आदरणीय सभी को नमस्ते,
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर दिनांक 28 फरवरी को चिलठण साइंस सेंटर में बाल विज्ञान मेले का आयोजन किया गया। उसका संक्षिप्त प्रतिवेदन आप सभी के साथ साझा कर रहा हूँ।
भारत रत्न एवं नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक C. V. Raman की स्मृति में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार की भावना तथा प्रस्तुतीकरण कौशल का विकास करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था।
1. सहभागिता एवं उपस्थिति
3 स्कूल के 31 विद्यार्थियों ने विज्ञान मॉडल प्रस्तुतीकरण में भाग लिया।
कुल 5 स्कूल के लगभग 209 विद्यार्थी उपस्थित रहे।
8 शिक्षकों ने उपस्थित रहकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
2. कार्यक्रम की रूपरेखा
कार्यक्रम की शुरुआत सभी माननीय शिक्षकों के पुष्पगुच्छ देकर स्वागत से हुई। प्रातः 9:15 बजे मेले का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर आधारित अपने-अपने विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किए।
मॉडल प्रस्तुतीकरण में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को कार्यक्रम से पूर्व दो दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। परिणामस्वरूप उनकी प्रस्तुति शैली, आत्मविश्वास तथा विषय को समझाने की पद्धति अत्यंत प्रभावशाली रही।
सभी उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए नाश्ते तथा अल्पाहार (फ्रूटी) की व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम दोपहर 12:30 बजे तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अंत में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
3. कार्यक्रम की विशेषताएँ
विद्यार्थियों का उत्साहपूर्ण एवं अनुशासित सहभाग
वैज्ञानिक अवधारणाओं का प्रत्यक्ष मॉडलों के माध्यम से प्रभावी प्रस्तुतीकरण
अंतर-विद्यालयीय ज्ञान का आदान-प्रदान
विद्यार्थियों में आत्मविश्वास एवं संवाद कौशल का विकास
4. मेरा अनुभव।
1).नियोजन कौशल की समझ: कार्यक्रम की सफलता के लिए पूर्व तैयारी, समय प्रबंधन तथा दायित्वों का उचित विभाजन कितना आवश्यक है, यह स्पष्ट रूप से अनुभव हुआ।
2).टीमवर्क का महत्व: दो दिनों तक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देते समय सहयोग एवं समन्वय की भावना का महत्व समझ में आया।
3).विद्यार्थियों की क्षमता: उचित मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण एवं विद्यालय स्तर के विद्यार्थियों में भी उत्कृष्ट प्रस्तुतीकरण क्षमता और वैज्ञानिक सोच विकसित हो सकती है, यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हुई।
4).आत्मविश्वास में वृद्धि: कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय करते समय मेरे नेतृत्व गुणों तथा संवाद कौशल में वृद्धि हुई।
5).प्रेरणादायक अनुभव: विद्यार्थियों के चेहरों पर संतोष और प्रमाणपत्र प्राप्त करते समय दिखाई देने वाली खुशी मेरे लिए सबसे बड़ा संतोष का क्षण रहा।
5. निष्कर्ष
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर आयोजित बाल विज्ञान मेला शैक्षणिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सृजनात्मकता तथा आत्मविश्वास को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों का और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजन करने का संकल्प है।
धन्यवाद।
विजय गोपाल वानखडे।