयार की गई है.
इस रिपोर्ट के आंकड़े दुनिया भर में योजनाओं की तैयारी में इस्तेमाल किए जाते हैं.
बूढ़े होंगे ज़्यादा
इस रिपोर्ट के मुताबिक़ वर्ष 2050 में दुनिया की आबादी नौ अरब 31 करोड़ तक पहुँच जाएगी.
ये आंकड़ा वर्ष 2008 में जारी किए गए आंकड़े के मुक़ाबले क़रीब डेढ़ अरब ज़्यादा है.
सदी के अंत तक विश्व की आबादी 10 अरब से भी अधिक होगी.
लेकिन जहाँ जनसंख्या में गिरावट एक अच्छी ख़बर हो सकती है वहीं इसकी वजह से भारत में अधिक उम्र के लोगों की तादाद बढ़ जाएगी.
वर्तमान में चीन, अफ़्रीका और विकसित देशों की तुलना में भारत में कहीं अधिक युवा लोग हैं इसके आधार पर समझा जाता है कि भारत में आबादी की औसत उम्र 25 साल है
रिपोर्ट के अनुसार सदी के अंत तक विकसित देशों में भी भारत की तुलना में अधिक जवान लोग होंगे.