अग्रेषित : अरविंद सहज समांतर कोश

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Dec 11, 2010, 4:37:29 AM12/11/10
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हिन्दी भाषा विचार के विभिन्न पक्षों पर प्रकाशित ग्रंथों का परिचय देने वाली श्रृंखला -- सं. दो
 
अरविंद सहज समांतर कोश
  शब्दकोष भी - थिसारस भी
अरविंद कुमार -- कुसुम कुमार
( राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली,प्र.सं. २००६, पृ.सं. १०१२, मूल्य ३९५.००)
 
आधुनिक हिन्दी का एकमात्र प्रामाणिक विस्तृत  थिसारस-सह-शब्दकोष
मुख्य विशेषताएं :--
आवश्यक जानकारी से भरपूर संक्षिप्त ज्ञान विज्ञान कोश
शब्दार्थ कोश, समांतर कोश और इंडेक्स एक साथ
सम्बद्ध तथा विपरीत शब्दों  के क्रॉस रेफेरेंस
ढेर सारे मुहावरे और वाक्यांश
भारतीय और अन्तरराष्ट्रीय शब्दमालिका
बदलते परिवेश में अधुनातन प्रामाणिक शब्दावली
७८,९९५ चुनी हुई अभिव्यक्तियाँ, कुल पौने पांच लाख से अधिक शब्द
 
यह मूलतः थिसारस या समांतर कोश है जिसमें सामग्री का संयोजन शब्दकोष में व्यवहृत अकारादि क्रम में किया गया है और अतएव शब्दकोष का भी काम करता है. यह ऐसा सन्दर्भ ग्रन्थ है जो निम्नलिखित स्थितियों में, सही, उपयुक्त,स्वीकार्य,और सौष्ठवपूर्ण अभिव्यक्ति के चयन में अपेक्षित सहायता प्रदान करता है --
१) जब सही-उपयुक्त शब्द ठीक से याद न आए
२) जब कथ्य पर बल देने के लिए आवश्यकता हो एक जैसे कई शब्दों की ताकि बात को अनेक प्रकार से या मिलते-जुलते अर्थ वाले अनेक शब्दों द्वारा कहा जा सके
३) अनौपचारिक शब्द के लिए औपचारिक शब्द चाहिए, या इसके विपरीत औपचारिक के लिए
अनौपचारिक
४) जब हमें सम्बद्ध शब्दों की आवश्यकता हो, कभी विपरीत शब्दों की
५)जब हमें  मन  में घूमते धुंधले-से  अर्थ को स्पष्ट अर्थ देते शब्द की आवश्यकता हो
संक्षेप में : " यह (कोश) शब्द को अर्थ,अर्थ को शब्द और भाव को अभिव्यक्ति देता है.विस्मृत को स्मृत कराता है. यह अपने आप में इंडेक्स भी है--किसी एक शब्द से अन्य  अनेक पर्यायों तक पहुंचाता है, सम्बद्ध शब्द(सपर्याय) बताता है और विपरीत शब्द (विपर्याय) का संकेत भी देता है."
 
सामान्य छात्रों के अतिरिक्त विविध प्रकार के हिन्दीभाषा-कर्मियों -- पत्रकारों, लेखकों, अनुवादकों,विज्ञापन-कर्मियों, प्रथम/द्वितीय/विदेशी भाषा के रूप में हिन्दी के शिक्षकों और वि.वि. प्राध्यापकों -- के लिए अपरिहार्य संदर्भग्रंथ
 
लेखक परिचय : श्री अरविंद कुमार -- १९६३ से १९७३ तक हिन्दी सिने पत्रिका "माधुरी" के सम्पादक. अनंतर स्वतंत्र रूप से कोश निर्माण के कार्य में संलग्न हिन्दी में थिसारस या समांतर कोश की धारणा के प्रवर्तक तथा प्रथम "समांतर कोश" (१९९६) के निर्माता .हिन्दी में मौलिक कोश निर्माण के क्षेत्र में मूर्धन्य नाम.. श्रीमती कुसुम कुमार (धर्मपत्नी)-- सहकर्मी तथा सहलेखक. कुमार दम्पती की नवीनतम कृति: "पेंगुइन इंग्लिश-हिन्दी/हिन्दी-इंग्लिश थिसारस एंड डिक्शनरी" (पेंगुइन इंडिया,नई दिल्ली , २००७)
 
परिचय-प्रस्तुति  : सुरेश कुमार

-- 
Prof Suresh Kumar
A-45, Welcome Apartments
Sector 9, Rohini
Delhi-110085
(011-2756-9975)
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