सीएस प्रवीण जैन CS Praveen Jain
‘‘किसी भी सभ्य देश में विदेशी भाषा के माध्यम से शिक्षा प्रदान नहीं की जाती। विदेशी भाषा के माध्यम से शिक्षा देने से छात्रों का मन विकारग्रस्त हो जाता है और वे अपने ही देश में स्वयं को विदेशी सिद्ध करते जान पड़ते हैं।’’ - रवीन्द्रनाथ टैगोर
Foreign language is not a medium of teaching in any civilized nation. Teaching through foreign language makes students’ minds perverse and they start feeling themselves as foreigners in their own country: Rabindranath Tagore
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