بسم الله الرحمن الرحيم ...الصلوة والسلام علیک یا رسول اللہ
(أهل السنة و الجماعة)
السلا م عليكم و رحمة الله وبر كا ته
मुसलमानों हिंदुस्तान छोड़ दो और पाकिस्तान चले जाओ?
मुसलमानों हिंदुस्तान छोड़ दो और पाकिस्तान चले जाओ? एक साहब बस में बैठे मेरी तरफ इशारा करके अपनें बस में बैठे साथिओं से कह रहे थे मैनें पूछा ऐसा कयूँ कह रहे हो भाई वह साहब बोले क्युकी तुम लोग खाते हिंदुस्तान का हो और गाते पाकिस्तान का हो मैने कहा ऐसा आपको किसनें कहा वह बोले हिंदुस्तान और पाकिस्तान का मैच होता है तब मुस्लमान लोग पकिस्तानिओं की तारीफ करते हैं जबकि रहते हिंदुस्तान में हैं मैं बोला यह तो खेल की भावना है जो बेहतर खेलेगा उसकी तारीफ होनी ही चाहिए क्या नुजिलेंड या इंग्लेंड के खिलाडी जब अच्छा खेलते हैं तब आप उनकी तारीफ नहीं करते ? इस्लाम में कहा गया है के वतन परस्ती आधा इमान है और अल्लाह के रसूल मुहम्मद साहब नें फ़रमाया जिस देश में रहो उस देश से मुहब्बत करो क्या मुस्लमान अपनें पैगम्बर की बात नहीं मानेंगे ?क्या सरहदों पर मुस्लमान फौजी जंग के दौरान किसी से पीछे रहते हैं ?क्या भारत को आजाद कराने में मुसलमानों नें अपनीं जानें नही दी?मैं कहता हूँ अगर मुस्लमान साथ न देते तो हिंदुस्तान को आजाद करना किसी एक कौम के बस की बात न थी अल्लामा इक़बाल साहब का शेर है सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोसिता हमारा अगर हिन्दुस्तन से मुहब्बत न होती तो कहते सारे जहाँ से अच्छा पाकिस्तान चलो उस समय पाकिस्तान वजूद में नहीं था तो कहते सारे जहाँ से अच्छा अफगानिस्तान हमारा या इरान हमारा या इराक हमारा या सउदी अरब हमारा या मक्का मदीना हमारा इससे बढ़ कर तो मुसलमानों के लिए कुछ नहीं है मगर इमान का जज्बा देखो सारे जहाँ से अच्छा सिर्फ हिन्दोसिता हमारा यह वतन परस्ती नहीं तो क्या है अगर आपका जाती भाई दुनियां के किसी देश में भी रहता हो आपको उससे मुहब्बत होगी या नहीं ??जरुर होगी क्युकी वह भी उसी धर्म को मानता है जिसे आप मानते हैं फिर मुसलमान अपनें भाई की तारीफ क्यूँ नहीं करेगा हाँ मुहब्बत सिर्फ अपनें देश से ही करेगा जब हिंदुस्तान में तक़रीबन ९०० साल मुसलमानों ने हुकूमत की तो उन्होंने किसी को नहीं कहा हिंदुस्तान छोडनें को अगर वह ऐसा करते तब आपको कैसा लगता अगर कोई वयक्ति किसी देश में पांच साल लगातार रह ले तब उसे उस देश की नागरिता मिल जाती है जबकि मुसलमानों के माँ बाप दादा परदादा इसी हिंदुस्तान में पैदा हुवे वह किसी और देश क्यूँ जायेंगे ???? जब दुनियां में चार ही सभ्यताएं ही थी यानीं चार टापू १-दजला घाटी २-नील घाटी ३-फारत घाटी ४-सिंध घाटी यहीं पर दुनियां बसी थी न हिंदुस्तान था न ही कोई और मुल्क तब आर्य आए थे दुसरे देशों से सिंध घाटी पर जिसने बढ़ते बढ़ते बाद में हिंदुस्तान की शक्ल ली क्या आर्य हिंदुस्तान को छोड़ कर किसी और देश जा सकते हैं??आर एस एस के स्वयं सेवक के सी सुदर्शन जी नें रिटायर्मेंट लेनें के बाद कुछ दिन पहले लखनऊ में मुस्लिमों के सम्मलेन में कहा था की संस्कृति कभी नहीं लड़ती हमें लड़ती है तो सिर्फ राजनीती वह लोग मेरा मुह देख रहे
جزاك الله خير