Anunad Singh
unread,Apr 30, 2008, 12:04:43 AM4/30/08Sign in to reply to author
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PART 1: ON THE AEROPLANE
अमित : नमस्ते
मोहन : नमस्ते, आप दिल्ली से हैं?
अमित : जी नहीं, मैं लन्दन से हूँ, और आप?
मोहन : मैं दिल्ली से हूँ।
अमित : आप ठीक हैं?
मोहन : जी हाँ, लेकिन मैं थका हूँ।
अमित : हाँ, मैं भी बहुत थका हूँ!
PART 2: AT THE AIRPORT
अंजलि : आपका नाम क्या है?
माधुरी : मेरा नाम माधुरी है। और आपका?
अंजलि : मेरा नाम अंजली है।
माधुरी : क्या आप ठीक हैं?
अंजलि : जी हाँ, शुिÿया, मैं ठीक हूँ।
माधुरी : आप थकी नहीं हैं?
अंजलि : जी नहीं, मैं ठीक हूँ, आप कैसी हैं?
माधुरी : मैं भी ठीक हूँ।
अंजलि : क्या यह कोट आपका है?
माधुरी : जी नहीं, यह मेरा नहीं है।
अंजलि : क्या यह मोहन का है?
माधुरी : जी नहीं, यह मोहन का भी नहीं है।
Conversation 2 : Jobs and Occupations
PART 1 : WHAT PEOPLE DO
अमित : मोहन जी, आप क्या काम करते हैं?
मोहन : मैं अस्पताल में काम करता हूँ।
अमित : आप अस्पताल में काम करते हैं?
मोहन : जी हाँ, मैं अपोलो अस्पताल में काम करता हूँ।
अमित : क्या आप डॉक्टर हैं?
मोहन : जी नहीं, मैं दऋ़तर में काम करता हूँ।
अमित : और माधुरी जी, आप क्या काम करती हैं?
माधुरी : मैं बैंक में काम करती हूँ।
अमित : आप लोग कितने दिन काम करते हैं?
मोहन : मैं पाँच दिन काम करता हूँ ण् ण् ण् ण्
माधुरी : ण् ण् ण् ण् और मैं चार दिन काम करती हूँ।
PART 2: WHERE PEOPLE LIVE
अंजलि : माधुरी जी, आपकी बहन कहाँ रहती है?
माधुरी : वह भी दिल्ली में रहती है - सुन्दरनगर में।
अंजलि : वह क्या काम करती है?
माधुरी : वह एक बड़ी दुकान में काम करती है।
अंजलि : उसका नाम क्या है?
माधुरी : सविता। उसका नाम सविता है।
अंजलि : और आपका भाई क्या काम करता है?
माधुरी : वह विद्यार्थी है। वह कॉलेज में पढ़ता है।
अंजलि : उसका नाम क्या है?
माधुरी : उसका नाम रोहित है।
अंजलि : क्या वह भी दिल्ली में रहता है?
माधुरी : जी नहीं, वह वाराणसी में रहता है। वह बीण्एचण्यूण् में पढ़ता है।
अंजलि : बीण्एचण्यूण्? बीण्एचण्यूण् क्या है?
माधुरी : बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी? रोहित बीण्एचण्यूण् में हिन्दी पढ़ता है।
अंजलि : अच्छा।
Conversation 3: Out On The Town
PART 1: AT A RESTAURANT
मोहन : अमित, क्या आपको तन्दूरी खाना पसंद है?
अमित : हाँ मुझको तन्दूरी खाना बहुत पसन्द है, मुर्ग, नान ण् ण् ण्
माधुरी : लेकिन, अंजली को मुर्ग पसंद नहीं है।
अमित : हाँ, वह तो गोश्त नहीं खाती।
अंजलि : हाँ, मैं गोश्त नहीं खाती, सिर्फ़ सब्ज़ी खाती हूँ।
मोहन : अच्छा तो, मुर्ग, कबाब, नान, सब्ज़ी ण् ण् ण् ण्
माधुरी : अंजली, क्या आपको साग-आलू पंसद हैं? या मटर-पनीर?
अंजलि : मुझको मटर-पनीर बहुत पसंद हैं।
अमित : रायता भी चाहिए, रायता। और दाल भी।
मोहन : अच्छा, एक तो मुर्ग, आठ कबाब, छ:-सात नान, मटर-पनीर, दाल, रायता ण् ण् ण् ण् और?
अमित : मुझको लस्सी भी चाहिए। मुझको लस्सी बहुत पसन्द है।
अंजलि : मुझको भी लस्सी चाहिए।
माधुरी : हाँ मुझको भी! मोहन, आपको भी चाहिए?
मोहन : नहीं, शुिÿया, मुझको लस्सी नहीं चाहिए, सिफ़Z पानी चाहिए।
PART 2: PLANNING A SHOPPING TRIP
अंजलि : माधुरी, आपकी सलवार कमीज़ बहुत अच्छी है। मुझको बहुत पसंद है।
माधुरी : शुिÿया, आपको ऐसी सलवार-कमीज़ चाहिए?
अंजलि : हाँ, अगर बहुत महंगी नहीं है तो ण् ण् ण् ण्
माधुरी : यह कपड़ा महंगा नहीं है।
अमित : मुझको भी कुछ कपड़े चाहिए।
मोहन : आपको क्या चाहिए? कुर्ता-पायजामा?
अमित : नहीं, सिर्फ़ कुर्ता। मुझको चार-पाँच कुतेZ चाहिए।
Madhur : ठीक है। आपको फ़ैब-इंडिया जाना चाहिए।
अंजलि : फ़ैब इंडिया क्या है?
मोहन : एक बहुत अच्छी दुकान है। बहुत अच्छे कपड़े मिलते है वहां।
अमित : क्या चप्पलें भी मिलती हैं? मुझको चप्पलें भी चाहिएँ।
मोहन : हाँ, चप्पलें भी मिलती हैं, जूते भी मिलते हैं।
अमित : अच्छा, तो हमको ज़रूर जाना चाहिए!
Conversation 4: Shopping
PART 1: LET'S BUY SOME CLOTHES
अमित : हैलो?
मोहन : नमस्ते अमित, मैं मोहन बोल रहा हूँ।
अमित : कौन? आप कौन बोल रहे हें?
मोहन : मैं मोहन बोल रहा हूँ! मोहन!
अमित : अच्छा, नमस्ते मोहन! आप लोग क्या कर रहे हैं?
मोहन : हम, फ़ैब इंडिया जा रहे हैं, आप भी आइए।
अमित : आप अभी जा रहे हैं?
मोहन : हाँ, हम अभी घर से निकल रहे हैं। आप लोग क्या कर रहे हैं।
अमित : हम अभी खाना खा रहे हैं।
मोहन : तो आराम से खाना खायें। हम बीस मिनट में आ रहे हैं।
अमित : रुकिएण् ण् ण् रुकिए ण् ण् ण् अंजली कुछ पूछ रही है ण् ण् ण्
अंजलि : अमित, मोहन क्या कह रहा है?
अमित : वह कह रहा है कि वे लोग फ़ैब इंडिया जा रहे हैं।
अंजलि : तो कहिए कि हम भी आ रहे हैं।
अमित : मोहन, आप आइए, हम लोग भी आ रहे हैं।
PART 2 : CHOOSING COLOURS
Shopkeeper : आइए, आइए, आपको क्या चाहिए?
अमित : मुझको दो-तीन कुतेZ चाहिए।
Shopkeeper : ये कुतेZ देखिए। आपको यह नीला रंग पसंद है?
अमित : हाँ, नीला या हरा। हाँ, मुझको यह नीला रंग बहुत पसंद है।
माधुरी : क्या आपको यह सफे़द कुर्ता पसंद नहीं है? बहुत अच्छा है।
अमित : हाँ यह अच्छा है, लेकिन मुझको यह नीला रंग पसंद है।
अंजलि : राम, कुछ लाल कुतेZ दिखाइए।
माधुरी : अंजली, अमित कह रहा है कि नीला कुर्ता चाहिए, लाल नहीं।
Shopkeeper : यह नीला कुर्ता देखिए जी, यह बहुत अच्छा है।
अमित : ठीक है, हाँ यह नीला रंग ठीक है, दीजिए।
Shopkeeper : लीजिए। और क्या चाहिए?
अमित : पहले यह बताइए, यह कुर्ता कितने का है?
Shopkeeper : यह सिर्फ़ पाँच सौ रुपये का है।
अंजलि : और यह लाल साड़ी कितने की है, राम?
Shopkeeper : मैडम, यह चार हज़ार की है। यह बनारसी साड़ी है।
अंजलि : चार हज़ार - चार हज़ार रुपए। महंगी है लेकिन ण् ण् ण् मुझको बहुत पसंद है। दीजिए
अमित : लेकिन ण् ण् ण् लेकिन ण् ण् ण्
Conversation 5 : Planning a Trip
PART 1 : WHEN SHALL WE GO?
मोहन : अंजली, आप लोग आगरा जाना चाहते हैं?
अंजलि : जी हाँ, हम ताज महल देखना चाहते हैं
मोहन : ठीक है, हम कल जायेंगे।
अंजलि : लेकिन कल तो मुश्किल होगा।
मोहन : कल मुश्किल होगा?
अंजलि : जी हाँ, क्योंकि कल शनिवार है।
अमित : हाँ, मोहन, शनिवार को अंजली सितार सीखने जाती है।
मोहन : आप सितार सीखने जाती हैं, अंजली?
अंजलि : जी हाँ शनिवार को मैं सितार सीखने जाती हूँ।
मोहन : ठीक है, तो हम रविवार को आगरा जायेंगे।
अंजलि : हाँ रविवार ठीक होगा।
मोहन : हम रविवार को आगरा जायेंगे और सोमवार को वापस आयेंगे।
अंजलि : लेकिन आगरा में हम कहाँ रहेंगे? होटल में रहना बहुत मंहगा होगा?
मोहन : मेरी बहन आगरा में रहती है।
अमित : आपकी बहन?
मोहन : हाँ मेरी बहन अनुराधा। हम उसके यहाँ रुकेंगे।
अमित : क्या अनुराधा आपकी छोटी बहन है, जो पहले लन्दन में रहती थी?
मोहन : हाँ, पहले तो वह लन्दन में रहती थी, लेकिन आजकल वह आगरा में रह रही है।
PART 2: AT THE TAJ MAHAL
मोहन : तो यह है हमारा ताज महल। अंजली, क्या कहती हैं?
अंजलि : बहुत ही सुन्दर है, लेकिन ण् ण् ण् ण्
माधुरी : क्या बात है अंजली? आपकी तबीयत ठीक है ना?
अंजलि : हाँ ण् ण् ण् मेरी तबीयत बिल्कुल ठीक है, लेकिन मैं ताज को चांदनी रात में देखना चाहती थी।
मोहन : अच्छा, हम रात को भी आयेंगे। मज़ा आयेगा।
माधुरी : मोहन, शायद अमित और अंजली अकेले आना चाहेंगे?
अमित : ठीक है, तो हम आज रात को आयेंगे। बहुत मज़ा आयेगा।
माधुरी : हाँ, बहुत मज़ा आयेगा हमको! और कल हम आपको फतेहपुर सीकरी भी दिखायेंगे!
मोहन : और मेरी बहन भी आयेगी!
अंजलि : आप ठीक कह रही थी माधुरी, मेरी तबीयत अच्छी नहीं है!
Conversation 6: Family Matters
PART 1 : IS अंजलि UNWELL?
अमित : अंजली, तुम ठीक हो?
अंजलि : हाँ, लेकिन मैं थकी हूँ।
अमित : तुम्हारी तबीयत ठीक है, ना?
अंजलि : हाँ, बिल्कुल ठीक है। तुम कैसे हो?
अमित : मैं भी ठीक ही हूँ।
अंजलि : तुमको कुछ चाहिए? तुम चाय पियोगे?
अमित : नहीं, चाय नहीं चाहिए?
अंजलि : कुछ खाओगे?
अमित : नहीं, कुछ नहीं। मैं ण् ण् ण्
अंजलि : हाँ, बोलो ना? तुम क्या सोच रहे हो?
अमित : मोहन और माधुरी के बारे में। मैं मोहन और माधुरी के बारे में सोच रहा था।
अंजलि : तुम मोहन और माधुरी के बारे में सोच रहे हो? मैं भी। अच्छे लोग हैं लेकिन ण् ण् ण् ण्
अमित : हाँ, बिल्कुल!
अंजलि : क्या तुम उनसे आज भी मिलना चाहते हो?
अमित : नहीं, बिल्कुल नहीं, आज हम उनसे नहीं मिलेंगे, हम अकेले प्रोग्राम बनायेंगे!
अंजलि : हाँ, आज तो हम अकेले प्रोग्राम बनायेंगे।
PART 2: अमित'S UNCLE
अंजलि : तुम्हारे चाचाजी कनाडा में रहते हैं, ना?
अमित : हाँ, वे टोरन्टो में रहते हैं।
अंजलि : और उनका नाम जगदीश है, ना?
अमित : हाँ, जगदीश - जगदीश सोनी, बहुत अच्छे आदमी हैं।
अंजलि : वे क्या काम करते हैं?
अमित : जगदीश चाचा अध्यापक हैं, इतिहास पढ़ाते हैं।
अंजलि : और तुम्हारी चाची प्रेमा क्या करती हैं?
अमित : चाची डॉक्टर है। लेकिन आज कल वे काम नहीं कर रहीं हैं।
अंजलि : क्या उनके बच्चे हैं?
अमित : हाँ, उनके दो बच्चे हैं - दो बेटे, विजय और छोटू।
अंजलि : अच्छा, तो तुम्हारे दो चचेरे भाई हैं!
अमित : हाँ, एक अट्ठारह साल का और एक बीस साल का।
अंजलि : वे क्या करते हैं? क्या वे कॉलेज जाते हैं?
अमित : छोटू कॉलेज जाता है, लेकिन विजय नौकरी करता है?
अंजलि : विजय क्या काम करता है? कैसी नौकरी करता है?
अमित : वह एयर-कनाडा में काम करता है। वह पायलट बनना चाहता है।
Conversation 7 : Habits and Hobbies
PART 1: A SECRET SMOKER
अमित : क्या बात है मोहन? क्या चाहिए आपको?
मोहन : मैं कुछ सिगरेट ख़्ारीदना चाहता हूँ। क्या आपके पास पैसे हैं?
अमित : नहीं, मेरे पास नहीं है। माधुरी से पूछो, उसके पास पैसे हैं।
माधुरी : हाँ, मेरे पास पैसे हैं। लेकिन मोहन, तुमको सिगरेट क्यों चाहिए? तुम तो सिगरेट नहीं पीते हो।
मोहन : सिगरेट ण् ण् ण् मेरे लिये नहीं है।
माधुरी : तुम्हारे लिये नहीं है? तो किसके लिए है?
मोहन : एक ण् ण् एक दोस्त के लिए है?
माधुरी : एक दोस्त के लिए?
मोहन : हाँ, एक दोस्त के लिए ण् ण् ण् एक दोस्त जो मेरे दऋ़तर में काम करता है।
अंजलि : तो क्या आपके `दोस्त` के पास पैसा नहीं है, मोहन?
मोहन : बात यह है कि ण् ण् ण् मेरे दोस्त की पत्नी नहीं जानती है कि वह सिगरेट पीता है।
अमित ; आपके दोस्त का नाम क्या है, मोहन?
मोहन : मेरे दोस्त का नाम? उसका नाम ण् ण् ण् ण्मैं नहीं जानता।
माधुरी : उसका नाम मैं जानती हूँ और मैं उसको सिगरेट के लिए पैसे नहीं दूंगी!
PART 2: FRAYED TEMPERS
अमित : आपको सिगरेट पीने की आदत कब से है, मोहन?
मोहन : कौन कहता है कि मुझको सिगरेट पीने की आदत है?
अमित : आप ही कह रहे थे कि आपको सिगरेट चाहिए।
मोहन : हाँ, लेकिन सिगरेट मेरे लिए नहीं थे, एक दोस्त के लिए थे।
अंजलि : उस दोस्त को बताइए कि सिगरेट पीने की आदत अच्छी नहीं है।
मोहन : मैं उसको ज़रूर बताऋँगा, लेकिन वह सुनेगा नहीं।
माधुरी : हाँ, तुम्हारे दोस्त को अच्छी सलाह सुनने की आदत नहीं है!
***
अंजलि : मुझको तैरने का बहुत शौक़ है। मैं कल तैरने जाना चाहती हूँ।
माधुरी : हम लोगों को भी तैरने का शौक़ है। और टेनिस खेलने का।
मोहन : टेनिस? कौन कहता है कि मुझको टेनिस खेलने का शौक है?
माधुरी : हाँ, तुमको तो सिर्फ सिगरेट पीने का शौक है, मोहन!
अंजलि : माधुरी, प्लीज़! सुनिए, क्या पीयोगी?
माधुरी : मुझे कुछ नहीं चाहिए, मैं घर जाना चाहती हूँ।
अंजलि : ओहो! मोहन, आप क्या लेंगे?
मोहन : मैं कॉफ़ी लूँगा। और हाँ, कुछ खाने के लिए ण् ण् ण् ण्
अंजलि : मुझे लस्सी चाहिए। क्या लस्सी मिलेगी यहाँ?
माधुरी : लस्सी शायद नहीं मिलेगी, लेकिन हम पूछेंगे।
अमित : अंजली, तुम लस्सी मत पियो, कॉफ़ी पियो।
माधुरी : कॉफ़ी मत पिओ, अंजली, अगर तुम कॉफ़ी पिओगी तो नींद नहीं आयेगी रात को!
अंजलि : ठीक है, मैं पानी ही पीऋँगी!
Conversation 8 : What happened yesterday
PART 1: अमित MADE A PIZZA
माधुरी : कल क्या हुआ? आप लोग कहाँ गये?
अंजलि : कल हम बाहर नहीं गये। हम घर पर ही रहे।
माधुरी : घर पर आपने क्या किया?
अंजलि : मैंने कुछ पत्र लिखे और अमित ने खाना पकाया।
माधुरी : उसने कल क्या पकाया?
अंजलि : दिन में उसने दाल और सब्ज़ी बनाई।
माधुरी : अच्छा, उसने दाल और सब्ज़ी बनाई? और रात को? रात को उसने क्या बनाया?
अंजलि : रात को उसने पीज़्ज़ा बनाया।
माधुरी : उसने पीज़्ज़ा बनाना कहाँ से सीखा?
अंजलि : एक इटेलियन दोस्त ने उसको सिखाया। बहुत आसान है वैसे।
माधुरी : आज अमित बाज़ार नहीं आया क्या?
अंजलि : नहीं, वह नहीं आया, वह खाना पका रहा है।
माधुरी : मोहन भी यहाँ नहीं है।
अंजलि : वह कहाँ है?
माधुरी : वह काम पर गया है। उसकी छुट्टी ख़्ात्म हुई।
अंजलि : आपने क्यों पूछा कि कल क्या हुआ?
माधुरी : मैंने सोचा था कि आप लागे हमको फ़ोन करेंगे, मिलने के लिये। लेकिन आपने फ़ोन नहीं किया।
अंजलि : लेकिन आज तो हम मिले हैं!
PART 2: WHO'S GOING TO THE CINEMA?
मोहन : नमस्ते, अमित! मैं मोहन बोल रहा हूँ।
आपने हमको क्यों नहीं फ़ोन किया?
अमित : नमस्ते, मोहन आज आप दऋ़तर नहीं गये?
मोहन : हाँ, हाँ, मैं आज दऋ़तर से ही फ़ोन कर रहा हूँ।
Amir : अच्छा।
मोहन : आप लोग क्या कर रहे हैं?
अमित : अंजली बाज़ार गयी है, और मैं खाना बना रहा हूँ।
मोहन : आज रात के लिए आपने कोई प्रोग्राम बनाया है?
अमित : हाँ, हमने सिनेमा जाने का प्रोग्राम बनाया है।
मोहन : तो आपने हमको क्यो नहीं बुलाया?
अमित : मुझको मालूम नहीं! हमको मालूम नहीं था कि आपको फिल्म देखने का शौक है।
मोहन : आप कौन सी फिल्म देख्ोंगे?
अमित :
मोहन :
अमित : उसको प्यार की कहानियां पसंद हैं, लव स्टोरीज। एक लड़का, एक लड़की, अकेले चांदनी रात में ण् ण् ण्
मोहन : वाह, वाह, बहुत अच्छा!
अमित : तो आप चलेंगे हमारे साथ?
मोहन : हाँ, हाँ, क्यों नहीं!
Conversation 9: अमित and the Old Monk
PART 1: A SECRET DRINKER
माधुरी : क्या हुआ, अंजली? सब ठीक है, ना?
अंजलि : मैं, तो ठीक हूँ लेकिन कल रात से अमित की तबीयत ख़्ाराब है।
माधुरी : क्यों? क्या हुआ उसको? क्या उसका पेट खराब है?
अंजलि : हाँ, उसके सिर में दर्द है और रात में उसको उल्टी हुई।
माधुरी : कल रात उसने क्या खाया?
अंजलि : कल रात सिनेमा जाने से पहले हमने घर पर ही खाना खाया।
माधुरी : क्या उसने आज भी कुछ खाया है?
अंजलि : नहीं, वह कहता है कि वह कुछ नहीं खा सकता।
माधुरी : उसके लिए डॉक्टर के पास जाना मुश्किल होगा। लेकिन मोहन आपके यहाँ आ सकता है।
अंजलि : मोहन? लेकिन मोहन तो डॉक्टर नहीं है?
माधुरी : डॉक्टर तो नहीं है पर बहुत जानता है इन चीज़ों के बारे में।
अंजलि : मोहन कितने बजे घर आयेगा?
माधुरी : आज वह जल्दी आयेगा क्योंकि उसकी ड्यूटी चार बजे ख्त्म होगी।
अंजलि : तो क्या वह शाम को हमारे यहां आ सकेगा?
माधुरी : हाँ, क्यों नहीं। मैं उसको फ़ोन करूँगी और बताऋँगी कि अमित बीमार है।
अंजलि : बहुत शुिÿया, माधुरी, हम शाम को मिलेंगे।
PART 2: अमित'S REMORSE
मोहन : कहिए, अमित! क्या हुआ आपको?
आपकी तबीयत ख़्ाराब है?
अमित : मैं कहाँ हूँ? तुम कौन हो?
मोहन : मैं मोहन हूँ, अमित! आँखे खोलिए।
क्या आप अपनी आंखें खोल सकते हैं?
अमित : नहीं, मेरे सिर में दर्द है।
मोहन : क्या आपको बुखार है?
अमित : नहीं, बुखार तो नहीं है। लेकिन मेरा सिर फट रहा है।
मोहन : कल रात आपने क्या खाया?
अमित : मुझे याद नहीं। उफ़, मुझे पानी चाहिए, पानी!
मोहन : क्या आपको याद है कि आपने क्या पिया कल रात को?
अमित : हाँ थोड़ी सी `ओल्ड मोंक`। मुझे ठीक से याद नहीं।
मोहन : आपने कितनी पी?
अमित : शायद आधी बोतल, मुझे ठीक से याद नहीं।
मोहन : क्या अंजली आपके साथ थी?
अमित : अंजली? कौन है अंजली?
मोहन : अरे, आपकी पत्नी!
अमित : मुझे ठीक से याद नहीं।
मोहन : अमित, आप सो जाइए, थोड़ी देर में ठीक हो जाएँगे और उस `ओल्ड मोंक` से दूर रहिए!
Conversation 10 : Going to Japiur*
PART 1: PHONING THE HOTEL MANAGER
अमित : हैलो? हाँ मुझे मैनेजर से बात करनी है। मैं दिल्ली से फ़ोन कर रहा हूँ। मेरा नाम सोनी है।
अमित : अच्छा, मैनेजर साहिब, नमस्ते।
सुनिए, मैं कुछ दिन के लिए जयपुर आना चाहता हूँ।
क्या कमरा मिलेगा? हम दस मार्च को आयेंगे।
अमित : हैलो? हैलो? हाँ, बोलिए।
अमित : मेरा पहला नाम? अमित, यानी अमिताभ।
अमित : नहीं, नहीं! अमिताभ बच्चन नहीं! अमिताभ सोनी!
अमित : नहीं, मेरी पत्नी भी आयेगी मेरे साथ।
अमित : हम कम से कम तीन दिन रहेंगे।
अमित : बड़े कमरे का किराया कितना होगा?
अमित : यह बहुत महंगा है। छोटे कमरे का किराया कितना होगा?
अमित : हाँ, यह ठीक है।
अमित : नहीं, हम कार से नहीं आयेंगे, बस से आयेंगे।
अमित : हम कब आयेंगे? दस मार्च को आयेंगे, और तीन-चार दिन रहेंगे।
अमित : धन्यवाद, नमस्ते।
PART 2 : THE MANAGER LOOKS FAMILIAR
मोहन : नमस्ते! मैं विश्राम होटल का मैनेजर हूँ। जयपुर में आपका स्वागत है। जयपुर भारत का सबसे सुन्दर शहर है और राजस्थान की राजधानी भी है।
अमित : नमस्ते, धन्यवाद ºज्व ।दरंसपऋ अंजली, यह मैनेजर - उसका चेहरा ण् ण् ण् उसकी आवाज़ ण् ण् ण् यह मोहन तो नहीं है?
अंजलि : हाँ, लगता है यह मोहन ही है।
माधुरी : नमस्ते, मैं मैनेजर साहिब की पत्नी हूँ। जयपुर में आपका स्वागत है। जयपुर भारत का सबसे सुन्दर शहर है और राजस्थान की राजधानी भी है।
अमित : ºज्व ।दरंसपऋ और लगता है कि मैनेजर की पत्नी माधुरी ही है। क्या हो रहा है?
मोहन : सोनी साहब, क्या पियेंगे? थोड़ी सी `ओल्ड मोन्क`?
कितनी बोतलें? एक? दो? तीन? चार? हा, हा हा!
क्या पियेंगे? क्या पियेंगे? क्या पियेंगे? क्या पियेंगे?
अंजलि : अमित! अमित! अमित! अमित! जागो! जागो! तुम सपना देख रहे हो! जागो! अरे उठो ना!
अमित : मैं -- मैं -- मैं ---- मैं सपना देख रहा था? हाँ!
सपने में हम जयपुर में थे, हमने देखा कि होटल का मैनेजर मोहन था और उसकी पत्नी माधुरी थी!
अंजलि : यह सब `ओल्ड मंक` पीने का नतीजा है!
अमित : ºफोन की घंटी बजती हैऋ हैलो?
मोहन : नमस्ते, अमित। मैं मोहन बोल रहा हूँ।
सुनिए, मैं राजस्थान से बोल रहा हूँ।
हम लोग छुट्टी पर जयपुर आये हैं।
जयपुर भारत का सबसे सुन्दर शहर है और
राजस्थान की राजधानी भी है -- आप लोग आयेंगे?
अमित : हे भगवान!