संयुक्ताक्षर ‘ज्ञ’ = ज्+ञ के बारे में

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Yogendra Joshi

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Aug 9, 2009, 1:27:23 PM8/9/09
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हिंदी समूह सदस्यों के प्रति,
संयुक्ताक्षर ‘ज्ञ’ = ज्+ञ के बारे में इतना कहना है कि ‘ज’ की भांति ‘ञ’ भी स्पृष्ट-तालव्य, घोष, अल्पप्राण व्यंजन है । अंतर केवल यह है कि ‘ज’ अनुनासिक नहीं है जब कि ‘ञ’ अनुनासिक है । अतः दोनों को उच्चारित करने में समान प्रयत्न करना पड़ता है, इस अंतर के साथ कि ‘ञ’ के मामले में नासा गुहा (nasal cavity) में भी कंपन होते हैं । इस तथ्य के अनुरूप ही ‘ञ’ का उच्चारण किया जाना चाहिए और उसी के अनुसार उसे ‘रोमन’ में लिखा जाना चाहिए । तदनुसार विशेषक चिह्न (diacritical mark) को प्रयोग में लेते हुए ‘ज्ञ’ = jña । 
इस विषय पर किंचित् विस्तार से मैंने अन्यत्र (क्लिक करें) लिखा है । - योगेन्द्र जोशी

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