KAVITA

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Jagdanand Jha

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Oct 14, 2011, 1:55:11 AM10/14/11
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हम मौन किएक छि
हम चुप किएक छि
 
निष्ठुर हमर समाज बनल अछि
निराकार सरकार
निर्लज सोनित आताताई
निर्भीक गुंडा राज
 
हम मौन किएक छि
हम चुप किएक छि
 
परवाशी बैन हम रहब कतेक दिन
दूर - परायब कतेक दिन
हमर समाज हमहि सुधारव
हमर सरकार हमहि बनायब
आताताई गुंडा के आब हमहि सतायब 
 
हम मौन किएक छि 
हम चुप किएक छि |
                   *** जगदानंद झा  
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