इन्स्क्रिप्ट के संबंध में श्री चटर्जी के विचार भारत सरकार की नीति को भी स्पष्ट करते हैं.

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Vijay K. Malhotra

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Feb 10, 2011, 2:12:50 AM2/10/11
to hindi-...@googlegroups.com
श्री  चन्दन कुमार चटर्जी इस समय भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में संयुक्त निदेशक (राजभाषा) के रूप में कार्यरत हैं. उनके विचार भारत सरकार की नीति को भी स्पष्ट करते हैं.
.कदाचित् कुछ लोगों को यह जानकारी नहीं है कि भारतीय मानक ब्यूरो (Indian Beauro of Standard )  ने हिंदी कंप्यूटिंग के  मानक कुंजीपटल के रूप में इन्स्क्रिप्ट कुंजीपटल को ही मान्यता दी है. और यह 
कुंजीपटल उर्दू को छोड़कर ब्राह्मी से उद्भूत सभी भारतीय लिपियों के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है. 
.यह अत्यंत वैज्ञानिक और भारतीय वर्णमाला के अनुरूप है.
 
श्री चटर्जी ने इस मंच पर पहली बार अपना मौन तोड़ा है.इसलिए वे साधुवाद के पात्र हैं.
विजय


2011/2/10 Chatterjee, Chandan DIT <cchat...@mit.gov.in>
बालेन्दुजी का 'थोड़ा लम्बा' लेकिन सटीक वैज्ञानिक जवाब वास्तव में सराहनीय है।
 
हम जब बाजार में कोई भी सामान खरीदने के लिए जाते हैं तब उसमें ISI या ISO या Agmark के चिह्न यह सुनिश्चित करने के लिए ढूँढ़ते हैं कि वह वास्तव में सरकार द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार है या नहीं। कम्प्यूटर के मामले में INSCRIPT Key board layout ऐसा ही एक ISI मानक है और यह केवल हिन्दी के लिए ही नहीं बल्कि सभी भारतीय भाषाओं के लिए लागू होता है।
 
वस्तुतः हमारी संस्कृति ही ऐसी बन गई है कि हम पुरानी चीज़ों को आसानी से छोड़ना नहीं चाहते और नई का विरोध करना शुरू कर देते हैं। लेकिन अपने सामान्य जीवनयापन में ही  हम यह भूल जाते हैं कि कुछ साल पहले तक अपने परिवारजनों तथा मित्रों के साथ हमारे सम्पर्क का जरिया पत्र हुआ करते थे लेकिन मोबाइल के जरिए SMS के आने से हमने उसे खुले दिल से अपना लिया क्योंकि यह आपसी पत्राचार की एक आसान एवं  तीव्र पद्धति है और इस क्रम में पत्र लिखना ही लगभग भूल बैठे हैं । इस SMS को सीखने में भी हमें कुछ तो समय लगा ही है, तब कम्प्यूटर के मामले में INSCRIPT को अपनाने का यह विरोध क्यों?
 
 INSCRIPT को अन्तिम रूप देने में लगभग 10 साल लग गए और इस कार्य में कई वैज्ञानिक जुटे थे। वास्तव में इसे इतने वैज्ञानिक रूप में बनाया गया है कि हिन्दी टाइपिंग के मामले में काला अक्षर भैंस बराबर वाला व्यक्ति भी यदि इसे गम्भीरता से सीखे तो एक सप्ताह में वह इसमें प्रवीण बन सकता है और वह भी सभी भारतीय भाषाओं के लिए। टाइपराइटर के मामले में ऐसा नहीं है क्योंकि प्रत्येक भाषा के टाइपराइटर का Key board layout अलग-अलग होता है। 
 
चन्दन कुमार चटर्जी
संयुक्त निदेशक
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग

----- Original Message -----
From: "Vijay K. Malhotra" <malho...@gmail.com>
Date: Wednesday, February 9, 2011 10:40 pm
Subject: {हिंदी-विमर्श:3561} इनस्क्रिप्ट पर एक दिलचस्प सवाल और थोड़ा लंबा जवाब
To: Hindi Vimarsh <hindi-...@googlegroups.com>
Cc: "Puneet Raheja (Team Lease)" <i-pu...@microsoft.com>, Pradeep Parappil <pra...@microsoft.com>, Mahesh Kulkarni <m...@cdac.in>

> देखिए बालेंदु जी ने कितनी सूक्ष्मता से इन्स्क्रिप्ट कुंजीपटल के वैज्ञानिक तथ्यों का उद्घाटन किया है.
> विजय
>
> ---------- Forwarded message ----------
> From: बालेन्दु | Balendu <bal...@gmail.com>
> Date: 2011/2/9
> Subject: {हिंदी-विमर्श:3560} इनस्क्रिप्ट पर एक दिलचस्प सवाल और थोड़ा लंबा जवाब
> To: Hindi Vimarsh <hindi-...@googlegroups.com>
>
>
> नमस्कार। बुडापेस्ट विश्वविद्यालय से विजया सती जी ने से पूछा है कि भला वे इनस्क्रिप्ट की बोर्ड का इस्तेमाल क्यों करें, क्योंकि 'विजया' शब्द लिखने के लिए Bfp/e कुंजियों को दबाना किसी भी तर्क से परे लगता है।
>  
> सामान्य यूज़र की भाषा में मेरा जवाब यह था (यहां संदर्भ के लिए पोस्ट किया गया है)-
>  
> आपकी उलझन मैं समझता हूं। किंतु 'विजया' लिखने के लिए bfp/e कुंजियां दबाने के पीछे तर्क यह है-
>  
> जिस कुंजी को आप B के रूप में identify कर रहे हैं वह सिर्फ एक कुंजी है जो विद्युतीय संकेत पैदा करती है, कोई अक्षर पैदा नहीं करती। हम इसे इस रूप में जानते हैं तो इसलिए कि उस पर B छपा हुआ है और दबाने से अंग्रेजी का B अक्षर टाइप होता है। लेकिन कंप्यूटर की नज़र में तो वह बस एक बटन मात्र है। इसे किसी एक अक्षर या किसी एक भाषा के साथ जोड़कर मत देखिए। जब हम अंग्रेजी में काम करते हैं तो पूर्व निर्धारित निर्देशों के आधार पर कंप्यूटर समझ जाता है कि आप अंग्रेजी का B अक्षर लिखना चाहते हैं। वह एक खास विद्युतीय संकेत का interpretation B अक्षर के रूप में कर रहा है। सवाल सिर्फ इंटरप्रिटेशन का है।
>  
> जब आप हिंदी में काम करते हैं (इनस्क्रिप्ट इसका स्वाभाविक तरीका है) तब पुनः पूर्व निर्धारित निर्देशों के आधार पर कंप्यूटर जानता है कि उसे इस बार दूसरी भाषा के नियमों का पालन करते हुए भिन्न तरीके से यह इंटरप्रिटेशन करना है। अब B दबाने पर वह 'व' टाइप करता है। दोनों ही स्थितियों में उसे सिर्फ विद्युतीय संकेत मिले थे। उसने भाषायी इंटरप्रिटेशन तालिका से संदर्भ लेते हुए उन्हें संबंधित भाषाओं के अक्षरों में बदल दिया। इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है।
>  
> एक और उदाहरण देखिए। ऐसे कंप्यूटर प्रोग्राम भी आते हैं जिनके जरिए कीबोर्ड का प्रयोग संगीत के लिए किया जा सकता है। जब आप A कुंजी दबाते हैं तो 'सा' और S दबाने पर 'रे' निकलता है। आप पूछेंगे कि ऐसा क्यों होना चाहिए A दबाने पर तो सिर्फ A टाइप होना चाहिए, 'सा' का उच्चारण कैसे हो रहा है। असल में यहां भी कहानी वही interpretation की है। यानी कंप्यूटर को नहीं पता कि आप उससे क्या करवा रहे हैं, वह तो सिर्फ विद्युतीय संकेतों को सॉफ्टवेयर के निर्देशानुसार शब्दों या ध्वनि में बदल रहा है।
>  
> कहने का अर्थ यह है कि जिस कुंजी पर B लिखा है, वह B अक्षर के लिए आरक्षित नहीं है। अलग-अलग भाषा में वह अलग-अलग अक्षर टाइप करने के काम आएगी। हर भाषा का अपना चार्ट होता है जो अंग्रेजी से पूरी तरह स्वतंत्र होता है। वैसे ही, जैसे हिंदी वर्णमाला का अंग्रेजी वर्णमाला से कोई संबंध नहीं है। हिंदी वर्णमाला हिंदी भाषा के अधिक अनुकूल है। कोई यह नहीं कह सकता कि इसमें पहला अक्षर क क्यों है, अ क्यों नहीं। दोनों का स्वतंत्र अस्तित्व है, स्वतंत्र नियम हैं। हिंदी अगर भाषा के रूप में अंग्रेजी से स्वतंत्र रहकर चल सकती है तो कंप्यूटर पर ऐसा क्यों संभव नहीं हो? इनस्क्रिप्ट के तहत हर कुंजी को अलग-अलग अक्षर दिए गए हैं जो अंग्रेजी के अक्षरों से सामन्जस्य नहीं रखते। रखें भी क्यों? हिंदी उपयोक्ता की जरूरतें, काम करने के तरीके, परिपाटियां आदि अलग हैं। उसका कीबोर्ड उसकी अपनी जरूरत के हिसाब से डिजाइन किया जाना जरूरी था, और वही हुआ। इसमें सारी मात्राएं बाईं तरफ रखी गई हैं। एक तो उनकी जरूरत कम पड़ती है इसलिए और दूसरे, साथ-साथ रहने के कारण याद रखने में आसानी होती है।
>  
> इसी तरह, अधिक काम आने वाले अक्षर उन कुंजियों पर रखे गए हैं जो जिन्हें दबाने में हमें ज्यादा आसानी होती है। आधे अक्षरों को बनाने के लिए हलंत का वैज्ञानिक प्रयोग हुआ है जिसने हिंदी की कंप्यूटरीय वर्णमाला में अलग से आधे अक्षर रखने की जरूरत ही खत्म कर दी। कोई भी पूर्ण अक्षर दबाएं और हलंत टाइप करें तो वह स्वतः आधा अक्षर बनाता है। आप इतने सारे आधे अक्षरों की कुंजियां याद करने से बच गए। फिर अल्पप्राण और महाप्राण अक्षर एक ही कुंजी पर रखे गए हैं और Shift कुंजी का प्रयोग उन्हें अलग करता है। सिर्फ अल्पप्राण का चार्ट याद कर लें तो पूरी वर्णमाला की कुंजियां याद हो जाएंगी। मात्राओं के चिह्न और अक्षर एक ही कुंजी पर रहते हैं- जैसे इ और ि दोनों एक ही कुंजी पर हैं, सिर्फ शिफ्ट की दबाने से दोनों अलग-अलग identify होते हैं। लीजिए आपको पूरी मात्राएं भी याद नहीं करनी पड़ीं, सिर्फ आधी से काम चल गया।  अक्षर याद करना काफी है  क्योंकि मात्रा भी तो उसी कुंजी पर मौजूद है। ऐसी और भी बहुत सारी वैज्ञानिक और व्यावहारिक खूबियां हैं इनस्क्रिप्ट में, जिन पर अलग से चर्चा की जा सकती है।
>  
> हम B लिखी कुंजी को व के रूप में identify इसलिए नहीं कर पाते क्योंकि उस पर  'व' अंकित नहीं है। यह सरकारी ढिलाई की वजह से है। इसकी सजा हम हिंदी को नहीं दे सकते। अन्य भाषाओं में कीबोर्ड पर अंग्रेजी के साथ-साथ संबंधित भाषा के अक्षर भी अंकित रहते हैं।
>  
> इनस्क्रिप्ट हिंदी में तेजी से काम करना संभव बनाता है और बहुत आसान भी। एक शब्द को ट्रांसलिटरेशन पद्धति से टाइप करने में अधिक कुंजियां दबाने की जरूरत पड़ेगी, इनस्क्रिप्ट की बनिस्पत। क्योंकि यही हिंदी के लिए सबसे अनुकूल टाइपिंग पद्धति है। हम ट्रांसलिटरेशन को अपनी निजी सुविधा की वजह से अपनाते हैं, किसी वैज्ञानिक या तकनीकी कारण से नहीं। ट्रांसलिटरेशन हिंदी में काम करने का आधिकारिक तरीका नहीं है। वह तो हमने लाभ के लिए ईज़ाद किया है। इनस्क्रिप्ट हिंदी की अपनी पहचान है। यही वजह है कि चाहे इस्की हो या फिर यूनिकोड एनकोडिंग, सबमें सामान्य रूप से इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड लेआउट ही मौजूद होता है। ट्रांसलिटरेशन पद्धति को हमें अलग से सक्रिय करना पड़ता है।
>  
> इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड को आप यहां देख सकते हैं-
>  
>  
> शुभकामनाओं सहित, सादर,
>  
> बालेन्दु शर्मा दाधीच
>
>
>
> --
> विजय कुमार मल्होत्रा
> पूर्व निदेशक (राजभाषा),
> रेल मंत्रालय,भारत सरकार
> Vijay K Malhotra
> Former Director (Hindi),
> Ministry of Railways,
> Govt. of India
> आवास का पता / Residential Address:
> Vijay K Malhotra
> WW/67/SF,
> MALIBU TOWNE,
> SOHNA ROAD,
> GURGAON- 122018
> Mobile:91-9910029919
>           91-9311170555
> फोन: 0124-4104583
>
> URL<www.vijaykmalhotra.mywebdunia.com>



--
विजय कुमार मल्होत्रा
पूर्व निदेशक (राजभाषा),
रेल मंत्रालय,भारत सरकार
Vijay K Malhotra
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abhishek singhal

unread,
Feb 10, 2011, 2:59:21 AM2/10/11
to hindian...@googlegroups.com
एक सप्ताह में इनस्क्रिप्ट पर प्रवीणता की बात से मैं शत प्रतिशत सहमत हूं.. मैंने इसे दो दिन में सीखा था और मेरे कई साथियों को मैंने तीन चार दिन में इस पर आसानी से काम करते देखा है। वाकई यह बहुत आसान और सहज है। हालांकि इसमें अभी भी अंग्रेजी से हिन्दी में आ गए कुछ चिन्हों जैसे इनवाटेड कोमा को जोड़ने की गुंजाइश जरूर है। क्योंकि हम अक्सर भाषा में इनवाइटेड का इस्तेमाल करत हैं।
सादर

2011/2/10 Vijay K. Malhotra <malho...@gmail.com>

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abhishek singhal
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Vinod Sharma

unread,
Feb 10, 2011, 3:16:47 AM2/10/11
to hindian...@googlegroups.com

श्री  चन्दन कुमार चटर्जी और बालेन्दुजी दोनों ही साधुवाद के पात्र हैं.
कुछ संकेत अभी भी शामिल होने से रह गये हैं, जैसे ? ; :( ) ' '  " "
इन सभी का हिंदी लेखन में अत्यधिक उपयोग होता है, अतः इनस्क्रिप्ट
कीबोर्ड में इनके समावेश हेतु भी प्रयास किये जाने चाहिये.
2011/2/9 abhishek singhal <abhi19...@gmail.com>



--
Vinod Sharma
gtalk: vinodjisharma
skype:vinodjisharma

ePandit | ई-पण्डित

unread,
Feb 10, 2011, 10:35:50 AM2/10/11
to hindian...@googlegroups.com
बालेन्दु जी से सहमत हूँ कुञ्जी पर B लिखा होने से B नहीं छपता बल्कि सॉफ्टवेयर में प्रयुक्त निर्देशों के अनुसार छपता है। विजया जी का तर्क मानें तो संसार की विभिन्न भाषाओं के जो कीबोर्ड हैं वे सब गलत हो जायें। यहाँ तक कि अंग्रेजी के भी क्वर्टी से भिन्न और कीबोर्ड है जैसे DVORAK आदि।

वैसे विजया जी का संशय उन्हें इन्स्क्रिप्ट लेआउट वाले देवनागरी वर्ण अंकित कीबोर्ड दिखाकर दूर किया जा सकता है, इस प्रकार के कीबोर्ड टीवीऍस कम्पनी द्वारा बनाये गये हैं जिन्हें आप नेहरु प्लेस दिल्ली से खरीद सकते हैं या ऑनलाइन मंगवाया जा सकता है। इसके दो मॉडल हैं एक ३०० रुपये वाला एक १३५० रुपये वाला, अधिक जानकारी इस लिंक पर देखें। 

कीबोर्ड का चित्र यहाँ देखें।

इस पर B वाली कुञ्जी पर "व" भी छपा मिलेगा फिर विजया जी नहीं कह सकेंगी कि व के लिये B क्यों दबायें। :-)

१० फरवरी २०११ १:४६ अपराह्न को, Vinod Sharma <vinodj...@gmail.com> ने लिखा:



--
Shrish Benjwal Sharma (श्रीश बेंजवाल शर्मा)
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
If u can't beat them, join them.

ePandit: http://epandit.shrish.in/

prashant dhyani

unread,
Feb 28, 2011, 12:22:58 PM2/28/11
to hindian...@googlegroups.com
नमस्कार

मैं कई वर्षों से रेमिंगटन पर ही कार्य कर रहा था, जब इंस्क्रिप्ट के बारे में पता चला तो सोचा कि इतना हल्ला हो रहा है तो ट्राई मार लेते हैं, शुरु में काफी परेशानी हुई लेकिन कुछ दिनों में ही रेमिंगटन और इंस्क्रिप्ट में फर्क समझ आ गया। हालांकि पहले से टाइपिंग गति कम हुई है पर मुझे यकीन है कि जल्द ही पुरानी गति से टाइप करने में सक्षम हो जाऊँगा। अब तो मैंने अपने कार्यालय में भी इंस्क्रिप्ट का जोर-शोर से प्रचार प्रारम्भ कर दिया है और कई कार्यशालाओं में इस विषय पर व्याख्यान भी दे चुका हूँ। मैं इसके लिए इस समूह का हृदय से आभारी हूँ। आप सभी के प्रयासों से मै यह जान पाया और अब अन्य कार्मिकों को भी सिखा पा रहा हूँ। 

एक विनती है - मेरा तकनीकी ज्ञान तो अधिक नहीं है पर क्या ये सम्भव है कि इंस्क्रिप्ट में जो कमियाँ रह गई हैं (जैसे प्रश्न चिह्न, और अन्य चिह्नों के लिए अंग्रेजी के की-बोर्ड पर निर्भरता ) वे दूर हो पाएंगी, यदि हाँ तो क्या इसके लिए प्रयास जारी हैं।
इंडिक 2 में रेमिंगटन की-बोर्ड से टाइप करते समय नंबर पैड से टाइप करने पर अंतर्राष्ट्रीय अंक नहीं आते, कोई समाधान हो तो कृपया बताएं। 

सादर
प्रशान्त ध्यानी
2011/2/10 ePandit | ई-पण्डित <sharma...@gmail.com>
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