सतत, निरंतर, अविरल, निष्काम आ निर्लोभ भाव सों आन्दोलन केन्हार के विश्व सदैव प्रशंसा केर दृष्टि सों देखैत रहल । लिट्टे आन्दोलनक चेहरा प्रभाकरन रहल । मुदा ओकर भीतर दिन राति कैडर केर संग काज केन्हार अन्तोन बालासिंघम के बहुत कम लोक जनैत छल । अन्तोन बालासिंघम लिट्टे केर प्राण छलैक जेकर विचार लिट्टे केर हर कैडर केर ह्रदय में वास करैत छलैक । आन्दोलन केर तुलना हम लिट्टे संग नहि कअ रहल छी । हमर टिप्पणी संगठनक निर्माण पर अछि ।
मिथिला राज्य निर्माण सेना के सांगठनिक स्तर पर मजबूत हेबाक लेल त्रिस्तरीय कमिटी बनेबाक चाही । पहिल कमिटी जे वैचारिक स्तर पर एकरा सतत मजबूती देत रहय । अहि कमिटी में निश्छल प्रकृतिक विद्वान आ थोड़े कूटनीतिक प्रकृतिक विचारक आ विद्वान के शामिल कएल जाए । ई कमिटी तार्किक दृष्टि सों अहि मांग के मजगूती देत । अहि कमिटिक किछु गोटे के मीडिया प्रबंध केर जिम्मेदारी सेहो देल जा सकैछ । मिडिया प्रबंधन सों तात्पर्य जे अखबार, टीवी पर एक्कर खूब चर्चा हो ।
दोसर कमिटी जे आर्थिक प्रबंध करय । अहि कमिटी के गुप्त रूप सों काज करय परत । गुप्त रूप सों कियक ? कारण जखन अहाँ सरकार के आन्दोलन इत्यादि सों परेशान करबै तअ सबसों पहिने अहांक आर्थिक रीढ़ पर हमला करत । संसाधन केर अभाव में नीक सों नीक आन्दोलन दम तोडि दैत अछि । पैसा मैथिल उद्योगपति, आर्थिक रूप सो संपन्न मैथिल आ आम मैथिल सों चन्दाक रूप में एकत्र कएल जा सकैछ ।
तेसर राजनीतिक कमिटी । राजनीतिक कमिटी आन्दोलन के सामान्य मैथिल संग गली-गली , ठाम-ठाम पर चर्चा करत आ आन्दोलन के जनांदोलन में परिवर्तित करत । राजनीतिक कमिटी के सदस्य के आन्दोलनक जमीनी योद्धा कहि सकैत छी । राजनीतिक रूप सों आम मैथिल के जागृत करबा लेल मिथिला के पांच जोन में बांटि सकै छी । उत्तर, दक्षिण, पूब, पच्छिम आ मध्य । प्रत्येक जोनक एकटा मुख्य होथि । मध्य जोन केर कार्यालय केन्द्रीय समितिक रूप में काज कअ सकै आ प्रतिदिनक दिनचर्या पर टिप्पणी दअ हर कमिटी के सूचित करैत आगू दिनका कार्यक्रम बना कअ आन्दोलन के नव दिशा दअ सकै छैथ ।
वैचारिक रूप सों प्रखर मैथिल के चाही जे मिथिला राज्य केर की उद्देश्य-अहि पर एकटा पुस्तिका प्रकाशित हो-दस बारह पन्ना के । ई पुस्तिका दस-बीसक संख्या में हर गाम पहुचय । प्रत्येक मैथिल जे संपर्क में आबथि हुनका सों किछु धन आ किछु घंटाक आग्रह हो । शर्म लिहाज छोडि सिर्फ अधिकारक प्राप्ति उद्देश्य हो ।
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Posted By Jha Saheb to
Sanjay Kumar Maithil at 6/20/2013 04:40:00 PM