-----Original Message-----
From: Arvind Kumar [mailto:
samant...@gmail.com]
Sent: Thursday, September 27, 2012 6:03 AM
To: '
shabdc...@googlegroups.com'
Subject: RE: [शब्द चर्चा] Re: दो शब्द रांड, रंडापा - कन्नड़ से आयातित शब्द है शायद
मेरे ख़्याल में ऐसा नहीँ है. मुझे एक बार बताया गया था (या मैं ने बहुत पहले कहीं पढ़ा था) वेश्या के संदर्भ में रंडी शब्द कन्नड़ से आया था. वहाँ इस का अर्थ सम्माननीय स्त्री होता है शायद. हम लोग वेश्याओं को बाई या बाई जी कहते थे. वे तहज़ीब की प्रतीक भी मानी जाती थीं. ऐसा ही यह कन्नड़ शब्द कहा जाता है.
इसी बात को आगे बढ़ाएँ तो रंडी (विधवा) सम्माननीय स्त्री हो जाता है. लेकिन वैधव्य हमारे यहाँ दुःख का और दुर्भाग्य का प्रतीक बन गया है.
शुभ कामनाओँ सहित आप का
अरविंद कुमार
प्रधान संपादक, अरविंद लैक्सिकन - इंटरनैट पर हिंदी इंग्लिश महाथिसारस
सी-18 चंद्र नगर
गाज़ियाबाद 201 011
टेलिफ़ोन - लैंडलाइन (0120) 411 0655 - मोबाइल 09716116106
E-mail:
samant...@gmail.com
Website:
http://arvindlexicon.com
-----Original Message-----
From:
shabdc...@googlegroups.com [mailto:
shabdc...@googlegroups.com] On Behalf Of Baljit Basi
Sent: Thursday, September 27, 2012 2:45 AM
To: शब्द चर्चा
Subject: [शब्द चर्चा] Re: दो शब्द रांड, रंडापा
पंजाबी में विधवा परुष को 'रंडा' और विधवा स्त्री को 'रंडी' कहा जाता
है. स्त्री के लिए 'रंडी' शब्द अपमानजनक इस तरह हुआ लगता है कि 'रंडी'
को मजबूरन वेसवा का धंदा करना पड़ता होगा. रंडी के 'कोठे' होते हैं.
इसलिए रंडी का पंजाबी में अर्थ कोठे वाली, वेसवा भी है. 'रंडीबाजी'
वेसवागमनी है और रंडीबाज़ ऐसा धंदा करवाने वाला है. 'रंडी रोने' का अर्थ
मजबूर आदमी के दुखड़े हैं 'रंडी पावे भंडी' का अर्थ भी ऐसा ही है. रंड
से बिगड़ा पंजाबी में 'रन' शब्द भी इस्तेमाल होता है. इसका अर्थ विवाहित
औरत, पतनी होता है. 'रन-मुरीद' पतनी के पीछे लगाने वाला मर्द है. 'रन
न कन्न' मुहावरे का अर्थ होता है जिस की पतनी या और कोई घरेलू जिमेवारी न
हो. लेकिन रन भी कुछ अपमानजनक अर्थों में प्रयुक्त होता है.'हुंदे
आए नी रनां दे धुरों कारे' मतलब कि स्त्री सब बुराईओं , लड़ाईओं की
जड़ है. कन्या और कनीज़ के भी ऐसे ही अर्थ बिगड़े हैं. आपटे की निरुक्ति
सही मालूम होती है.
On 26 सित, 10:54, Abhay Tiwari <
abhay...@gmail.com> wrote:
> वैसे तो आप्टे के कोश में रंडः शब्द मिलता है जिसके चार अलग-अलग अर्थ दिए हैं-
> १. पुरुष जो निःसन्तान मरे
> २. बंजर वृक्ष
> ३. पुंश्चली (चरित्रहीन स्त्री)
> ४. विधवा
>
> रंडः की निरुक्ति इस तरह की गई है- रम्+ड ;
>
> रम् का मूल अर्थ प्रसन्न रहना है।
>
> पर मेरे विचार से रांड आदि शब्दो का संबध रुंड से भी मुमकिन है जिसका अर्थ है
> सर कटा शरीर या धड़।