जन विकल्प का प्रकाशन : वह दुनिया और आज का दौर

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Pramod Ranjan

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Oct 21, 2022, 4:13:02 AM10/21/22
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मासिक जन विकल्प का प्रकाशन पटना से जनवरी, 2007 में शुरू हुआ और इसका अंतिम अंक उसी साल दिसंबर में आया। पत्रिका सिर्फ एक साल चली। उसमें भी एक अंक संयुक्तांक था। 10 सामान्य अंक निकले और एक अंक साहित्य वार्षिकी का प्रकाशित हुआ। इस प्रकार कुल 11 अंक प्रकाशित हुए। प्रेमकुमार मणि और मैं उसके संपादक थे।

'समय से संवाद' शीर्षक से इसके इस पुस्तकाकार संकलन तैयार करते हुए डेढ़ दशक पहले के उस दौर की याद आना स्वभाविक है...

पूरा लेख यहां : संक्रमण काल: डेढ़ दशक पहले निकली एक लघु-पत्रिका में प्रासंगिक तत्वों की तलाश का उद्यम
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