श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, कुशालपुरा, राजस्थान !
कुशालपुरा में काश्मीर प्रचारिका, राजगुरुमाता उमरावकुंवर जी म. सा. की सुशिष्या मंडल
श्री कंचनकुंवर जी म. सा. आदि ठाणा 8 के सानिध्य मेंदिनांक
24 -11 - 2013
को बहुश्रुत, ज्ञानयोगी, पंडित रत्न, श्रमण संघीय प्रथम युवाचार्य श्री मिश्रीमल जी म. सा. "मधुकर" का 30 वॉ पुण्य स्मृतिदिवस ज्ञान - तप - आराधना के साथ मनाया गया। पूज्य गुरुदेव के जनम शताब्दी वर्ष के सुअवसर पर 100 दिवसीय एकान्तर तप -आयम्बिलतप की आराधना करने वालों करीब 130 तपस्वी भाई - बहिनों का श्री संघ ने बहुमान व् अभिनन्दन किया।
गुणानुवाद सभा मंगलाचरण के साथ प्रारम्भ हुयी। कुशालपुरा की लाड़ली बेटी नव दीक्षिता श्री
निलेशप्रभा जी म. सा. ने गुरु गुण स्मरण करते हुएओजस्वी प्रवचन दिया। साध्वी श्री उन्नतिप्रभा जी म. सा., डा. श्री हेमप्रभा जी म. सा., डा. श्री सुप्रभा जी म. सा. आदि ने पूज्य गुरुदेव के
व्यक्तित्त्वएवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। पूज्य गुरुदेव सरल, गुणज्ञ, मधुरभाषी थे, अनेक गुणों की खान और श्रमण संघ की शान थे। युवाचार्य मधुकर मुनिजी यथा नाम -तथा गुण से परिलक्षित थे। 32 जैन आगमों का हिंदी भाषा में सरल अनुवाद - सम्पादन कर आपने आगमों को जन - जन के लिएपठनीय बनाया। जैन कथामाला के 51 भाग तथा सेंकडों पुस्तकों का लेखन कर, आपने जैन समाज को अनुग्रहित किया है।
जन्म शताब्दी वर्ष पर पूज्य गुरुदेव द्वारा लिखित जैन कथामाला श्री राम कथा पर आधारित खुली पुस्तक प्रतियोगिता के परिणाम भी घोषित हुए।इस प्रतियोगिता में लगभग 650 के करीब प्रतियोगियों ने भाग लिया। प्रथम विजेता श्री विनय जी गादिया, ब्यावर, द्वितीय विजेता श्री कुसुम जीफोफलिया, जयपुर, एवं तृतीय विजेता
श्री कल्पना जी गोठी, बेतुल एवं शीर्ष 10 प्रतियोगियों को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार के
प्रायोजक श्रीमान नवरतनमल जी कान्ता जी चोरड़िया, चेन्नई थे।
इस अवसर पर ब्यावर के वरिष्ट श्रावक श्री मदन सिंह जी कुम्भट को सम्मान पत्र देकर
बहुमान किया गया।
समारोह में अनेक श्रद्धालु गुरु भक्तों ने गुरुदेव के गुणगान गाकर श्रद्धासुमन अर्पित किये।
अहमदाबाद के संजीव नाहटा ने गुरु मधुकर जनमशताब्दी गीत प्रस्तुत किया। इस पुण्य स्मृति समारोह पर ब्यावर, अजमेर, किशनगढ़, जयपुर, पाली, जोधपुर, नागौर, अहमदाबाद, चेन्नई
आदि अनेक स्थानों से श्रावक - श्राविकाओं ने संघ सहित पधारकर गुरु चरणों में श्रद्धा भक्ति
अर्पित की।
महावीर चंद जी नाहटा ने नागौर श्री संघ की ओरसे पूज्य अर्चना सती मंडल से आगामी 2014 का चातुर्मास नागौर में करने की विनती प्रस्तुत की।
सभा का सफल संचालन संघ मंत्री श्री शांतिलाल सिंघवी ने किया। प्रभावना श्री चम्पालाल जी
प्रकाशचंद जी खारीवाल की तरफ से दी गयी।
आपका
शांतिलाल सिंघवी
मंत्री, कुशालपुरा – राजस्थान 9840227748