साथियों जिंदाबाद
सरकार ने नये साल में देश के चुनिन्दा 20 जिलों में अभी 7 सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में हितग्राहियों के खाते में सीधे नकद राशि पहुंचाने का महाभियान शुरू किया है | सरकार के मुताबिक़ यह एक एतिहासिक कदम है और इससे देश में कायाकल्प हो जाएगा | लोग अब सीधे अपने खाते में राशि पायेंगे और बिचौलिए इस व्यवस्था में छिटककर दूर जा गिरेंगे | इस योजना को लेकर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश इसे कांग्रेस पार्टी का क्रांतिकारी अभियान बताया है। वित्तमंत्री पी चिदंबरम का कहना है कि अभी सरकार को लाभार्थियों की जेब में एक रूपया पहुंचाने के लिए तीन रूपये लागत आती है। बाकी प्रशासनिक खर्च, अपव्यय और भ्रष्टाचार की बलि चढ़ जाता है। नकद हस्तांतरण से सभी तरह के बिचौलिए खत्म हो जाएंगे। प्रशासनिक बोझ और भ्रष्टाचार खत्म होगा।
इस योजना को आधार से भी जोड़ा जा रहा है। यह भी सुना जा रहा कि गैस सिलेंडर की सब्सिडी अब सीधे आधार के माध्यम से बैंक खाते में डाली जाएगी। सवाल यह है कि जब ये योजना आम आदमी के लिये है तो कम से कम उनसे यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि क्या उन्हें इसकी जरूरत है ? लेकिन सरकार ने यह नहीं किया | यह जानने के लिये 2011 में भोजन का अधिकार अभियान ने 9 राज्यों में गरीबी रेखा के नीचे जी रहे कुछेक परिवारों से इस योजना के सम्बन्ध में राय मांगी तो उनमें से दो-तिहाई लोगों ने नकद के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
सरकार ने उस राय के बावजूद अलग-अलग योजनाओं में नकद हस्तांतरण लागू कर दिया है। शुरुआत में उन्होंने कहा था की वे सार्वजानिक वितरण प्रणाली में नकद हस्तांतरण की व्यवस्था लागू नहीं करेंगे, परन्तु राजस्थान के कोटकासिम में सरकार ने एक पायलट के बाद सरकार ने यह तय कर लिया कि राशन की दुकान से सस्ते में केरोसीन देने के बजाये सब्सिडी की राशि हितग्राहियों के खाते में डालने की व्यवस्था कर दी है।
यह नकद हस्तान्तरण योजना क्या है और सरकार इस पर क्यूँ इतनी मेहरबान है | इसका आधार कार्ड के साथ सम्बन्ध क्या है और उसके अपने नफे नुकसान क्या हैं ? इसे समझने के लिये हमने यह दस्तावेज तैयार किया है| इस दस्तावेज में कुछ आलेखों का संग्रह है साथ ही भोजन के अधिकार अधियान की मांगे सलग्न है |
हम उम्मीद करते है की कैश ट्रान्सफर और आधार के पीछे की राजनीति को समझने के लिये यह दस्तावेज आपकी मदद करेगा | कृपया अपने सुझाव और टिपण्णी हमसे अवश्य साझा करें |
धन्यवाद
रोली शिवहरे / प्रशांत दुबे / सचिन जैन