अलेल की मेथी और मकबूल की खेती
दोनों में नंगेपन का बड़ा योग है
उनके घोड़े मजबूत होते
उनकी नायिका सुन्दर थी होतीं
कभी कोई नंगा नायक ना होता
उनके चित्रों के लायक ना होता
गरीबों का यह अमर सिंह तो
सोनिया को भींगे कपड़ों में भींगोता
तब देखता इसकी चालाकबाजी
स्वतंत्रता की फीकी लफ्फाजी
मकबूल मजबूर हिन्दोस्तां का
हैरत बेगैरत फूल गुलिस्ताँ का
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Posted By Jha Saheb to
Sanjay Kumar Maithil at 7/18/2011 11:55:00 PM