सजीली साँझ का मौसम ,रंगीली रात का मौसम
उनीदी अधखुली पलकें
कपोलों पर झुकीं अलकें
पुरानी याद का मौसम, अधूरी बात का मौसम
सजीली साँझ का मौसम......
नयन में खिल रहे काजल
लहरता सुरमुई आँचल
तुम्हारे साथ का मौसम ,नई सौगात का मौसम
सजीली साँझ का मौसम.....
कोई मासूम बन बैठा
कोई यूँ ही गया लूटा
दिले बर्बाद का मौसम, खुले ज़ज़्बात का मौसम
सजीली साँझ का मौसम....
दबा कर होंठ के कोने
लगा दिल को मिरे छूने
बहकते राह का मौसम ,अजब हालात का मौसम
सजीली साँझ का मौसम.....
आनन्द पाठक ,जयपुर
एक गीत :सजीली साँझ का मौसम.....
सजीली साँझ का मौसम ,रंगीली रात का मौसम
उनीदी अधखुली पलकें
कपोलों पर झुकीं अलकें
पुरानी याद का मौसम, अधूरी बात का मौसम
सजीली साँझ का मौसम......
नयन में खिल रहे काजल
लहरता सुरमुई आँचल
तुम्हारे साथ का मौसम ,नई सौगात का मौसम
सजीली साँझ का मौसम.....
कोई मासूम बन बैठा
कोई यूँ ही गया लूटा
दिले बर्बाद का मौसम, खुले ज़ज़्बात का मौसम
On 18 नव, 14:54, चण्डीदत्त शुक्ल-chandidutt shukla
<chandiduttshu...@gmail.com> wrote:
> भाई आनंद
> बहुत सुंदर गीत
> गुलाबी संवेदनाएं
> आपके शहर की तरह ही...
>
> बधाई
>
> चण्डीदत्त शुक्ल
> दिल्लीwww.chauraha1.blogspot.com
>
> 2009/11/18 Bhoopendra singh <bksr...@gmail.com>
>
>
>
> > सुंदर रचना ,बधाई आनंद जी ,मेरी शुभ कामनाएं
> > Dr.bhoopendra
> > Rewa M.P
>
> > १५ नवम्बर २००९ ५:४२ AM को, anand pathak <akpathak3...@gmail.com> ने लिखा:
>
> >> एक गीत :सजीली साँझ का मौसम.....
>
> >> सजीली साँझ का मौसम ,रंगीली रात का मौसम
>
> >> उनीदी अधखुली पलकें
> >> कपोलों पर झुकीं अलकें
> >> पुरानी याद का मौसम, अधूरी बात का मौसम
> >> सजीली साँझ का मौसम......
> >> नयन में खिल रहे काजल
> >> लहरता सुरमुई आँचल
> >> तुम्हारे साथ का मौसम ,नई सौगात का मौसम
> >> सजीली साँझ का मौसम.....
> >> कोई मासूम बन बैठा
> >> कोई यूँ ही गया लूटा
> >> दिले बर्बाद का मौसम, खुले ज़ज़्बात का मौसम
>
> >> सजीली साँझ का मौसम....
> >> दबा कर होंठ के कोने
> >> लगा दिल को मिरे छूने
> >> बहकते राह का मौसम ,अजब हालात का मौसम
> >> सजीली साँझ का मौसम.....
>
> >> आनन्द पाठक ,जयपुर- उद्धृत पाठ छिपाएँ -
>
> उद्धृत पाठ दिखाए
On 18 नव, 15:22, DEEPAK KUMAR <deepak22041...@gmail.com> wrote:
> very good art anand ji..
>
> On 2009-11-18, Bhoopendra singh <bksr...@gmail.com> wrote:
>
>
>
>
>
>
>
> > सुंदर रचना ,बधाई आनंद जी ,मेरी शुभ कामनाएं
> > Dr.bhoopendra
> > Rewa M.P
>
> > १५ नवम्बर २००९ ५:४२ AM को, anand pathak <akpathak3...@gmail.com> ने लिखा:
>
> >> एक गीत :सजीली साँझ का मौसम.....
>
> >> सजीली साँझ का मौसम ,रंगीली रात का मौसम
>
> >> उनीदी अधखुली पलकें
> >> कपोलों पर झुकीं अलकें
> >> पुरानी याद का मौसम, अधूरी बात का मौसम
> >> सजीली साँझ का मौसम......
> >> नयन में खिल रहे काजल
> >> लहरता सुरमुई आँचल
> >> तुम्हारे साथ का मौसम ,नई सौगात का मौसम
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> >> दिले बर्बाद का मौसम, खुले ज़ज़्बात का मौसम
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> >> दबा कर होंठ के कोने
> >> लगा दिल को मिरे छूने
> >> बहकते राह का मौसम ,अजब हालात का मौसम
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>
> >> आनन्द पाठक ,जयपुर
>
> --
> lets see wattcha got- उद्धृत पाठ छिपाएँ -
आपका अपना ही,
रेक्टर कथूरिया (rectork...@gmail.com)
१७-११-०९ को, Bhoopendra singh <bks...@gmail.com> ने लिखा:
--
Rector Kathuria