भारत और भारतवर्ष

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Lingual Bridge

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Dec 18, 2010, 8:45:34 AM12/18/10
to हिंदी अनुवादक (Hindi Translators)
मित्रो,

भारत को भारतवर्ष भी कहा जाता है। क्या आपमें से कोई मुझ अल्पज्ञ को यह
समझाने की कृपा करेगा कि इसमें वर्ष जोड़ने का क्या अर्थ अथवा कारण है?

शुभकामनाओं सहित,

चोपड़ा

pramod Tiwari

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Dec 18, 2010, 10:33:27 AM12/18/10
to hindian...@googlegroups.com
मित्रो,
संस्‍कृत में वर्ष शब्‍द के कई अर्थ हैं- 1. वर्षा 2. बौछार करना या छिड़कना 3. साल और 4. महाद्वीप 
आपने जो अर्थ पूछा है वहां वर्ष शब्‍द महाद्वीप के अर्थ में आया है। यानी भरत का द्वीप या महाद्वीप - भारतवर्ष।  
एक बात और कहना चाहूंगा। प्रत्‍येक व्‍यक्ति कुछ जानता है और बहुत कुछ नहीं जानता सो अल्‍पज्ञ और बहुज्ञ जैसे शब्‍दों का कोई खास अर्थ नहीं होता ये तुलनात्‍मक होते हैं और कई बार ये व्‍यंग्‍य के अर्थ में भी प्रयुक्‍त होते हैं। यहां हम सब समान है सो इन शब्‍दों के प्रयोग से बचा जाए तो बेहतर होगा। 
धन्‍यवाद।
शुभकामनाओं सहित,
प्रमोद 
2010/12/18 Lingual Bridge <lingua...@gmail.com>

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डॉ. प्रमोद कुमार तिवारी
सलाहकार, एन.सी.ई.आर.टी.
नई दिल्‍ली-16

???? ??????

unread,
Dec 18, 2010, 11:07:11 AM12/18/10
to hindian...@googlegroups.com
चोपड़ा जी,

हिंदी शब्दसागर में 'वर्ष' के अनेक अर्थ दिए गए हैं। आप इन अर्थों को निम्नलिखित लिंक पर देख सकते हैं :


उपर्युक्‍त शब्दकोश में 'भारतवर्ष' का उदाहरण निम्नलिखित अर्थ के संदर्भ में दिया गया है :

"वर्ष संज्ञा पुं० [सं०]...किसी द्वीप का प्रधान भाग"

यह आपकी विनम्रता है कि आप खुद को अल्पज्ञ कहते हैं। असलियत तो यही है कि हम सभी आपके अनुभव से लाभान्वित हो सकते हैं। आप अनुवाद के क्षेत्र में वर्षों से सक्रिय हैं। आप हमें यह बता सकते हैं कि देश-विदेश की एजेंसियों के लिए काम करते समय हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। 

सादर,

सुयश
9811711884

   

Yogendra Joshi

unread,
Dec 23, 2010, 5:47:30 AM12/23/10
to hindian...@googlegroups.com
मैं अधिक नहीं जानता, किंतु एक स्थल पर मुझे वर्ष शब्द के अर्थों में एक महाद्वीप भी देखने को मिला । पौराणिक मान्यता के अनुसार ९ महाद्वीपों का अस्तित्व है: कुरु, हिरण्मय, रम्यक, इलावृत, हरि, केतुमाला, मद्राश्व, किन्नर एवं भारत । इसलिए भारत के साथ वर्ष जोड़ने से उसका एक महाद्वीप (पौराणिक अर्थ में) होना भी स्पष्ट होता है । इतना कुछ आपकी शंका शायद दूर करे । शुभेच्छा । - योगेन्द्र जोशी  

 दिसम्बर २०१० ७:१५ अपराह्न को, Lingual Bridge <lingua...@gmail.com> ने लिखा:

Arvind Kumar

unread,
Dec 23, 2010, 10:30:42 PM12/23/10
to hindian...@googlegroups.com

श्यामसुंदर दास जी के हिंदी शब्द सागर में यह प्रविष्टि है

 

भारतवर्ष संज्ञा पुं० [सं०] पुराणानुसार जंबू द्वीप के अंतर्गत नौ वर्षों या खंडों में से एक जो हिमालय के दक्षिण ओर गंगोत्तरी से लेकर कन्याकुमारी तक और सिंधु नदी से ब्रह्मपुत्र तक फैला हुआ है । आर्यावर्त । हिंदुस्तान । विशेषब्रह्मपुराण में इसे भरतद्वीप लिखा है और अंग, यव, मलय, शंख, कुश और बाराह आदि द्वीपों को इसका उपद्वीप लिखा है जिन्हें अब अनाम, जावा, मालाय, आस्ट्रेलिया आदि कहते हैं और जो भारतीय द्वीपपुंज के अँर्तगत माने जाते हैं । ब्रह्मांडपुराण में इसके इंद्रद्वीप, कशेरु, ताम्रपर्ण, गभस्ति- मानु, नागद्वीप, साम्य, गंधर्व और वरुण ये नौ विभाग बतलाए गए हैं और लिखा है कि प्रजा का भरण पोषण करने के कारण मनु को भरत कहते हैं । उन्हीं भरत के नाम पर इस देश का नाम भारतवर्ष पड़ा । कुछ लोगों का मत है कि दुष्यतं के पुत्र भरत के नाम पर इस देश का नाम 'भारत' पड़ा । इसी प्रकार भिन्न-भिन्न पुराणों में इस संबंध में भिन्न-भिन्न बातें दी हैं ।

 

वर्ष के दो प्रमुख अर्थ हैँ—साल year, विशाल भूखंड a vast tract of land.

 

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वर्ष

वर्षसंज्ञा पुं० [सं०] . वृष्टि । जलवर्षण । . काल का एक मान जिसमें दो अयन और बारह महीने होती हैं । उतना समय जितने में सब ऋतुओं की एक आवृत्ति हो जाती है । संवत्सर । साल । विशेषवर्ष चार प्रकार के होते हैंसौर, चांद्र सावन और नाक्षत्र । सौर वर्ष ३६५ दिन, घंटे, ४८ मिनट और ४६ सेकंड का होता है । यह उतना समय है, जितने में पृथ्वी सूर्य की एक परिक्रमा पूरी कर लेती है । पृथ्वी के इसी भ्रमण के कारण सूर्य का सत्ताईस नक्षत्रों और बारह राशियों में गमन दिखाई पड़ता है । लोग कहते हैं कि अब सूर्य अमुक नक्षत्र या राशि में है । घूमते समय पृथ्वी की धुरी सीघी न रहकर कुछ टेढ़ी रहती है और उसके मार्ग की कक्षा गोल न होकर अंडाकार होती है । इसी से सूर्य कुछ महीनों तक भूमध्यरेखा के उत्तर और कुछ महीनों तक दक्षिण में उदय होता दिखाई पड़ता है । ये दोनों 'उत्तर अयन' और 'दक्षिण अयन' कहलाते हैं । वर्ष में केवल दो दिन सूर्य भूमध्य या विषुवत् रेखा पर उदय होता हैं । इन दोनों को सायन कद्दते । एक सायन तुला राशि में और दूसरा मेष में होता है । सूर्य कर्क राशि में आकार दक्षिण की ओर बढ़ने लगता है और धनु राशि में पहुँचने तक भूमध्यरेखा के दक्षिण ही रहता है । मकर राशि से फिर उत्तर की ओर बढ़ने लगता है और कर्क राशि में पहुँचने तक उत्तर ही रहता है । प्राचीन भारतीय आर्यों में राशियों का व्यवहार न था; इससे सौर वर्ष दो अयनों का ही माना जाता था । ग्रहों का उदय राशियों में न माना जाकर २७ नक्षत्रों में माना जाता था । इससे कभी कभी बड़ी अव्यवस्था होती थी । चांद्र वर्ष ३५४ दिन, घंटे, ४८ मिनट और ३६ सेकंड का होता है । इतने काल में चंद्रमा पृथ्वी की बारह परिक्रमाएँ कर लेता है । इस प्रकार सौर वर्ष और चांद्र वर्ष में प्रति वर्ष १० दिन, २१ घंटे का अंतर पड़ता है । हिंदू पंचांग में यह अंतर प्रति तीसरे वर्ष, १३ महीने का वर्ष मानकर दूर किया जाता है । उस बढ़े हुए महीने को 'अधिमास' या 'मलमास' कहते हैं । सावन वर्ष पूरे ३६० दिनों का होना है और उसके महीने तीस तीस दिन के होते हैं । वैदिक काल में सावन मास ही अधिक चलता था और प्रत्येक मास की तिथि की गणना चंद्रमा के ही हिसाब से होती थी । शुक्ल प्रतिपदा से पूर्णिमा तक १५ दिन का शुक्ल पक्ष होता था । नाक्षत्र वर्ष ३२४ दिन का और उसका प्रत्येक महीना २७-२७ दिन का होता है । इन चार प्रकार के वर्षों के अतिरिक्त प्राचीन काल में और कई प्रकार के वर्षों का प्रचार था । जैसे,— सप्तर्षि वर्ष । . पुराण में माने हुए सात द्वीपों का एक विभाग . किसी द्वीप का प्रधान भाग, जैसे,—भारतवर्ष . मेघ । बादल ।

 

 

वर्ष पर्वत का अर्थ है जलविभाजक पर्वत

 

शुभ कामनाओँ सहित

 

अरविंद कुमार

 

सी-18 चंद्र नगर

गाज़ियाबाद 201 011

 

टेलिफ़ोन - 0120 411 0655  -  मोबाइल - 09716116106

 

samant...@gmail.com

 

अरविंद कुमार

Vijay K. Malhotra

unread,
Dec 24, 2010, 12:09:14 AM12/24/10
to hindian...@googlegroups.com, Meeta Lall, Meeta, Meeta Lall, mimansak, WORLD HINDI SECRETARIAT, अजित वडनेरकर
शब्दर्षि अरविंद कुमार जी की सारगर्भित टिप्पणी बहुत प्रामाणिक है.  
हिंदी जगत् में ऐसे मर्मज्ञ विद्वान् की उपस्थिति हम सबके  लिए गौरव का विषय है. 
विजय  

2010/12/24 Arvind Kumar <samant...@gmail.com>



--
विजय कुमार मल्होत्रा
पूर्व निदेशक (राजभाषा),
रेल मंत्रालय,भारत सरकार
Vijay K Malhotra
Former Director (Hindi),
Ministry of Railways,
Govt. of India
आवास का पता / Residential Address:
Vijay K Malhotra
WW/67/SF,
MALIBU TOWNE,
SOHNA ROAD,
GURGAON- 122018
Mobile:91-9910029919
          91-9311170555
फोन: 0124-4104583

URL<www.vijaykmalhotra.mywebdunia.com>

lalit sati

unread,
Dec 24, 2010, 12:46:48 AM12/24/10
to hindian...@googlegroups.com
 
बेहद महत्वपूर्ण जानकारी। अरविंद जी के प्रति श्रद्धा और साधुवाद के भाव हैं मन में।
 

 
2010/12/24 Arvind Kumar <samant...@gmail.com>
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