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चतुर्थी विभक्तिः (for) |
प्रथमपुरुषः |
मध्यमपुरुषः |
उत्तमपुरुषः |
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पुँल्लिङ्गम् (Masculine) |
स्त्रीलिङ्गम् (Feminine) |
नपुंसकलिङ्गम् (Neuter) |
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एकवचनम् (singular) |
एतस्मै तस्मै कस्मै |
एतस्यै तस्यै कस्यै |
एतस्मै तस्मै कस्मै |
तुभ्यम्/ते |
मह्यम्/मे |
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द्विवचनम् (dual) |
एताभ्याम् ताभ्याम् काभ्याम् |
एताभ्याम् ताभ्याम् काभ्याम् |
एताभ्याम् ताभ्याम् काभ्याम् |
युवाभ्याम्/वाम् |
आवाभ्याम्/नौ |
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बहुवचनम् (plural) |
एतेभ्यः तेभ्यः केभ्यः |
एताभ्यः ताभ्यः काभ्यः |
एतेभ्यः तेभ्यः केभ्यः |
युष्मभ्यम्/वः |
अस्मभ्यम्/नः |
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एकवचनम् |
द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
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बालक (अकारान्त-पुँल्लिङ्गशब्दः) |
बालकाय |
बालकाभ्याम् |
बालकेभ्यः |
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लता (आकारान्त-स्त्रीलिङ्गशब्दः) |
लतायै |
लताभ्याम् |
लताभ्यः |
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फल (अकारान्त-नपुंसकलिङ्गशब्दः) |
फलाय |
फलाभ्याम् |
फलेभ्यः |
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नदी (ई-कारान्त-स्त्रीलिङ्गशब्दः) |
नद्यै |
नदीभ्याम् |
नदीभ्यः |
शब्दज्ञानम् (Vocabulary) – अग्रजः(elder brother), अनुजः(younger brother), अग्रजा(elder sister), अनुजा(younger sister), अध्यापकः(professor), पाचकः(male cook), पाचिका(female cook), वेल्लनी(rolling pin), भिक्षुकः(bagger), भिक्षुकी(female bagger), पुत्री/कन्या(daughter), गृहस्थः(householder), शाटिका(sari), रोटिका(chapati), गुरुः(mentor/teacher), शिष्यः(disciple), उपदेशः(advice)।
क्रियापदानि – ददाति/यच्छति[दा](to give), प्रत्यागच्छति[प्रति-आ-गम्](to return), सेवते[सेव्](to serve), यतते [यत्] (to try), डयते[डी](to fly), रोचते[रुच्](to be pleased with), वन्दते[वन्द्](to praise)|
अव्ययप्रयोगः(Use of Indeclinable) – किमर्थम्? (why?)|
सम्भाषणम् (Conversation) – दिनचर्या (Daily routine)|