राजभाषा कार्यान्वयन समिति का गठन

192 views
Skip to first unread message

Ganesh Bapu, KR

unread,
Jun 21, 2012, 5:29:22 AM6/21/12
to rajb...@googlegroups.com

राजभाषा हिन्दी के कार्यान्वयन के लिए आधारभूत स्तंब के रूप में राजभाषा कार्यान्वयन समिति कार्य करती है | हर एक कार्यालय में राजभाषा कार्यान्वयन समिति का गठन अपनी सुविधा के अनुसार बनाई गई है | कार्यालय के अध्यक्ष को छोडकर और कई मुख्य विभागाध्यक्षों को छोडकर समिति बनाई जाती है और उनकी बैठकें की जाती है |इसमें न तो कार्यालय प्रमुख भाग लेते हैं और न ही कोई मुख्य विभाग अध्यक्ष |  इसपर मुझे राजभाषा विभाग के निदेशों का सही जानकारी मिल नहीं रही है | अनुरोध है कि अगर आपके पास इस संबंध में राजभाषा विभाग द्वारा जारी कोई स्पष्ट निर्देश उपलब्ध है तो कृपया बताएं |

 

 

 








My E-mail Address has changed. Kindly use @indianoil.in in place of @indianoil.co.in

This Message was sent from Indian Oil Messaging Gateway, Mumbai, India. The information contained in this electronic message and any attachments to this message are intended for the exclusive use of the addressee(s) and may contain proprietary, confidential or privileged information. If you are not the intended recipient, you should not disseminate, distribute or copy this e-mail. Please notify the sender immediately and destroy all copies of this message and any attachments.

Dr Rajeev kumar Rawat

unread,
Jun 22, 2012, 3:25:52 AM6/22/12
to rajb...@googlegroups.com
महोदय,
क्या आपके पास " राजभाषा हिन्दी के प्रयोग संबंधी नियम-पुस्तक" के रुप में हिंदी तोप गन का फोटो है जिसे दिखाकर आप वास्तविक अंग्रेजी शेरों से जंग लड़ सकें और संस्थान में रोज अपनी फजीहत कराने का नैतिक बल स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों से आशीर्वाद रुप में प्राप्त करने की प्रार्थना करें।
यदि उक्त पवित्र पुस्तक भस्म आपके पास है तो उसके अध्याय 3 का पेज स.18 आपकी फजीहत कराने और संस्थान में हिंदी अधिकारी की अनाधिकारी स्थिति का दंश झेलने में आपकी सहायता करेगा। क्यों अपनी मट्टी खराब कराने पर तुले हो, कुछ नहीं होना हिंदी का और न कुछ होना इन बैठकों से, जब सारे देश में ऊपर से नीचे तक सत्ताधीशों के किसी व्यवहार में ईमानदारी नहीं है तो आप हिंदी में क्या उम्मीद लगा कर बैठे हैं

राजभाषा विभाग की वेब साइट पर आदेशों का संकलन के पेज 41-42 पर भी आदेश उपलब्ध हैं।


ये सब कागज के चाकू हैं इनसे किसी का बिगड़ना कुछ नहीं है
फिर भी देख लीजिए किसी काम आ जाएं तो
हमारी शुभकामनाएं

नियम 12 के छाते के नीचे -हम तो बाबू के रुप में नौकरी करना सीख रहे हैं चमचा गीरी आती नहीं और हिन्दी के लिए शहीद होने की कोई इच्छा नहीं है क्यों कि जो शहीद हुए ही हैं आज उनकी आत्मा कम खिसियाती होगी, कसमसाती  होगी, खून के आंसू नहीं रोती होगी- शायद उन्हें अफसोस होता होगा और नहीं तो उनके वंशजों को तो है ही कि क्या इनके लिए, ऐसे देश के लिए शहीद हुए थे। बस एक ईमानदारी बचा कर रखनी है हमारा काम पहरेदार का है हम सीटी बजाएंगे- जागते रहो की हांक लगाएंगे- किसी की नींद खराब होती है तो हो- हम भी उसी भारत सरकार के कर्मचारी हैं जिसके वे हैं- अगर वे चाहते हैं कि सीटी मत बजाओ नींद खराब होती है तो लिख कर देदें और हमारा काम उन्हें लिखा दिखा देना भर है। पर अंजाम भुगतने को तैयार रहो कि दबंग बंदूकधारी अस्त्र शस्त्रों से सुसज्जित काने को काना कहने से क्या होता है।
शुभकामनाएं


2012/6/21 Ganesh Bapu, KR <kgan...@indianoil.in>

--
आपको यह संदेश इसलिए प्राप्त हुआ क्योंकि आपने Google समूह "राजभाषा कर्मी Rajbhasha Karmi" समूह की सदस्यता ली है.
इस समूह में पोस्ट करने के लिए, rajb...@googlegroups.com को ईमेल भेजें.
इस समूह से सदस्यता समाप्त करने के लिए, rajbhasha+...@googlegroups.com को ईमेल करें.
और विकल्पों के लिए, http://groups.google.com/group/rajbhasha?hl=hi पर इस समूह पर जाएं.



--
डॉ. राजीव कुमार रावत,हिंदी अधिकारी
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर-721302
09641049944,09564156315

image002.jpg
O L I C POLICY.jpg
O L I C POLICY II.jpg
O L I C POLICY A.jpg
O L I C POLICY B.jpg

Chopra

unread,
Jul 1, 2012, 9:21:44 PM7/1/12
to राजभाषा कर्मी Rajbhasha Karmi
आपने हिंदी अधिकारी या सहायक निदेशक (राजभाषा) की असहायता को बहुत
मार्मिक ढंग से उकेरा है।
Reply all
Reply to author
Forward
0 new messages