आदरणीय सभी को नमस्ते,
दिनांक 10/01/2026 से 13/01/2026 तक भोपाल में आयोजित चार दिवसीय साइंस एवं इलेक्ट्रॉनिक्स प्रशिक्षण की संक्षिप्त रिपोर्ट मैं आपके साथ साझा कर रहा हूँ।
यह प्रशिक्षण मेरे लिए एक नया, ज्ञानवर्धक और यादगार अनुभव रहा। इस प्रशिक्षण के माध्यम से मुझे विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति को नज़दीक से समझने का अवसर प्राप्त हुआ।
प्रशिक्षण के पहले दिन की शुरुआत गौरव सर द्वारा परिचय सत्र से की गई। इस सत्र में सभी प्रतिभागियों ने पेयर में एक-दूसरे का परिचय दिया, जिससे आपसी संवाद बढ़ा और एक सहज वातावरण बना। इसके साथ ही गौरव सर ने चारों दिनों में होने वाले प्रशिक्षण का पूरा शेड्यूल, विषय-वस्तु तथा अपेक्षाओं की स्पष्ट जानकारी दी। इस सत्र से प्रशिक्षण के प्रति उत्साह और स्पष्टता दोनों प्राप्त हुई।
प्रशिक्षण के पहले दो दिनों में प्रकाश से जुड़े अनेक प्रयोग एवं गतिविधियाँ विनोद सर द्वारा करवाई गईं। छाया के खेल, पिनहोल कैमरा, दर्पण तथा रंगों से संबंधित प्रयोग करते समय मैंने यह अनुभव किया कि जब हम स्वयं प्रयोग करते हैं, तो विषय अपने आप स्पष्ट हो जाता है। इन गतिविधियों ने मेरी वैज्ञानिक सोच को मजबूत किया और कक्षा में पढ़ाने के नए-नए तरीके सिखाए। इसी दौरान अनिल सर और मुकेश सर द्वारा खगोलशास्त्र एवं टेलीस्कोप से संबंधित दी गई जानकारी ने मेरे अंदर जिज्ञासा और उत्साह दोनों को बढ़ाया।
तीसरे दिन निनाद सर द्वारा सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक्स का प्रशिक्षण मेरे लिए विशेष रूप से उपयोगी रहा। इससे पहले मुझे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की सीमित जानकारी थी, लेकिन सेंसर आधारित मॉडल बनाते समय मैंने रजिस्टर की कलर कोडिंग, परिपथ बनाना तथा सेंसर के वास्तविक उपयोग को समझा। इससे मेरा तकनीकी आत्मविश्वास बढ़ा और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ा डर समाप्त हुआ। साथ ही प्रेजेंटेशन के दौरान अपने विचार सबके सामने रखने का अवसर मिला, जिससे मेरी बोलने की क्षमता और आत्मविश्वास में भी सुधार हुआ।
चौथे दिन की गतिविधियाँ और मार्गदर्शन सत्र अत्यंत लाभदायक रहे। स्नेहा मैडम द्वारा पॉलिसी एवं बेनिफिट्स की जानकारी दी गई, जिससे भविष्य की योजना बनाने के महत्व का एहसास हुआ। इसके बाद सचिन सर ने STEM एजुकेशन, इनोवेशन तथा हेल्थ से संबंधित विषयों पर PPT के माध्यम से मार्गदर्शन किया।
अंतिम दिन सभी प्रतिभागियों के प्रेजेंटेशन होने के बाद
हमारे कार्यक्रम प्रमुख जयु ताई ने सभी प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि सभी प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ बहुत ही प्रभावी प्रेजेंटेशन दिए। जिन प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, उन्हें जयु ताई द्वारा गिफ्ट देकर प्रोत्साहित किया गया, जिससे सभी में उत्साह और प्रेरणा का वातावरण बना।
इसी दौरान हवाई जहाज कैसे उड़ता है उसके मुख्य तीन सरफेस कंट्रोलर और पैराशूट कैसे काम करता है इस असाइनमेंट प्रस्तुतीकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मेरा और अमोल सर का असाइनमेंट प्रथम स्थान पर चयनित हुआ। यह मेरे लिए अत्यंत गर्व का क्षण था और इससे आगे और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिली।
कुल मिलाकर यह प्रशिक्षण मेरे लिए ज्ञान, अनुभव और आत्मविश्वास का संगम रहा। इस प्रशिक्षण से प्राप्त सीख को मैं अपने शिक्षण कार्य एवं भविष्य की गतिविधियों में अवश्य उपयोग में लाऊँगा।
धन्यवाद सहित।
सादर,
विजय गोपाल वानखडे
बाल विज्ञान शोधिका, चिलठन
खालापुर, महाराष्ट्र