रोज़ी-रोटी अधिकार अभियान की घोषणा
भोजन और काम के अधिकार पर पाँचवा राष्ट्रीय अधिवेशन
(कृपया तारीख दर्ज कर लें और सहभागिता सुनिश्चित करें)
1 से 3 मार्च 2014,
अहमदाबाद (गुजरात)
प्रिय साथियों,
जिदाबाद!
रोजी-रोटी अधिकार अभियान की संचालन समिति[1] आपको और आपके संगठन को 1 से 3 मार्च 2014 तक अहमदाबाद , गुजरात में भोजन और काम के अधिकार पर होने वाले पांचवें राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए आमंत्रित करती है।
चौथे अधिवेशन का आयोजन जुलाई 2010 में राउरकेला, ओडिशा में किया गया था (see the resolution) जिसमें 18 राज्यों से 2500 से ज्यादा लोगो ने हिस्सा लिया था। पिछले अधिवेशन का संदर्भ एक विस्तृत खाद्य सुरक्षा कानून बनवाने के लिए प्रयास करना था। इसमें कृषि उत्पादन, खाद्यान्न के भंडारण और खरीद के अलावा खाद्य सुरक्षा के अन्य मूल और व्यापक कारकों पर भी चर्चा हुई थी। अधिवेशन की चर्चा में खाद्य सुरक्षा के नज़रिए से व्यवस्था में सुधार के कार्यक्रम, खासकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली को यु.आई.डी और नकद हस्तांतरण से जोड़ने की आलोचना की गयी थी तथा स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जन-कार्यवाही की भी योजना बनायी गयी थी।
मार्च 2014 में होने वाले अधिवेशन का उद्देश्य आजीविका और जीवन के अधिकार के मुद्दों पर सक्रीय जन अभियानों की ताकत को संकलित करते हुए व्यापक गठबंधन की दिशा में आगे बढ़ना है ताकि आगामी २०१४ के आम चुनावों में भुखमरी से मुक्ति, भोजन और पोषण का अधिकार, आजीविका का अधिकार और सामाजिक सुरक्षा सबसे केन्द्रीय मुद्दे बनें।
सन्दर्भ - यह अधिवेशन ऐसे समय पर हो रहा है जब राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून, 2013 को भारतीय संसद द्वारा सितम्बर 2013 में पारित किया जा चुका है। हम मानते हैं कि भोजन के कानूनी अधिकार के प्रावधानों के बारे में अपने अभियान ने जो सपना देखा था, भारत सरकार द्वारा बनाया गया क़ानून उसके अनुरूप बिलकुल नहीं है। मार्च 2014 में होने वाले इस अधिवेशन में प्रस्तावित अधिवेशन में एक व्यापक खाद्य सुरक्षा कानून के लिए दबाव बनाने के लिए रणनीति बनाने की बात की जायेगी। अभियान के साथी अलग अलग राज्यों में इस क़ानून के लागू होने के तरीकों और राज्य सरकारों के काम पर निगरानी भी कर रहे हैं, ऐसे में हम वहां अभी के क़ानून के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा भी करेंगे।
मुख्य विषय - निजीकरण, खाद्य सुरक्षा के कम्पनीकरण, खुले बाजार से नियंत्रित होने वाले विकास के मॉडल, बढ़ती हुई सामाजिक-आर्थिक विषमता तथा खाद्यान्नों की कीमत बढ़ते रहने (मंहगाई) के भूख पर पडने असर और उस पर हमारे संघर्ष की भूमिका पर चर्चा करना भी इस अधिवेशन का एक अहम् मकसद है।
यह अधिवेशन अंतराष्ट्रीय व्यापार संधियों, हाल ही में बाली में हुए विश्व व्यापार संगठन की मंत्रीस्तरीय बैठक, इसका किसानों और गरीबों पर होने वाले असर का भी विश्लेषण करेगा। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून 2005, वन अधिकार कानून, भूमि के उपयोग के प्रयोजन (कृषि से उद्धयोग या बड़ी विकास परियोजनाओं में खेती की जमीन दिया जाना) में राज्यों द्वारा बदलाव तथा जीएम (Genetically Modified) फ़ूड की खेती, बच्चों, महिलाओं, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यकों, ट्रांसजेंडर और विकलांगों के लिए भोजन के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाना भी इस अधिवेशन की एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता होगी।
रोजी-रोटी अधिकार अभियान द्वारा गुजरात में आयोजित इस कार्यक्रम में 2014 और उसके बाद अभियान की प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार की जायेगी।
जैसा कि 19 और 20 दिसंबर को आयोजित बैठक में तय किया गया था, अभियान से जुड़े सभी संगठन और राज्य अभियान फरवरी 2014 के मध्य तक राज्य अधिवेशन का आयोजन करेंगे ताकि राष्ट्रीय अधिवेशन में जयादा से ज्यादा स्थानीय समूह और जमीनी संगठनों की अच्छी भागीदारी सुनिश्चित हो।
हम अधिवेशन में हिस्सा लेने वाले संगठनों को उनके अभियान से जुड़े सामग्रियों (रिपोर्ट, पोस्टर, प्रदर्शिनी, इत्यादि) को अधिवेशन में प्रदर्शित और वितरण करने के लिए भी आमंत्रित करते हैं।
इस अधिवेशन में होने वाले खर्च को स्वैच्छिक चंदे और पंजीयन शुल्क द्वारा पूरा किया जाएगा। इसलिए आपके द्वारा किया गया कोई भी आर्थिक सहयोग बहुत उपयोगी होगा।
पंजीयन - तीन दिन के इस अधिवेशन में सहभागिता के लिए पंजीयन शुल्क 200 रु प्रति व्यक्ति, जिसमें भोजन और रहने की व्यवस्था शामिल है, रखा गया है। हांलाकि सभी व्यवस्थाओं पर (रहने, स्थानीय परिवहन, पूरे भोजन, टेंट आदि) वास्तविक खर्च 500 रूपए प्रति व्यक्ति का खर्च आने वाला है। यदि आपके लिए संभव हो तो इस वास्तविक खर्च के मान से सहयोग भी अपेक्षित होगा।
कृपया आपके संगठन से आने वाले सहभागियों की संख्या की सूचना हमें भेज दें, इससे हमें अधिवेशन में व्यवस्थाएं बनाने में सहूलियत होगी।
अधिवेशन में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों से ये उम्मीद की जाती है कि वे अपनी यात्रा का प्रबंधन स्वयं कर लेंगे। कृपया अपनी टिकट पहले से सुरक्षित करा लें
हमारा आपसे अनुरोध है कि इस अधिवेशन की सूचना अपने संगठन और दूसरे संगठन और व्यक्तियों में, जिनकी इसमें रूचि हो सकती है, ज्यादा से ज्यादा प्रसारित करें।
अधिक जानकारी के लिए कृपया righttofoodindia@gmail।com पर लिखें, अभियान की वेबसाइट (righttofoodindia.org) देखें या रोजी-रोटी अधिकार अभियान के सचिवालय को 01129849563 पर संपर्क करें।
धन्यवाद
संचालन समिति,
रोजी-रोटी अधिकार का राष्ट्रीय अभियान