[मोक्ष मार्ग प्रकाशक] New comment on MMP Class Notes - देव भक्ति का अन्यथारुप - धर्म बु....

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Vikas

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Mar 9, 2010, 1:12:02 AM3/9/10
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आदि को रंजमात्र भी
आदि को रंचमात्र भी

केदेव आदी के गुण-अवगुण क्या हे
Comment: कुदेव के कुछ गुण तो है नहीं. लेकिन परीक्षा करने के लिए ऐसा देखते है की क्या कोई गुण कुदेव में है? ऐसा करने पर मालूम पड़ता है कि कुदेव में तो मात्र अवगुण ही है, एक भी गुण नहीं. तो सहज ही वह से राग -बुद्धि टूट जाती है.

Question: सांसरिक प्रयोजनार्थ धर्म करने वाला और यहाँ पुण्य की वांछा से धर्म करने वाले में क्या अंतर है, इसमे और क्या अंतर है?

अरिहंत और सामान्य केवली मे बाह्य भेद हो
तीर्थंकर और सामान्य केवली मे बाह्य भेद हो



Posted by Vikas to मोक्ष मार्ग प्रकाशक at March 8, 2010 10:12 PM
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