Fwd: मैं और मेरी मौसी की लड़की गौरी

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seema seksy

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Aug 21, 2010, 3:09:16 AM8/21/10
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From: guddiya <guddiya...@gmail.com>
Date: Thu, 17 Dec 2009 00:01:51 -0800 (PST)
Subject: मैं और मेरी मौसी की लड़की गौरी
To: kamsin stories <kamsin-...@googlegroups.com>



मैं और मेरी मौसी की लड़की गौरी – 1


ये कहानी मेरी और गौरी की है। हम दोनो के नाम इसमें बदले हुए हैं। दरसल,
गौरी मेरी मौसी की लड़की है। मेरी मौसी की लड़की यानी मेरी मम्मी की मौसी
की लड़की की लड़की। गौरी के परिवार से हमारे बहुत अच्‍छे रिश्तें है।
गौरी को मैं बहन ही मानता था। परन्तु, मुझे गौरी की बड़ी बहन रानी और
उसके बड़े भाई ने ही बिगाड़ा था।

गौरी की नानी मेरी नानी के घर के पास ही रहती थी। क्योंकि वो बहुत छोटी
उम्र में ही विधवा हो गई थी। और उनके केवल दो लड़की ही थी। इसीलिए मेरे
नाना उनको अपने पास ही लियाऐं थे। और उनको अपना एक घर भी दे दिया था।
गौरी की नानी अकेली रहती थी। इसीलिए गौरी की मम्मी ने गाँव में नानी के
पास अपनी बड़ी लड़की रानी को छोड़ दिया था।

हुआ यूँ कि एक बार मैं अपनी मम्मी के साथ नानी के घर गया। शाम को मैं
नानी के घर से गौरी की नानी के घर चला गया। वहाँ पर मुझे गौरी की बड़ी
बहन रानी मिली। रानी ने दरवाज़ा खोला और मुझको अंदर बुला लिया। मैं अंदर
पहुँचा और एक खाट पर बैठ गया। वहीँ पर रानी भी मेरे पास बैठ गई। कुछ देर
तो उसने मुझसे बात की। फिर थोड़ी देर बाद वो लेट गई और अपनी सलवार में
हाथ डालकर हिलाने लगी। कुछ देर तो मैं भी यूँ ही देखता रहा और फिर मैंने
पूछा के ये क्या कर रही हो। उसने कहा के मेरी चूत में खुजली हो रही है।
मैं इसको खुज़ा रही हूँ। मैंने कहा ये चूत क्या होती है तो वो बोली अभी तू
बच्‍चा है बड़ा हो कर जब चूत मारेगा तो सब समझ जाएगा।

मैंने कहा - मारेगा ? तो वो बोली हाँ तभी तो बच्‍चे पैदा होते है। मैंने
कहा इसे कैसे मारते हैं? वो बोली किसी से तू कुछ कहेगा तो नही मैंने कहा
नही। तो बोली वादा कर मैंने कहा वादा रहा। फिर उसने झट से अपनी सलवार
उतार दी और मुझसे बिल्कुल चिपक गयी। मुझे कुछ पता ही नही था मेरी समझ में
नही आ रहा था कि हो क्या रहा है। फिर मैं बोला ये क्या कर रही हो वो बोली
चूत मारना सीखना है या नही मैं चुप रहा।

फिर वो बोली तू मुझको आज खुश कर दे फिर तुझको मैं गौरी की चूत भी दिलवा
दूँगी मैंने कहा गौरी की? वो बोली हाँ। गौरी को कुछ दिन बाद एक लंड की
जररूत होगी और तुझको एक चूत की। इसीलिए, तुम दोनो आपस में कर लेना। मैंने
कहा अभी क्यों नही तो बोली अभी गौरी छोटी है। मैंने कहा कितने दिन और
लगेंगे उसको वो बोली जब वो बडी होगी जब मैं तेरे से ही उसकी सील
तुडवाऊंगी। अब तू चुप हो जा मुझको मज़ा आने लगा है।

फिर मैं चुप हो गया और उसे बस करते हुए देखता रहा उसने धीरे से मेरी पैंट
की ज़िप खोली और मेरे लंड को निकालकर अपनी चूत पर ज़ोर ज़ोर से रगड़ने
लगी और बीच-बीच में बोल रही थी कि खड़ा कर मुझे पता नही था कि खड़ा कैसे
होता है। फिर उसने मेरे छोटे से लंड को अपनी चूत पर रखकर ज़ोर से झटका
मारा पर मेरा लंड हल्का सा ही अंदर गया था वो बोली इसे अंदर डाल ना मैं
भी कोशिश करने लगा तो मेरा लंड उसने हाथ से पकड़कर अंदर कर दिया। और धीरे
धीरे हिलने लगी अब उसका पानी निकलने लगा था।

वो बोली मुझको मज़ा आ रहा है थोड़ी देर और अंदर की तरफ ज़ोर लगा और ऊपर-
नीचे हो। मैंने ऐसे ही किया थोड़ी देर बाद फिर वो बोली अब हट जा मुझको
तूने मज़ा दे दिया। और उसने मुझे अपने ऊपर से हटा दिया। फिर वो मेरे लंड
को पकड़ कर बोली ये अभी छोटा है इसे बड़ा करना पड़ेगा। क्योंकि लंड जितना
बडा और मोटा होता है उतना ही लडकी और औरत को मज़ा आता है औरत और लडकी को
बार-बार चुदने के ‍लिए कहीं ओर नही जाना पडता और तुझको भी तो बहुत मज़ा
आएगा। क्योंकि तेरा लंड भी तो टाईट और सही जायेंगा। जब लंड, चूत और गाँड
में टाईट और सही जाता है तो फिर दोनो को खुब मज़ा आता है।

फिर उसने मेरे गीले लंड को अपने मुंह में ङाल लिया और उसे चाटने लगी और
उसे आइस्क्रीम की तरह चूस भी रही थी। फिर दरवाज़े पर कोई आ गया। उसने
मेरे लंड को मुंह से निकाला और पैंट के अंदर कर दिया और मुझ से बोली अपनी
पैंट बंद कर ले। फिर वो उठी और सलवार का नाडा बाँधते हुए दरवाज़ा खोलने
चली गयी। वहाँ पर एक पड़ोस का आदमी था। उन दोनो में कुछ बात हुई और वो
चला गया फिर रानी अंदर आई।

मैं बोला अब गौरी की सील कब तुड़वाओंगी फिर वो बोली अभी तेरा बहुत छोटा
है इसे बड़ा कर। मैंने पूछा ये बड़ा कैसे होगा। वो बोली- इसे चुसवाना
मैंने कहा तो तुम्ही बड़ा कर दो वो बोली ठीक है। लेकिन जब तू मुझे मिलेगा
तो मैं तेरा ये बड़ा करूंगी और तू मुझे खुश कर देना। मैंने कहा ठीक है।
फिर मैं अपनी नानी के घर आया और रात को खाना खाकर सो गया। सुबह हम जल्दी
उठे और अपने घर पर आ गये।

अब मेरा रानी से कोई कॉन्टेक्ट नही था। दो साल बाद मैं एक दिन गौरी के घर
गया वहाँ पर मुझे गौरी का बड़ा भाई मिला। वो दिन राखी का दिन था। गौरी की
गली की एक लड़की आ‍ई हुयी थी जो गौरी की सहेली थी। उसका नाम अंजू था।
अंजू का रंग एक दम गोरा बिलोरी आँखें चूची छोटी छोटी बाल लंबे उसने एक
महरुन फ्राँक पहन रखा था। फिर कुछ देर बाद गौरी के घर पर हम छुपा छुपी का
गेम खेलने लगे।

गौरी, मैं, गौरी का बड़ा भाई, अंजू और गली के कुछ बच्चे। मैं, अंजू और
गौरी बड़ा भाई एक स्टोर रूम में छुप गये। वहाँ पर मैंने देखा के गौरी का
बड़ा भाई अपना लंड निकल कर खड़ा था। उसका लंड बहुत बड़ा था। और वो अंजू
को अपनी तरफ खींच रहा था। अंजू मना कर रही थी। और कह रही थी की गॅप सब को
बता देगा। फिर गौरी के बड़े भाई ने मुझसे पूछा के तू बताऐंगा तो नही।
मैंने कहा एक शर्त पर, अगर मुझे भी सिख़ाओगे तो वो बोला ठीक है। रात को
सब कुछ बता दुंगा।

फिर उसने अंजू की फ्राक ऊपर की और उसकी कच्‍छी उतार दी। वो संदूक पर बैठा
और अंजू को अपने ऊपर बैठा लिया और अंजू को ऊपर-नीचे करने लगा। कुछ देर
बाद मुझे रानी की लंड बड़ा करने की बात याद आ गई। मैं भी अंजू के मुहूँ
में लंड देना चाहाता था पर दरवाज़े पर खट खट की आवाज़ हुई अंजू एक दम
खड़ी हो गई और अपनी कच्‍छी ऊपर की और हम सब बाहर आ गये।

अब गौरी के बड़े भाई की ढूंढने की बारी थी। अब की बार मैं और अंजू उस ही
स्टोर में छुप गये। मैंने धीरे से अंजू का हाथ पकड़ लिया। वो अपना हाथ
छुड़ाने की कोशिश करने लगी। मैंने उससे पूछा की तुम क्या कर रहे थे। वो
बोली तेरा भाई मेरी चूत मार रहा था। मैंने कहा अच्‍छा तो ये बात है। फिर
वो बोली तू भी मेरी चूत मारेगा क्या। मैंने कहा नही मुझे तो अपने लंड को
बड़ा कराना है। वो बोली अच्‍छा तो लंड चूसवाना चाहता है। चल ठीक है, वो
बोली निकाल अपना लंड देखो कितना बड़ा है। मैं बोला खुद ही निकाल ले।

उसने मेरी पैंट की ज़िप खोली और मेरा लंड निकाल लिया। जैसे ही उसने मेरे
लंड को छुआ तो मेरा लंड बड़ा हो गया और एक रोड के समान सखत हो गया। फिर
मुझे अच्छा भी लगने लगा तो बोली तेरा लंड तो बड़ा हो गया मैंने कहा इसे
और बड़ा कर। तो वो बोली, किसी को मारेगा क्या फिर वो मेरे लंड को चूसने
लगी। करीब पाँच मिनट बाद वो बोली क्या पहली बार कर रहा है। तो मैंने उससे
रानी के बारे में बता दिया। तो वो बोली रानी ने अपने भाई के साथ ही कर
लिया। तो मैंने कहा तू भी तो भाई को राखी बाँधती है। वो बोली हम सगे तो
नही है। मैंने कहा हम भी सगे नही है। फिर वो बोली चल बाहर चल वरना सब को
शक हो जाऐगा।

फिर हम बाहर आ गयें और अंजू अपने घर जाने लगी। अंजू बोली गॅप घर आ जाना
मैंने कहा ठीक है। रात को मैं और गौरी का बड़ा भाई अंजू के घर चले गये।
अंजू के घर पर केवल वो और उसकी छोटी बहन ही थी। फिर मैंने भाई से कहा
मुझे भी सीखना है। वो बोला अभी रूक जा उसकी छोटी बहन को सो जाने दे। रात
को करीब एक बजे अंजू हुमारे पास आ गई।

अब भाई मुझसे बोला तूने कभी चूत देखी मैंने कहा नही तो अंजू हँस पड़ी।
मैं उसकी हँसी का मतलब समझ गया था। क्योंकि मैंने शाम को उसे रानी के
बारे में बताया था। फिर भाई ने उसकी फ्राक ऊपर की और मैंने देखा कि अंजू
ने फ्राक के नीचे कुछ भी नही पहन रखा था। फिर भाई ने उसे लिटाया और उसकी
टांग ऊपर कर के चौडा दी। फिर वो बोला देख ये होती है चूत।

मैने देखा कि अंजू की चूत एक दम गुलाबी थी और उस पर घूघंराले बाल थे। फिर
भाई बोला - बहन की लोड़ी ! मैंने तुझसे कहा थे के बाल साफ कर लेना।

वो बोली - बहन के लंड ! तूने मुझको टाइम ही कहाँ दिया।

फिर भाई बोला बहनचोद आज तेरी चूत ना फाडी तो मैं भी मर्द नही।

इतने में अंजू ने मुझे अपनी तरफ खींचा और बोली - तेरा लंड बड़ा करूं और
उसने मेरी पैंट उतार दी। और अंडर‍वियर के बीच में हाथ डालकर लंड निकाल
लिया।

फिर भाई से बोली - ओऐं बहन के लौड़े ! जल्दी से चोद। मुझे वापिस अपनी बहन
के पास जाना है। फिर वो बोला ठीक है।

भाई ने मुझे अपने पास बुलाया और मुझे चूत मारने का तरीका बताने लगा। भाई
ने अंजू की चूत की दोनो तरफ की खाल अलग कर दी। अब उसकी चूत साफ दिख रही
थी। भाई ने अपना लंड उसकी गुलाबी चूत के लाल दाने पर रखा और एक ज़ोर से
झटका दिया। अंजू को बहुत दर्द हुआ। उसने मुझे कसकर पकड़ लिया और अपना सर
इधर उधर हिलाने लगी। और उसकी चूत से खून भी निकल रहा था। फिर भा‍ई थोड़ी
देर रुका। अंजू भी मुझे देख रही थी और मुझे भी मज़ा देना चाहती थी पर
दर्द के कारण कुछ कर नही पा रही थी। फिर कुछ देर बाद उसका दर्द बंद हुआ।
फिर वो बोली कर ना ! जल्दी मुझे जाना है। और वो मेरा लंड पीने लगी अब
मुझे और भी अच्छा लग रहा था। फिर भाई उसे चोदने लगा। कुछ देर बाद अंजू के
मुँह से निकाला के ज़ोर से चोद मेरी चूत फाड़ और वो मेरे लंड को जोर से
और पागल की तरह चूस रही थी। फिर वो भाई से बोली लंड निकाल मैं झडने वाली
हूँ। भाई ने अपना लंड निकाला तो भाई के लंड से सफेद पानी निकला।

मैं बोला ये क्या है तो भाई बोला - इसी से बच्‍चे बनतें है। इसी तरह का
पानी इसकी चूत छोड़ रही है। फिर मैंने कहा मुझे देखना है तो भाई ने अंजू
की टांग ऊपर की और उसकी चूत फाड़कर दिखाने लगा। तो अंजू की चूत से खून और
सफेद पानी निकल रहा था। वो बोला आज इसकी सील टूटी है। इसी लिए इसकी चूत
से खून निकल रहा है।

फिर मैं अंजू के पास गया और अंजू अपने आप ही मेरे लंड पकड़ कर चूसने लगी
कुछ देर बाद मुझे अंदर कुछ अच्छा महसूस हुआ और मेरा सारा पानी अंजू के
मुँह में निकल गया। वो बोली ये क्या किया गंदा ना हो तो। मैंने कहा मुझे
पता ही नही चला। फिर वो उठी और अपने आप को साफ करके और अपने कपडे सही
करके चली गई।

अब मुझे गौरी के बारे में ख्याल आने लगा कि मैं भी उसकी सील तोड़ूंगा।
क्योंकि मुझे गौरी की बड़ी बहन ने वादा किया था। फिर उस रात मैंने भाई से
सारा गुप्त ज्ञान ले लिया। और उसके बाद उसकी बहन गौरी को और रानी को,
अपनी बुआ को, पडोस की तीनो बहुओं को, अपनी सग़ी चाची को, अपने मामा की
लड़की को, अपनी दो मेडम को, अंजू को, अपने गुरु की तीसरे नंबर की लडकी को
चोदा और इनके अलावा भी कईयों को चोदा है।

--
as u need,

seksyseema / sonia
36dd_27_36 (rounded boobz).

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