Indian Railway
GNWL: टिकट पर इस शॉर्ट फॉर्म का मतलब जनरल वेटिंग लिस्ट होता है। टिकट में यह तब लिखा जाता है, जब यात्री प्रारंभिक स्टेशन या उसके आस-पास के स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू करता है। वेटिंग लिस्ट में यह कोड सबसे सामान्य होता है और इस किस्म के टिकट कन्फर्म होने की सबसे अधिक संभावना रहती है।
RLWL: रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट का अर्थ यह है कि टिकट मध्यवर्ती स्टेशन के लिए जारी किया जा रहा है। ये टिकट अलग प्राथमिकता पर रखे जाते हैं और इनके कंफर्म होने की संभावना अन्य कंफर्म टिकटों के रद्द कराए जाने पर होती है। रिमोट लोकेशन वाले स्टेशन ट्रेन के रवाना होने से दो-तीन घंटे पहले खुद ही सीट चार्ट तैयार करते हैं। इस प्रकार के वेटिंग टिकट कंफर्म होने की यहां सबसे कम संभावना होती है।
PQWL: गिने-चुने छोटे स्टेशनों के लिए पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट जारी किया जाता है। सामान्यतः ये कोटा किसी रूट के शुरुआती स्टेशन से ही संचालित होता है और उस सफर के दौरान एक ही पूल्ड कोटा होता है। आमतौर पर यह उन यात्रियों के वेटिंग टिकट में दिया जाता है, जो प्रारंभिक स्टेशन से किसी नजदीक के स्टेशन, मध्यवर्ती स्टेशन या दो मध्यवर्ती स्टेशनों तक सफर करते हैं।
RLGN: रिमोट लोकेशन जनरल वेटिंग लिस्ट तब लिखा जाता है, जब यात्री टिकट बुक करता है और वहां वेटिंग लिस्ट कोटा रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट होता है। यानी टिकट बुक होने के बाद रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट का नाम बदलकर रिमोट लोकेशन जनरल वेटिंग लिस्ट हो जाता है।
RSWL: रोडसाइड स्टेशन वेटिंग लिस्ट टिकट पर तब लिखा जाता है, जब बर्थ या सीटें प्रारंभिक स्टेशनों से रोडसाइड स्टेशन या उसके पास पड़ने वाले स्टेशनों के लिए बुक कराई जाती हैं। इस किस्म की वेटिंग टिकट में भी कंनर्फेशन की संभावना बेहद कम रहती है।
RQWL: टिकट जब किसी मध्यवर्ती स्टेशन से जब दूसरे मध्यवर्ती स्टेशन तक के लिए बुक कराई जाती है और अगर वह सामान्य कोटे, रिमोट लोकेशन कोटा या पूल्ड कोटा के अंतर्गत नहीं आती है, तो वह उस रिक्वेस्ट को रिक्वेस्ट वेटिंग लिस्ट में भेज दिया जाता है।
TQWL: तत्काल कोटा वेटिंग लिस्ट को पहले CKWL कहा जाता था। साल 2016 में इसका नाम बदला गया है। TQWL एक किस्म की वेटिंग लिस्ट है। चार्ट बनने से पहले अगर कंफर्म टिकट कैंसल कराया जाता है, तो यह TQWL टिकट अपने आप लिस्ट में ऊपर आ जाता है। रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन (आरएसी) टिकट इसके रास्ते में नहीं आता। वहीं, चार्ट तैयार किए जाने के दौरान जनरल वेटिंग लिस्ट को तत्काल वेटिंग लिस्ट से अधिक प्राथमिकता दी जाती है, लिहाजा तत्काल वेटिंग लिस्ट वाली टिकटों के कंफर्म होने की संभावना इनके बरक्स कम होती है। ऐसे में आखिरी समय तक का इंतजार करें। अगर टिकट कंफर्म नहीं होगी, तो वह खुद-ब-खुद कैंसल हो जाएगी। बाद में उसका रिफंड आएगा।
(Courtesy: Jansatta)