आ. झा सा.
आ. मजूमदार सा.
आ. विजय सा.
सभी आ. और सा. को प्रणाम,
अंतत: आ. झा सा. ने महिलाओं को संबोधित करने के लिए सर्वाधिक आदरणीय,
आसान, मुफीद, सम्मोहक और सर्वग्राही शब्द की प्रामाणिक एवं आधिकारिक
घोषणा कर ही दी. अब आप कहीं पर भी किसी भी माँ, बहन, बेटी, महिला
अधिकारी, किसी अधिकारी आदि-इत्यादि की पत्नी तक को नि:संकोच बीवी (biwi)
बुला सकते हैं. वरिष्ठ के लिए "आ. बीवी जी" कहें और कनिष्ठ को "प्रिय
बीवी जी कहें". सभी महिलाओं को "नमस्कार बीवी जी" कहते हुए प्रणाम करें.
पूरी आशा है कि अब यह संबोधन राजभाषा विभाग द्वारा स्वीकृत, सहज और
आधिकारिक रूप से स्वीकार्य मान लिया जाएगा. यदि किसी को आपत्ति है तो वे
अपनी आपत्ति अभी दर्ज़ करा दें, बाद में कोई सुनवाई नहीं होगी.
जहाँ तक हिंदीवाले की बात है तो उसमें अभी थोड़ी शर्म बाकी है. उसे हिन्दी
के माँ, बहन, बेटी, माताजी, बहन जी, बिटिया जैसे शब्दों के रहते किसी
उर्दू शब्दकोश की खाक छानने की आवश्यकता नहीं है. अपने 70 साल के जीवन
में हिंदीवाले ने उर्दू भाषियों को भी अपनी माँ, बेटी, बहन को बीवी
(BIWI) कहते कभी नहीं सुना. मॉडर्न आ. झा सा. के शोध यंग लोगों के लिए हो
सकते हैं, सत्तर साल के दकियानूसी हिंदीवाले के लिए नहीं.
खेद सहित
हिंदीवाले