3 .हिन्दी समृद्ध नहीं लोप हो रही है Reply to all Forward Reply by chat Filter messages like this Print Add to Contacts list Delete this message Report phishing Report not phishing Show original Show in fixed width font Show in variable width font Message text garbled? Why is this spam/non-spam?![]() ![]() Translate message Reply kripayaa apane mitron ko bhi presheet karen |![]()
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3 .हिन्दी समृद्ध नहीं लोप हो रही है विदेशी शब्दों से हिन्दी समृद्ध नहीं लोप हो रही है
1) जो लोग कहते हैं कि हिन्दी विदेशी शब्दों से समृद्ध होती है | तो अन्ग्रेज़ी और उर्दु भी हिन्दी और सन्स्कृत शब्दों से समृद्ध होनी चाहिएं | क्या उर्दु और अन्ग्रज़ी को स्मृद्ध होने की आवशकता नहीं ? तो उर्दु और अन्ग्रज़ी में संस्कृत और हिंदी के उतने ही शब्द क्यों नहीं होते जितने हिंदी में उर्दु और अन्ग्रज़ी के शब्द होते हैं ? जो नहीं हो रहा | विदेशी शब्दों से हिन्दी समृद्ध नहीं लोप हो रही है | ज़ी-न्यूज़, आज-तक,और अनेक अन्य हिन्दी-समाचारों,हिन्दी-चल-चित्रों,हिन्दी-धारा-वाहिकों,आदि आदि में अनेक अंग्रेज़ी और उर्दू के शब्द होते हैं किन्तु अन्ग्रेज़ी और उर्दु के समाचारों,चल-चित्रों,धारा-वाहिकों,आदि आदि में हिन्दी और सन्स्कृत के उतने शब्द नहीं होते जितने हिन्दी में उर्दू और अंग्रेज़ी के होतें हैं | तो क्या उर्दू और अन्ग्रेज़ी शून्यता की ओर जा रहें हैं ? जैसा वे लोग कह रहें हैं | उधारणः--ज़ी-न्यू में ८० % अंग्रेज़ी,१५ % उर्दु,५ % हिन्दी होती है | बी.बी.सी खबरों में २० % अंग्रेज़ी, २० % उर्दु और ६० % हिन्दी होती है | किन्तु अन्ग्रेज़ी और उर्दु के समाचारों,चल-चित्रों,धारा-वाहिकों,आदि आदि में क्या उतनी % हिन्दी और उतनी % संस्कृत होती है ? नहीं | तो क्या उर्दू और अन्ग्रेज़ी शून्यता की ओर जा रहें हैं ? नहीं | तो हिन्दी और संस्कृत में क्यों उर्दू और अन्ग्रेज़ी ? हिन्दी-कार्यक्रमों में ध्वज का स्थान परचम ने, शान्ति का स्थान सकून ने, आन्नद का स्थान लुत्फ ने, विषय का स्थान मुद्दे ने, दुर्घटना का स्थान हादसे ने, समाचार का स्थान खबर ने, विवाह का स्थान शादि ने दृश्टि-कोण का स्थान मद्दे-नज़र ने ले लिया है | एसे अनेकों हिन्दी के शब्द हैं जिन का स्थान उर्दु और अंग्रेज़ी ने ले लिया है और उन के हिन्दी-शब्द लोप होगए हैं या हो रहें हैं | तो हिन्दी स्मृद्ध नही लोप हो रही है या हो गई है | जो लोग हिन्दी में उर्दु और अंग्रेज़ी शब्दों के प्रयोग से गर्व का
अनुभव करते हैं उन्हें गर्व का नहीं हीनता का अनुभव करना चाहिए | हर
हिन्दू का कर्तव्य होना चाहिए हिन्दी-प्रचार और हिन्दी-रक्षा तथा हिन्दी
को लोप होने से बचाना | यदि एसा हिन्दू नहीं करे गे तो क्या मुस्लमान और
ईसाई करें गे ? यह काम हिन्दुओं को ही करना है मुस्लमान और ईसाई नहीं करें
गे | वे तो हिन्दी लोप करने पर तुले हुए हैं और भारतीय सरकार भी| हिन्दू
जागो | इस बात को समझों |
कृपया हिन्दी की रक्षा कीजिये |सन्स्कृत की भान्ति हिन्दी भी लोप होजाए गी | हम जो सुनते हैं वही बोलते हैं | यदि हम उर्दु+अन्ग्रज़ी सुनें गे तो हम उर्दु+अन्ग्रज़ी ही बोलें गे और लिखें गे यदि हम हिन्दी सुनें गे तो हिन्दी ही बोलें और लिखें गे | हम एक भी वाक्य शुद्ध-हिन्दी का नहीं बोल पाते क्यों कि हम शुद्ध-हिन्दी सुनते नहीं क्यों कि हमारा प्रसार-माध्यम शुद्ध-हिन्दी प्रसार नहीं करता | हमारे प्रसार-विभाग और प्रसार-माध्यम इस के उतरधाई हैं | और भारतीय सरकार भी| जो लोग क्लिश्टता की बात करते हैं ----- " हम शादि पर जा रहे हैं " के स्थान पर हम कहे -- " हम विवाह पर जा रहे हैं ", " मै खबरें सुन रहा हूं" के स्थान पर -----मै समाचार सुन रहा हूं , "मै किताब देखता हूं " के स्थान पर--- मै पुस्तक देखता हूं तो यह क्लीश्ट हिन्दी नही यह हिन्दी हैं | The Three-Language Formula is perfect ------ THAT IS ------ TO LEARN :---
1) HINDI --THE NATIONAL LANGUAGE OF INDIA--,
2) THE PROVINCIAL LANGUAGE ---Which ever province you live in , language of that province, and
3) ENGLISH , as ENGLISH WOULD help in inter-state national unity as well as inter-state AND WORLD-WIDE trade and commerce.
4) AND ALSO HINDII WOULD NOT EXTINCT-- THE NATIONAL LANGUAGE OF INDIA- .
People should learn many languages--Sanskri`t ,Hindii, Urdu Arabic,English,French,etc.etc.BUT THAT DOES NOT MEAN TO PUT Urdu , Arabic,English,French etc. WORDS IN HINDII.KEEP HINDII FREE OF Urdu Arabic,English,French etc. WORDS.IF YOU DO THAT THEN YOU ARE UNFAIR TO HINDII. WE HINDUUS ARE VERY UNFAIR TO NATIONAL LANGUAGE OF INDIA WHICH IS HINDII . People who promote URDU AND ENGLISH WORDS THROUGH HINDII and say-- हिन्दी विदेशी शब्दों से समृद्ध होती है-- THEY MIGHT BE THE AGENTS AND PAYED - PEOPLE BY MUSLIMS AND CHRISTIANS TO MAKE URDU + ENGLISH THE NATIONAL---LANGUAGE OF INDIA---- AND TO DECLARE INDIA-----AN ISLAMIC + CHRISTIAN LAND. यदि हम इस पर ध्यान नहीं दें गे तो हिंदी भी संस्कृत की भांति लोप हो जाए गी | हिंदी के साथ हिंदू-धर्म और फिर हिंदू लोप हों गें | BANGAALII MUSLIMS LANGUAGE IS BANGAALII NOT URDU
TAMIL MUSLIMS LANGUAGE IS TAMIL NOT URDU PANJAABII MUSLIMS LANGUAGE IS PANJAABII NOT URDU AND SO ON BUT ALL MUSLIMS PUT THEIR LANGUAGE IS URDU AND ARABIC WHILE MANY
OF THEM DO NOT KNOW ARABIC AND URDU. SAME THING HAPPENS WITH SIKHS .
AND WE HINDUUS GIVE THESE LIARS SO MUCH IMPORTANCE !!!!!!! WHEN A
HINDUU SEES A SIKH RIGHT AWAY HINDUU SAYS--- सत श्री अकाल सरदार जी |WHEN A HINDUU SEES A MUSLIM RIGHT AWAY HINDUU SAYS ---सलामा
लेकम जी | WHEN A HINDUU SEES A CHRISTIAN RIGHT AWAY HINDUU SAYS ---
HELLO , HEY etc. etc. AND AMONG HINDUUS ALSO BUT A SIKH , A MUSLIM , A
CHRISTIAN NEVER SAYS ---नमस्ते जी OR हरी ओम् TO HINDUUS . नमस्ते जी और
हरी ओम् लोप हो रहें हैं |
HINDII WORDS ARE WRITTEN ACCORDING TO ONE OF THE HINDII-SANSKRI`T-ENGLISH-GUIDES : --- 1 . अ = a , आ = aa , इ = i , ई = ii , उ = u , ऊ = uu , ऋ = ri` ( रि = ri , री = rii , ऋ = ri` ) ए = e , ऐ = ee or ai , ओ = o , औ = oo or au , अं = an , अ: = a: ] क = k , ख = kh , ग = g , घ = gh ङ =n. ||| च = ch , छ = chh ज = j , झ = jh , ञ = n` ट = t. , ठ = th. , ड = d. , ढ = dh. , ण = n'||| त = t , थ = th , द = d , ध = dh , न = n प = p , फ = ph , ब = b , भ = bh , म = m ||| य = y , र = r , ल = l , व = v , श = sh ष = sh` स = s , ह = h , क्ष = ksh , त्र = tr ||| ज्ञ = jn` , श्र = shr , ड़ = ad` , ढ़ = ad' ] } क= k, का=kaa, कि=ki, की=kii कु=ku, कू=kuu, कृ=ri`, के=ke, कै=kee (kai), को=ko, कौ=koo (kau), कं=k`, कः=k: --- ] } PLEASE NOTE :-- I AM NOT A COMPUTER-PERSON AND MANY
HINDII-LETTERS I DO NOT KNOW HOW TO WRITE THROUGH COMPUTER . उस के लिये
क्षमा याचना |
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नमस्कार,शुप्रभात - त्यागि जी बहूत अछा है, लगे रहें ........ क्रिपया बताएं ,कम्प्यूटर में पूर्णविराम, कैसे होना चाहिए ? धन्यवाद स्वामी श्री जी (स्वमीश्री परमचेतनानन्द जी ) प्रवर्तक : नटराज क्रिया योग 2009/8/21 bhagavaandaas tyaagi <bhagav...@yahoo.ca> - Show quoted text -
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