संयुक्‍ताक्षर

166 views
Skip to first unread message
Message has been deleted

Suyash Suprabh

unread,
Jun 14, 2009, 7:14:29 AM6/14/09
to हिंदी अनुवादक (Hindi Translators)
मैं एक संयुक्‍ताक्षर को मंगल फ़ॉन्ट में टाइप नहीं कर पा रहा हूँ। क्या
आप इस संदर्भ में मेरी मदद कर सकते हैं?

कृपया इस संयुक्‍ताक्षर को देखने के लिए निम्नलिखित लिंक पर क्लिक करें :

http://tinyurl.com/law4b4

सादर,

सुयश
09868315859
http://anuvaadkiduniya.blogspot.com

Suyash Suprabh

unread,
Jun 20, 2009, 3:50:00 AM6/20/09
to hindian...@googlegroups.com
---------- Forwarded message ----------
From: Yogendra Joshi <yogendr...@gmail.com>
Date: 2009/6/16
Subject: Re: {हिंदी अनुवादक} संयुक्‍ताक्षर
To: Suyash Suprabh <translate...@gmail.com>


हिंदी में कई लिपिचिह्न ऐसे मिल जायेंगे जो अब प्रचलन में नहीं हैं, या जिनकी आक्रृति अलग-अलग फॉंटों में एक जैसे नहीं हैं । (ऐसी बात कदाचित्‌ सभी लिपियों से साथ है, जैसे अंगरेजी के Arial तथा Times Roman में अक्षरों की आकृतियों में भेद है ।) दो-चार उदाहरण, जो मेरे ध्यान में आये हैं, अटैच्‌मेंट में दिये गये हैं । मैं समझता हूं कि मुद्रण तंत्रों में किसी अक्षर के लिये लिखित चिह्न एक फॉंट में एक और मात्र एक निश्चित आकृति का ही चिह्न उपलब्ध रहता है । अतः ‘मंगल’ फॉंट में ‘शृ’ के लिये वांछित आकृति के संयुक्ताक्षर की अपेक्षा नही की जानी चाहिए । - योगेन्द्र
2009/6/14 Suyash Suprabh <translate...@gmail.com>
Fonts.JPG
Message has been deleted

Suyash Suprabh

unread,
Jun 20, 2009, 4:01:06 AM6/20/09
to हिंदी अनुवादक (Hindi Translators)
अनेक विद्वान श्रृंखला के 'श्र' को व्याकरणसम्मत नहीं मानते हैं। कई
अखबारों और पत्रिकाओं में भी इस 'श्र' का प्रयोग नहीं होता है।

कविता जी ने इस संदर्भ में निम्नलिखित जानकारी प्रदान की है :

"आदरणीय विजय जी व अनूप जी ने जो विधि बताई है, वह श्रृ तो लिख सकती है
किन्तु यह श्रृ का वास्तविक रूप नहीं है. इसमें प्र या क्र में प्रयोग
हुआ र (जैसे क् +र+य ) का रूप तो है किन्तु कृ में प्रयुक्त ऋ ( क् तथा
ऋ ) से बना हुआ संयुक्त वर्ण ( जैसा मूल रूप होना चाहिए, होता है
हिन्दी / देवनागरी में व जैसा सुयश जी ने उपलब्ध भी कराया है) होने की
अपेक्षा ( श्रृ में हलंत वर्ण के साथ जुड कर संयुक्त वर्ण बनाने वाला र
तथा हलंत वर्ण के साथ जुड कर संयुक्त वर्ण बनाने वाला ऋ दोनों मिले हुए
हैं. जो कि पूर्णतः अशुद्ध वा गलत रूप है. यह बिलकुल वैसा है जैसा क्रय व
कृपा में प्रयुक्त क्र व कृ दोनों रूपों को गड्ड मड्ड कर दिया गया हो."

मल्होत्रा जी ने भी महत्त्वपूर्ण जानकारी दी है :

"कविता जी ने जिस मूलभूत समस्या पर ध्यान आकर्षित किया है वह है दो
रकारों का एक ही संयुक्ताक्षर में एक साथ प्रयोग अर्थात् श्रृ में र् और
ऋ दोनों ही मात्राएँ एक साथ मौजूद हैं. और कदाचित् सुयश जी की भी यही
समस्या है. हिंदी के अधिकांश फॉन्टों में यह समस्या है. युनिकोड में इसे
ठीक करने के लिए हमें युनिकोड कन्सोर्शियम के सामने इसे रखना होगा और यह
काम युनिकोड कन्सोर्शियम में भारत सरकार की प्रतिनिधि श्रीमती स्वर्णलता
जी के माध्यम से ही किया जा सकता है. स्वर्णलता जी सूचना प्रौद्योगिकी
मंत्रालय में वरिष्ठ निदेशक हैं. हिंदी-विमर्श के माध्यम से उनके सामने
एक प्रस्ताव भेजा जाएगा ताकि युनिकोड कन्सोर्शियम के सामने यह प्रश्न
उठाया जा सके."

सादर,

On Jun 20, 12:50 pm, Suyash Suprabh <translatedbysuy...@gmail.com>
wrote:


> ---------- Forwarded message ----------
> From: Yogendra Joshi <yogendrapjo...@gmail.com>
> Date: 2009/6/16
> Subject: Re: {हिंदी अनुवादक} संयुक्‍ताक्षर
> To: Suyash Suprabh <translatedbysuy...@gmail.com>
>
> हिंदी में कई लिपिचिह्न ऐसे मिल जायेंगे जो अब प्रचलन में नहीं हैं, या जिनकी
> आक्रृति अलग-अलग फॉंटों में एक जैसे नहीं हैं । (ऐसी बात कदाचित्‌ सभी लिपियों
> से साथ है, जैसे अंगरेजी के Arial तथा Times Roman में अक्षरों की आकृतियों में
> भेद है ।) दो-चार उदाहरण, जो मेरे ध्यान में आये हैं, अटैच्‌मेंट में दिये गये
> हैं । मैं समझता हूं कि मुद्रण तंत्रों में किसी अक्षर के लिये लिखित चिह्न एक
> फॉंट में एक और मात्र एक निश्चित आकृति का ही चिह्न उपलब्ध रहता है । अतः
> ‘मंगल’ फॉंट में ‘शृ’ के लिये वांछित आकृति के संयुक्ताक्षर की अपेक्षा नही की
> जानी चाहिए । - योगेन्द्र

> 2009/6/14 Suyash Suprabh <translatedbysuy...@gmail.com>


>
> > मैं एक संयुक्‍ताक्षर को मंगल फ़ॉन्ट में टाइप नहीं कर पा रहा हूँ। क्या
> > आप इस संदर्भ में मेरी मदद कर सकते हैं?
>
> > कृपया इस संयुक्‍ताक्षर को देखने के लिए निम्नलिखित लिंक पर क्लिक करें :
>
> >http://tinyurl.com/law4b4
>
> > सादर,
>
> > सुयश
> > 09868315859
> >http://anuvaadkiduniya.blogspot.com
>
>
>

>  Fonts.JPG
> 81KViewDownload

Hariram

unread,
Jun 20, 2009, 9:19:03 AM6/20/09
to Suyash Suprabh, hindian...@googlegroups.com, technic...@googlegroups.com
सुयश जी एवं अन्य विद्वानों
 
1.
निम्न रूप में स्वर अब मंगल फोंट में लिखे जा सकते हैं - यथा
 
अ अ‍ा अ‍ि अ‍ी अ‍ु अ‍ू अ‍ृ अ‍े अ‍ै अ‍ो अ‍ौ
 
ध और भ के पुराने रूप में 1971 में देवनागरी सुधार समिति ने सुधार कर ऊपरी भाग को थोड़ा गोलाकार बनाया था, क्योंकि पुराने रूप में यदि गलती से ध या भ पर शिरोरेखा लग जाती तो ध 'घ' बन जाता और भ 'म' बन जाता था।
 
अ के पुराने रूप में लिखने में कठिनाई होती थी, इसलिए 1940 से ही वर्तमान सरल रूप में को अपनाया गया।
 
श्रृ तो बिल्कुल गलत है, मंगल फोंट में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि श्र के ऊपर ऋ की मात्रा लग ही नहीं सके। इसका युनिकोड के साथ कोई सम्पर्क नहीं है। यह को मंगल ओपने टाइप फोंट डिजाइन करनेवाले की गलती है। इसे कोई भी सुधार सकता है, लेकिन मंगल माइक्रोसॉफ्ट का कॉपीराइट फोंट है, इसे माइक्रोसॉफ्ट को ही सुधारना होगा।
 
अभी देवनागरी लिपि में कम्प्यूटिंग की दृष्टि के अनेकानेक सुधारों की जरूरत है, शीघ्र ही यह भी होगा। अनुसन्धान जारी हैं।
 
--
हरिराम
प्रगत भारत <http://hariraama.blogspot.com>
वे पर्यावरण-प्रेमी चुल्लू भर पानी में डूब मरें, जो कूड़ा-करकट जलाकर बिजली बनानेवाले संयंत्रों का विरोध करते हैं, किन्तु सड़कों के किनारे यत्र-तत्र-सर्वत्र ढेर लगाकर कूड़ा करकट जलाकर प्रदूषण एवं बीमारियाँ फैलाने का विरोध नहीं करते।
 


 
2009/6/20 Suyash Suprabh <translate...@gmail.com>

Suyash Suprabh

unread,
Jun 20, 2009, 11:57:17 PM6/20/09
to हिंदी अनुवादक (Hindi Translators)
---------- Forwarded message ----------
From: C.M. Rawal <cmr...@yahoo.com>
Date: 2009/6/20
Subject: Re: {हिंदी अनुवादक} Re: संयुक्‍ताक्षर
To: Suyash Suprabh <translate...@gmail.com>, Hariram
<hari...@gmail.com>
Cc: hindian...@googlegroups.com, technic...@googlegroups.com


प्रिय हरिराम जी,

आपने बिल्कुल सही बताया है।

यह बात तो साफ है कि जहाँ तक मंगल फॉन्ट की बात है, हमें इसमें आवश्यक
सुधार करने के लिए मंगल फॉन्ट के निर्माता माइक्रोसॉफ्ट से ही कहना
पड़ेगा। प्रसंगवश, यह बात मैंने 2004 में ही माइक्रोसॉफ्ट के ध्यान में
औपचारिक तौर पर ला दी थी कि यह कमी केवल उनके Mangal फॉन्ट में ही नहीं,
बल्कि Aparajita, Kokila और Utsah फॉन्ट में भी है।

संभवतः इसे और कुछ अन्य समस्याओं को एम एस ऑफ़िस हिंदी 2007 में ठीक कर
भी लिया गया होगा, परंतु मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। हाँ, इतना अवश्य
है कि जिन समस्याओं को एम एस ऑफ़िस हिंदी 2007 में ठीक कर लिया गया हो,
उनकी जानकारी माइक्रोसॉफ्ट द्वारा सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि दूसरे
फॉन्टों को भी उसी के अनुरूप ठीक किया/करवाया जा सके।

- चन्द्र मोहन रावल

On Jun 20, 6:19 am, Hariram <harira...@gmail.com> wrote:
> सुयश जी एवं अन्य विद्वानों
>
> 1.
> निम्न रूप में स्वर अब मंगल फोंट में लिखे जा सकते हैं - यथा
>
> अ अ‍ा अ‍ि अ‍ी अ‍ु अ‍ू अ‍ृ अ‍े अ‍ै अ‍ो अ‍ौ
>
> ध और भ के पुराने रूप में 1971 में देवनागरी सुधार समिति ने सुधार कर ऊपरी भाग
> को थोड़ा गोलाकार बनाया था, क्योंकि पुराने रूप में यदि गलती से ध या भ पर
> शिरोरेखा लग जाती तो ध 'घ' बन जाता और भ 'म' बन जाता था।
>
> अ के पुराने रूप में लिखने में कठिनाई होती थी, इसलिए 1940 से ही वर्तमान सरल
> रूप में को अपनाया गया।
>
> श्रृ तो बिल्कुल गलत है, मंगल फोंट में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि श्र के ऊपर
> ऋ की मात्रा लग ही नहीं सके। इसका युनिकोड के साथ कोई सम्पर्क नहीं है। यह को
> मंगल ओपने टाइप फोंट डिजाइन करनेवाले की गलती है। इसे कोई भी सुधार सकता है,
> लेकिन मंगल माइक्रोसॉफ्ट का कॉपीराइट फोंट है, इसे माइक्रोसॉफ्ट को ही सुधारना
> होगा।
>
> अभी देवनागरी लिपि में कम्प्यूटिंग की दृष्टि के अनेकानेक सुधारों की जरूरत है,
> शीघ्र ही यह भी होगा। अनुसन्धान जारी हैं।
>
> --
> हरिराम
> प्रगत भारत <http://hariraama.blogspot.com>
> वे पर्यावरण-प्रेमी चुल्लू भर पानी में डूब मरें, जो कूड़ा-करकट जलाकर बिजली
> बनानेवाले संयंत्रों का विरोध करते हैं, किन्तु सड़कों के किनारे
> यत्र-तत्र-सर्वत्र ढेर लगाकर कूड़ा करकट जलाकर प्रदूषण एवं बीमारियाँ फैलाने का
> विरोध नहीं करते।
>

> 2009/6/20 Suyash Suprabh <translatedbysuy...@gmail.com>

V S Rawat

unread,
Jun 21, 2009, 1:15:37 AM6/21/09
to ha
On 6/21/2009 9:27 AM India Time, _Suyash Suprabh_ wrote:

> बल्कि Aparajita, Kokila और Utsah फॉन्ट में भी है।

इन तीनों फ़ॉण्ट्स को हम कहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं?

--
रावत

C M Rawal

unread,
Jun 21, 2009, 1:43:01 AM6/21/09
to हिंदी अनुवादक (Hindi Translators)
प्रिय रावत जी,

मैं इसमें 'Arial Unicode MS' फॉन्ट का नाम सम्मिलित करना भूल गया था।
प्रसंगवश, कृपया 'Utsaah' फॉन्ट की सही वर्तनी भी नोट कर लें।
माइक्रोसॉफ्ट के फॉन्ट उनकी वेबसाइट भाषाइंडिया डॉट कॉम से डाउनलोड किए
जा सकते हैं।

-चन्द्र मोहन रावल

Reply all
Reply to author
Forward
0 new messages