आदरणीय ताई और सभी को नमस्ते,
एकलव्य साइंस सेंटर, भोपाल (मध्यप्रदेश) में हुए
चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट आप सभी के साथ साझा कर रही हु
दिनांक 10 जनवरी से 13 जनवरी तक एकलव्य साइंस सेंटर, भोपाल में आयोजित चार दिवसीय विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शैक्षणिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक तथा पूर्णतः व्यवहारिक रहा इस प्रशिक्षण के माध्यम से विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों को सरल एवं प्रयोगात्मक ढंग से समझने का अवसर प्राप्त हुआ
प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत एक परिचयात्मक गतिविधि से की गई, जो अत्यंत रोचक एवं आनंददायक रही। इस गतिविधि में प्रत्येक प्रतिभागी ने एक साथी का चयन कर उसका तथा स्वयं का परिचय सभी के समक्ष प्रस्तुत किया। इस गतिविधि से सभी प्रतिभागियों के बीच आत्मीयता एवं आपसी संवाद स्थापित हुआ
इसके पश्चात विनोद सर द्वारा प्रकाश मैन्युअल पर आधारित सत्र लिया गया इस सत्र में प्रकाश की पहचान, प्रकाश के गुण, प्रकाश के स्रोत, प्रकाश का मार्ग, पिनहोल कैमरा, प्रकाश का अपवर्तन, अनंत प्रतिमा, कैलिडोस्कोप, मानव आँख का मॉडल, उत्तल एवं अवतल लेंस तथा उत्तल एवं अवतल दर्पण के कार्य एवं उपयोग के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई
इन सभी विषयों से संबंधित मॉडल प्रतिभागियों द्वारा स्वयं तैयार किए गए तथा उनके प्रयोग के माध्यम से उनकी कार्यप्रणाली को समझा गया स्वयं प्रयोग करने से विषयों की समझ अधिक स्पष्ट हुई यह मैन्युअल विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को विज्ञान सिखाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा
दूसरे दिन अनिल सर द्वारा खगोल विज्ञान (Astronomy) विषय पर सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में टेलिस्कोप में उपयोग होने वाले दर्पणों की जानकारी दी गई तथा विद्यालय स्तर पर बनाए गए टेलिस्कोप की PPT के माध्यम से प्रस्तुति की गई
इसके पश्चात टेलिस्कोप के विभिन्न भागों की जानकारी दी गई तथा व्यावहारिक अवलोकन कराया गया टेलिस्कोप की सहायता से सन स्पॉट का अवलोकन कराया गया तथा आकाश में गुरु ग्रह, शनि ग्रह एवं ओरायन तारामंडल को दिखाया गया विशेष रूप से शनि ग्रह का दृश्य अत्यंत स्पष्ट एवं मनमोहक था, जिसने सभी प्रतिभागियों को अत्यधिक रोमांचित किया
तीसरे दिन निनाद सर द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स विषय पर सत्र लिया गया इस सत्र में पूर्व प्रशिक्षण में बनाए गए विद्युत परिपथों का पुनः अभ्यास कराया गया इसके पश्चात सनलाइट सेंसर तथा क्लैप सेंसर का निर्माण कराया गया एवं उनकी कार्यप्रणाली को समझाया गया
इसके बाद सभी प्रतिभागियों को विषय आवंटित कर प्रस्तुतीकरण (Presentation) का कार्य सौंपा गया कुछ प्रतिभागियों ने PPT के माध्यम से तथा कुछ ने मॉडल के माध्यम से प्रस्तुति दी शेष प्रतिभागियों की प्रस्तुतियाँ अगले दिन पूर्ण की गईं सभी प्रतिभागियों ने अत्यंत आत्मविश्वास एवं प्रभावशाली ढंग से अपने-अपने विषय प्रस्तुत किए
इस प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में हमारी टीम के अमोल सर एवं विजय सर को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ यह हम सभी के लिए अत्यंत गर्व एवं प्रसन्नता का क्षण था, क्योंकि यह पुरस्कार उनकी मेहनत, लगन एवं उत्कृष्ट प्रस्तुति का परिणाम था
इस मैन्युअल में मैने जो कुछ सिखा और समझा उसे मैं स्कूल , विद्यालय , और साइंस सेंटर पर जरूर अमल करूंगी
धन्यवाद
अश्विनी जगदीश भगत
बाल विज्ञान शोधिका चिलठन, खालापुर, महाराष्ट्र