सर्वधर्म प्रार्थना
तु ही राम है, तु रहीम है, तु करीम कृ़ष्ण-खुदा हुआ ।
तु ही वाहे गुरु, तु इशु मसीह, हर नाम में तु समा रहा ।
तेरी जात पाक खुरान में, तेरा दर्श वेद पुराण में ।
गुरु-ग्रंथजी के बखान में, तु प्रकाश अपना दिखा रहा ।
अरदास के कहीं किर्तन, कहीं राम धुन कही आवहन ।
विधि वेद का यह सब रचन, तेरा भक्त तुझको बुला रहा ।
विधि- वेष जात के भेद से, हमें मुक्त करदो परम पिता ।
तुझे देख पाएँ सभी में हम, तु ध्या सके हम सभी जगह ।
तेरी गुण नहीं हम गा सकें, तुझे कैसे मन में ला सकें ।
है दुआ यही तुझे पा सकें, तेरे दर पे सिरसे झुका हुआ ।