आज के शब्द
Critic – समालोचक, आलोचक, टीकाकार, समीक्षक (संज्ञा)
Condemn - निंदा (प्रशासनिक शब्दावली)
*** राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी नागपुर ***
आज के शब्द
Intuition – अंतर्ज्ञान, आभास पा लेने की क्रिया, अंतर्दृष्टि (संज्ञा)
कार्यनीति – Strategy (प्रशासनिक शब्दावली)
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मोरारजी देसाई / Morarji Desai
(जन्म: 29 फरवरी,1896, मृत्यु :10 अप्रैल,1995)
मोराजी देसाई का जन्म 29 फरवरी वर्ष 1896 को गुजरात के वलसाड जिले के एक
छोटे से गाँव भदेली में हुआ था| उनके पिता का नाम रणछोड़ भाई देसाई
भावनगर के रहने वाले थे| वे पेशे से स्कूल में हैंडमास्टर थे| मोरारजी की
शुरूआती पढ़ाई गुजरात में हुई उन्होंने 1912 में वालसाड के बाई अवाबाई
हाईस्कूल से दसवी की परीक्षा पास की और इसके बाद उन्होंने बम्बई के
विल्सन कॉलेज में दाखिला लिया| यहाँ से उन्होंने इंटरमिडीएट की परीक्षा
पास की और 1917 में उन्होंने विज्ञान के विषयों के साथ बी. ए किया| इसके
बाद उन्होंने 1918 में सिविल सेवा की परीक्षा पास की और अहमदाबाद के
डिप्टी कलेक्टर बने| इसके बाद उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी और काग्रेस के
सदस्य बन कर स्वतन्त्रता आन्दोलन में कूद पड़े| मोरारजी देसाई का गांधी जी
के सिद्धांतों में अटूट विश्वास था| उन्होंने सादगीपूर्ण जीवन जीया| वे
1937 में बम्बई राज्य के गृहमंत्री बने और इसके बाद वर्ष 1946 में वे
मुंबई के मुख्यमंत्री भी बने इसके बाद वे राज्य की राजनीति से राष्ट्रीय
राजनीति में आये और वर्ष 1957 में वे केन्द्रीय मंत्री मंडल में
वितमंत्री बने और वर्ष 1967 में वे भारत के उप प्रधानमंत्री बनने के साथ
वित्त मंत्री का पद भी संभालते रहे| 1969 में जब इंदिरा जी ने वित विभाग
अपने पास वापस ले लिया तो मोरारजी ने उप प्रधानमंत्री का पद त्याग दिया|
इसी वर्ष कांग्रस पार्टी दो फाड़ हो गई| मोरारजी अपने गुट के नेता चुने
गये और वे विपक्ष में बैठने लगे| जो विपक्षी प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी
के त्याग पत्र की मांग कर रहे थे उनमे मोरारजी प्रमुख थे| लेकिन इंदिरा
जी ने तत्कालीन राष्टपति की सहमति से इमरजंसी लागू कर दी| इमरजेंसी लगते
ही मोरारजी देसाई, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और जार्ज
फर्नांडिस जैसे कई नेता में जेल बंद हुए|
परिणामस्वरूप 1977 के लोकसभा चुनाव में इंदिरा गांधी को भारी हार का
सामना करना पड़ा| चार दलों ने मिलकर कांग्रेस के विकल्प के रूप में जनता
पार्टी का गठन किया और 24 मार्च 1977 को मोरारजी देसाई भारत के चौथे
प्रधानमन्त्री बने|
उन्हें अपनी गांधीवादी जीवन शैली, निभ्रीकता, स्पष्टवादिता और पशुओं
प्रति सहृदयता के लिए जाने जाते हैं। उनकी देश सेवा के लिए 1991 में
'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया| मोरारजी देसाई का 99 वर्ष की अवस्था
में आज ही के दिन 10 अप्रैल 1995 को निधन हो गया| इस अवसर पर आज हम
उन्हीं के एक विचार का मनन करते हैं।
आज का विचार
“जब तक मनुष्य जानवरों का भक्षण करता रहेगा तब तक पशुओं के प्रति
क्रूरता कैसे खत्म हो सकती है?”
“As long as man eats animals how can cruelty to animals be removed.”
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आज के शब्द
Cruelty – नृशंसता, निर्दयता, हिंसा, निष्ठुरता, क्रूरता, दयाहीनता
(संज्ञा)
धमकाना - Threaten (प्रशासनिक शब्दावली)