M.K.Arya
unread,Nov 3, 2010, 4:31:19 AM11/3/10Sign in to reply to author
Sign in to forward
You do not have permission to delete messages in this group
Either email addresses are anonymous for this group or you need the view member email addresses permission to view the original message
to KHWAB ek nai duniya ki vision2020
दीपवाली भारत के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है जो बड़े ही श्रद्धा
एवं जोश के साथ मनाया जाता है. इसका सबसे बड़ी खासियत इससे मिलने वाली
सन्देश है जो हरेक को अपनी तरफ खिचता है और हरेक वर्ष सबके दिलो में एक
आशा की दीपक जला जाती है .इस दिन लोग अपने घरों से लेकर अपने आस-पास के
जगहों को साफ-सुथरा रखते है और आशा करते है की धन की लक्ष्मी हमारे घर
में आएगी और वर्ष भर हमारे घर में खुशियाँ भरी रहे.
आपको पढ़ने से लग रहा होगा की ये तो निबंध है जो हम बचपन में लिखा और पढ़ा
करते थे. लेकिन मैं जो कहना चाहता हु उसके लिए एक छोटी सी भूमिका बंधना
जरुर है जिससे आपको वो बचपन की सारे बाते याद आ जाये और दीपावली की इस
उज्जाला में पूरी तरह से लीन हो जाये. जो जोश इस दिन देखने को मिलता है
वो अन्य दिन में क्यों नहीं रहता ,ऐसा क्या होता है की आदमी मात्र एक दिन
ही इतना खुश रहता है और ज्योही दिन बित जाता है फिर वही
tention ,ईष्या,और जीवन का आपाधापी शुरू हो जाता है.ये ख़ुशी ऐसा लगता है
कि "चार दिन कि चांदनी फिर अंधारी रात". लेकिन मैं puchhata हु कि क्या
इस ख़ुशी को वर्ष भर kayam नहीं rakha ja sakta. जोश का मतलब ये कभी नहीं
होता कि दीप ही जलाये या पटाखे छोड़े . क्या ऐसा नहीं हो सकता कि हम वर्ष
भर अपने सपनों की दीप जलाये और इससे पूरा करने के लिए जोश ,जूनून और उमंग
रूपी पटाखे छोड़ते रहे. अगर ऐसा होता तो हमारे जीवन का हरेक दिन दीपावली
का दिन होता और अपने जीवन के हरेक मिनट व् सेकंड को जोश के साथ बिताते.
अब कल्पना कीजिये कि किसी देश के लोगो में ऐसी सोच आ जाये तो तो फिर देश
कि प्रगति के बारे में सोचना ही नहीं पड़ता और देश प्रगति की उचतम शिखर
पर होता क्योकि हरेक अपने सपने को पूरा कर लेता तो कोई बेरोजगार नहीं
होता, न गरीबी रहता , न माओवादी रहता और न कोई आतंकवादी रहता . सबको अपने
जीवन को जीने का आधार रहता . सब मिलजुल कर रहते और देश की प्रगति में
सहायक रहते. कभी कोई दुखी नहीं रहता है और देश के हरेक कोने में खुशियाँ
ही खुशियाँ मिलता .
अंत में मैं येही कहना चाहूँगा की जो जहाँ है अपने आपको खुश रखे और अपने
आस-पास के लोगो में खुशियाँ बाँटने का प्रयाश करे क्योकि दूसरो की ख़ुशी
में ही अपनी ख़ुशी छुपी रहती है. तो आये , अपने सपनों की दीप जलाये और
जोश ,जूनून व् जज्बा रूपी पटाखे छोड़े और ये साल भर बनाये रखे.
आप सबको दीपावली की हार्दिक बधाई