आवो, आपां सगळा भेळा मिल'र संस्कृत भाषा सीखां, एक-दूजै रे साथै संस्कृत री सेवा करां, अर वाग्देवी री असीस ल्यां। आपां सगळा मिल'र एक-दूजा री बांह पकड़ां, ताकै आपणै आचार-विचार में संस्कृत रळ-मिल जावै अर आपां सगळां री सांसां में भी संस्कृत ई बस जावै।
पण सा, ईं बात रो धियान राखजो कै ईं सभा में जुड़बा ताईं आपरो 'जयपुर रो रैवासी' होवणो घणो ज़रूरी है।
ईं सभा रो हिस्सो बणबा ताईं, मिहरबानी कर'र ओ नीचै दियोड़ो फॉर्म भर द्यो अर पक्को कर द्यो कै आप ठेठ जयपुर रा ई रैवासी छौ सा:
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https://forms.gle/K4YCmUZKttDuuRpZAफॉर्म पूरा भरबा रै पछै, नीचै दिया गिया वाट्सएप (WhatsApp) गोठ (ग्रुप) सूँ जुड़बा री अरज भेज द्यो सा:
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https://chat.whatsapp.com/DV1aKbzvuK3EYGRmGvOJDRजय वाग्देवी! जय राजस्थान! 🚩