प्रति,
ग्राहक सेवा अधिकारी / उपभोक्ता देखभाल कार्यकारी
गोदरेज इंडस्ट्रीज
लि.
पिरोजशा नगर, पूर्वी द्रुतगति राजमार्ग,
विक्रोली,
मुंबई -
400079, भारत.
दूरभाष:
+91-22-2518 8010/2518 8020/2518 8030
फैक्स:
+91-22-2518 8074
मान्यवर,
भारत में ५६ करोड़ से अधिक लोगों की मातृभाषा हिन्दी है साथ ही इसके अलावा ४० करोड़ अतिरिक्त लोगों द्वारा हिन्दी बोली और समझी जाती है. अर्थात लगभग १०० करोड़ हिन्दी अच्छे से जानते -समझते हैं.
भारत में आप उत्पाद/सेवा के डिब्बे/पैक आदि सबकुछ अंग्रेजी में ही छापते हैं. ९५% उपभोक्ता उत्पाद के डिब्बे-लेबल पर लिखी हुई बातें समझ नहीं सकते.
छोटे शहरों के निवासियों, ग्रामीणों व आदिवासियों के लिए तो यह एक अजूबे से कम नहीं है ! जब हिन्दी कदम-दर-कदम भारत की संपर्क भाषा के रूप स्थापित हो चुकी है. बड़ी-छोटी निजी कंपनियों और फर्मों/संस्थाओं द्वारा बेचे जाने वाले हर उत्पाद/सेवा के डिब्बे/पैक आदि पर उत्पाद/सेवा का नाम, मूल्य, निर्माण-अवसान तिथि, उत्पाद के अन्य सभी विवरण (पोषक तत्व, घटक पदार्थ, इस्तेमाल का तरीका आदि) सबकुछ आज केवल अंग्रेजी में ही उपलब्ध करवाया जाता है अर्थात अंग्रेजी के नाम पर पूरे देश में ग्राहकों को ठगा जा रहा है. क्या इसे आप 'कस्टमर केयर' कहते हैं? जब तक ग्राहक को उसकी भाषा में जानकारी नहीं दी जाती गोदरेज इंडस्ट्रीज लि. भारत के ग्राहकों /उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखने में नाकाम रहेगी.
उत्पाद/सेवा के डिब्बे/पैक आदि पर सभी जानकारी अपनी भाषा में हो तो काफी समस्याएं कम हो सकती हैं लेकिन विडम्बना है कि भारत सरकार ने देश में उपभोक्ता उत्पाद –सेवा देने वाली कंपनियों और फर्मों/संस्थाओं के कामकाज में हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषाओं के प्राथमिकता के आधार पर प्रयोग के लिए अनिवार्य कानून नहीं बनाया. और ऊपर से आपकी कंपनी टीवी /रेडियो पर विज्ञापन तो हिन्दी अथवा अन्य भारतीय भाषाओं में करती है पर उत्पाद पर कुछ भी हिन्दी में नहीं लिखा जाता. यह अन्याय कब तक चलेगा ?
ग्राहकों को उपभोक्ता उत्पाद –सेवा की यथेष्ट जानकारी अपनी भाषा में मिलने लगे तो उसमें बुराई क्या है? भारत को छोड़ दिया जाए तो दुनिया के सभी विकसित देशों (जापान, चीन, दुबई, अरब, फ्रांस, इंग्लैण्ड, सिंगापुर, जर्मनी, जिनमें से कई भारत के महानगरों से भी छोटे हैं) में उपभोक्ता उत्पाद –सेवा की यथेष्ट जानकारी संबन्धित देश की भाषा में देना-लिखना-छापना अनिवार्य है.
आपकी कंपनी की वेबसाइट आदि सबकुछ केवल अंग्रेजी में ही उपलब्ध है. अंग्रेजी ना जानने वाले लोग आपके उत्पाद जोखिम पर खरीदते हैं क्योंकि आप लोगों की नज़रों में हिन्दी, तमिल, कन्नड़, मराठी, गुजराती आदि भारत की भाषाओं का कोई वजूद नहीं है. आप इन भाषाओं का इस्तेमाल केवल ग्राहकों को लुभाने के लिए टीवी आदि के विज्ञापनों में करते हैं. यहाँ यह कह देना जरूरी है कि उपभोक्ता को अंग्रेजी के नाम पर छला जा रहा है.
आपकी कंपनी कब ग्राहक उत्पादों पर हिन्दी में जानकारी छापना शुरू करने वाली है यदि नहीं करने वाली है तो उसके पीछे आपका तर्क क्या है?
ग्राहक को उसकी भाषा में जानकारी ना देना भी अन्याय है. ये अन्याय रोकने के लिए गोदरेज इंडस्ट्रीज लि. कब पहल करेगी???
आपकी कम्पनी से हिन्दी में शीघ्र उत्तर की अपेक्षा है, क्या आप उत्तर देने के लिए तैयार हैं?
प्रवीण जैन Praveen Jain