बीमार न हो जाए भारत, मोटा है हर पांचवां बच्चा
नई दिल्ली, (योगराज शर्मा)... अपनी खाने पीने की आदतों पर लगाम
लगाईए....क्योंकि भारत दिन ब दिन मोटा होता जा रहा है। हालात लगातार
बिगड़ रहे हैं और अब खतरे की घंटी भी बज उठी है। हम बात कर रहे हैं
मोटापे की, जो महामारी का रूप अख्तियार करता जा रहा है। सरकारी आंकड़ों
की मानें तो अब आने वाली पीढ़ी पर भी इसका बुरा असर पड़ने लगा है। देश
में करीब तीन करोड़ लोग मोटे हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की है। यह
समस्या मुख्यतः शहरी क्षेत्रों की है जहां मोटे लोगों की संख्या तेजी से
बढ़ रही है। फिर यह बीमारी व्यस्कों तक ही सीमित नहीं है। फास्ट फूड
कल्चर में ढले करीब 20 फीसदी स्कूली बच्चे सामान्य से अधिक वजन के हैं।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरे
विश्व, खास तौर पर विकसित देशों में मोटापा महामारी का रूप ले चुका है।
भारत में भी यह समस्या काफी गंभीर है। महिलाओं के लिए आंकड़े चिंताजनक
हैं। शहरी क्षेत्रों में 28.9 फीसदी महिलाएं सामान्य से मोटी हैं, जबकि
ग्रामीण इलाकों में यह केवल 8.6 प्रतिशत है। सामान्य से ज्यादा वजन वाले
पुरुषों का शहरों में प्रतिशत 22.2 है, जबकि गांवों में यह केवल 7.3
फीसदी है। इसके अलावा फास्ट फूड कल्चर से प्रभावित स्कूली बच्चों का वजन
भी तेजी से बढ़ रहा है। सर्वे के अनुसार करीब 20 फीसदी स्कूल जाने वाले
बच्चे सामान्य से ज्यादा वजन के हैं। मोटापे से डायबिटीज, उच्च रक्तचाप,
गठिया और कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं को
इन बीमारियों का खतरा तो है ही, साथ ही उन्हें ब्रेस्ट कैंसर और प्रजनन
संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
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