| |
![]() | |
Event at Jaipur - 14th November 2009 |
Swarg tumhare hriday mein hai
प्रतिक्रिया, सुझाव, प्रश्न: संपर्क करें
ये प्रेरणादायक शब्द मुख्यतः श्री प्रेम रावत के सत्संग कार्यक्रमों, और कभी-कभी अन्य प्रमुख हस्तियों के उद्धरणों के अंश हैं.
श्री प्रेम रावत विलक्षण स्पष्टता और दृष्टि के साथ अपने मूल संदेश को लोगों तक पहुँचाते हैं. उनका मानना है कि जिस परम शांति को हम बाहर ढूँढ रहे हैं. वह पहले से ही हमारे अंदर है. ज़रूरत है तो उसको जानने की.
इस संदेश के प्रसार के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित किया है. छह महाद्वीपों पर अरबों लोगों के समक्ष उन्होंने अपना यह संदेश प्रस्तुत करते हुए उन्हें प्रेरणा दी है. अधिक जानें.
सदस्य बनें | असदस्य बनें | मित्रों को आमंत्रित करें | English | Español | Francés | Malagasy