कविता : गुरु पूर्णिमा
(गुरु प्रेमियों को समर्पित)
24/07/2021
गुरु पर्व की हार्दिक शुभकामनाये
गुरुवर तूम हो शिष्य भाग्य विधाता I
भाग्य बना कर बनते हो भाग्य दाता II
ब्रह्मा जी के समान शिष्य सृष्टि बनाता I
मस्तिष्क धरा पर विद्या बीज लगाता II
विद्या पाठ पढ़ा पढ़ा कर अंकुर को उगाता I
विष्णु जी के समान अंकुर को पालता II
अंकुर से पौधा पोधे से वट वृक्ष बनाता I
श्रवण अध्यन मनन का मन्त्र सिखाता II
उखड़ न जाये वायु तेज से शक्ति अभ्यास कराता I
परीक्षा ले ले उसके संकल्प शशक्त बनाता II
अज्ञान तम का अंधकार संसार में लहराता I
महादेव हो अन्धकार नष्टकर ज्योति दिखाता II
मूल सहित अज्ञान तम पर त्रिनेत्र लगाता I
शिष्य परम तत्व को पा जाये ये मार्ग दिखाता II
गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरु देव महेश्वरा I
त्रिस्वरूप मेरे गुरुवर को गुरु पूनम की नमस्करा II
लेखक : ओदाजी 18/07/2021