गूगल बुक्स क्या है।

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Dr.Rawat

unread,
Nov 8, 2014, 9:15:20 PM11/8/14
to hindian...@googlegroups.com
साथियो

हिंदी गूगल में खोजने पर जैसे कुछ पुस्तकें पीडीएफ में मिलती है

मेरी शंका यह है कि क्या ये किताबें हिंदी में लिखी होती हैं और नैट पर रखी गई हैं
या किताबें अंग्रेजी में हैं और गूगल इनका तुरंत अनुवाद करके दर्शाता है।

इन किताबों के पेजों से कोई सामग्री कॉपी-पेस्ट नहीं हो पाती है.. एक हाथ का पंजा
पूरी सामग्री को ऊपर नीचे करता है...अगर वहां से कोई सामग्री ली जाए तो क्या
वह मूल किताब की सामग्री होगी या अनूदित...। जैसे कि उक्त लिंक की हिंदी और वाक्य
विन्यास देख कर लग रहा है कि यह मूल भाषा नहीं है। 


सादर

RAJU GUPTA

unread,
Nov 8, 2014, 9:25:46 PM11/8/14
to hindian...@googlegroups.com

नमस्कार,

ये किताबें हिंदी में लिखी होती हैं और नेट पर रखी गई हैं. इमेज के रुप मेँ होने के कारण कॉपी पेस्ट की सुविधा नहीं होती है.

सादर,
राजू गुप्ता

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Anand

unread,
Nov 8, 2014, 10:08:24 PM11/8/14
to हिंदी अनुवादक (Hindi Translators)
गूगल बुक्‍स सामान्‍य पी.डी.एफ. नहीं होते। इसे यूँ समझें कि गूगल की किताबों का प्रचार प्रसार करने और बेचने की दुकान है। इसके अंतर्गत ये चुनींदा पुस्‍तकों की पाठ्य सामग्री स्‍कैन कर नेट में डालते हैं। यह सामग्री कॉपी-पेस्‍ट नहीं की जा सकती, डाउनलोड भी नहीं की जा सकती, जिससे इनके व्‍यावसायिक हित प्रभावित नहीं हो सकते। आप केवल इन्‍हें स्‍क्रीन पर पढ़ सकते हैं। वह भी पूरा नहीं, सैम्‍पल के तौर पर कुल सामग्री का केवल 10-20 प्रतिशत। पूरा पढ़ने या किताब खरीदने के लिए संबंधित लिंक भी साथ में दिए होते हैं। 

तारीफ की बात यह है कि यदि 400 पेज की किताब है तो आप 40-50 पेज फ्री में उपलब्‍ध होते हैं। साथ इसकी सामग्री सर्च योग्‍य होती है, स्‍क्रीन पर लगता है कि फोटो स्‍कैन की गई लेकिन साथ ही कुछ एेसी व्‍यवस्‍था भी है कि इसके शब्‍द गूगल बुक्‍स के सर्च में खोजें, तो इसके शब्‍द सर्च इंजन द्वारा खोजे जा सकते हैं। इसका अर्थ यह है कि से केवल फोटो स्‍कैन नहीं हैं, बल्कि समानांतर रूप से इनसे ओ.सी.आर. के जरिए पाठ भी निष्‍कर्षित किया गया है, और इंडैक्‍स में भी डालने की युक्ति की गई है। यह तो गूगल का ही जिगरा है कि उन्‍होंने हिंदी की लगभग तमाम प्रकाशकों को अपने पुस्‍तकों को उपलब्‍ध कराने, स्‍कैन और इन्‍हें खोज योग्‍य बनाने का काम किया है। 

पुस्‍तकों के मार्केटिंग वाली अन्य साइटों में आप केवल कवर पेज, फ़्लैप या समीक्षाएँ ही देख सकते हैं, यहाँ 30-40 पेज पढ़ भी सकते हैं। इसमें पूरे-पूरे चैप्‍टर भी आ जाते हैं।

- आनंद

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