साक्षात - सर्वांगीण शिक्षा के लिए नि:शुल्क पोर्टल

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Nov 4, 2006, 9:30:51 PM11/4/06
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साक्षात - सर्वांगीण शिक्षा के लिए नि:शुल्क पोर्टल

देवेन्द्र उपाध्याय

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने प्रतिभा संवर्धन एवं सभी स्तरों पर विभिन्न शैक्षिक जिज्ञासाओं के समाधान हेतु एक नि:शुल्क पोर्टल की शुरूआत की है। यह शैक्षणिक पोर्टल सर्वांगीण शिक्षा की दिशा में यूपीए सरकार की एक नई पहल है। साक्षात नामक इस पोर्टल को राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने 30 अक्टूबर 2006 को मानव संसाधन विकास मंत्री श्री अर्जुन सिंह की उपस्थिति में राष्ट्र को समर्पित किया।

       डॉ. कलाम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की बेहतर पहल के लिए इंटरनेट एक शक्तिशाली उपक्रम सिध्द हुआ है। इंटरनेट क्षमता का एक सूचना पहलू यह भी है कि यह कहीं भी किसी भी समय सेवाएं उपलब्ध करा सकता है। साक्षात कार्यक्रम हमारे युवाओं को विश्व स्तर का व्यावसायिक कौशल प्रदान करने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ताकि देश के युवा अंतर्राष्ट्रीय  स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।

       मानव  संसाधन विकास मंत्री श्री अर्जुन सिंह ने कहा कि यह पोर्टल 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ होगा। राष्ट्रीय मिशन इस पोर्टल के जरिए प्रत्येक भारतीय को नि:शुल्क शिक्षा संबंधी सेवाएं इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध कराएगा। मिशन की एक दूसरी चुनौती कम लागत वाला एक ऐसा यथोचित एक्सेस उपकरण विकसित करना होगा जिसमें बिजली की भी बहुत कम खपत होगी। उन्होंने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के साझा न्यूनतम कार्यक्रम में दिए गए वायदों को दोहराते हुए कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि देश के किसी भी व्यक्ति को सामाजिक या आर्थिक कारणों की वजह से शिक्षा से वंचित न होना पड़े।

       माइक्रोसापऊट, आईबीएम, गूग्गल एन आईसी तथा इग्नू की मदद से इस पोर्टल को तैयार किया गया है। राष्ट्र को इस पोर्टल को समर्पित करने के बाद राष्ट्रपति ने छात्रों के सवालों के जवाब दिये। राष्ट्रपति डॉ. कलाम ने स्कूली छात्रों को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बनने की तरकीब बतायी। केन्द्रीय विद्यालय की 11वीं की छात्रा वसंती ने राष्ट्रपति से जानना चाहा कि अगर गांव का एक गरीब और बुध्दिमान बच्चा उनकी तरह भारत का राष्ट्रपति बनना चाहता है तो वह उसे क्या संदेश देना चाहेंगे। राष्ट्रपति ने उसकी जिज्ञासा को पूरा करते हुए कहा - मैं स्वयं ग्रामीण पृष्ठभूमि का हूं। स्कूलों में मुझे अच्छे शिक्षक मिले। अगर आप अपना लक्ष्य निर्धारित करें, उसके लिए कठिन मेहनत करें और अधिक से अधिक ज्ञान प्राप्त कर आप अपनी समस्याओं को खुद पर हावी न होने दें तो आप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और बहुत कुछ बन सकते हैं।

       एनआईसी द्वारा विकसित यह शैक्षणिक पोर्टल व्यापक ज्ञान संसाधन, शैक्षणिक समाचारों, परीक्षा सतर्कता, नमूना प्रश्नपत्र और वेब पर उपलब्ध अनेक उपयोगी संपर्कों को जोड़ने में मददगार है। शैक्षणिक हेल्पलाइन को विकसित करने वाले कारक इसमें मौजूद हैं जो शिक्षकों से बातचीत, चर्चा फोरम, वेब कांफ्रेसिंग तथा भविष्य संबंधी कौसलिंग के अवसर प्रदान करने में सक्षम है।

       इस पोर्टल को मुख्यतया सीनियर सैकेंडरी पाठयक्रम तक ही केन्द्रित करने की योजना है। इसके साथ ही स्नातक एवं परा स्नातक स्तर से लेकर एम.फिल और पीएचडी करने वालों के लिए भी इसमें यथोचित सामग्री उपलब्ध की जायेगी। यह सिर्फ पाठयक्रम आधारित नहीं होगा बल्कि यह एक जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी मददगार साबित होगा।

       साक्षात पोर्टल में शैक्षिक संसाधनों, छात्रवृत्ति, टैस्टिंग, उच्च उपलब्धता और चर्चा (संवाद) के अवसर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराये गये हैं। जानने की इच्छा को ई-पुस्तकों, ई-पत्रिकाओं, डिजिटल रिपोजिटरी, डिजिटल लाइब्रेरी आदि के माध्यम से पूरा करने के लिए इसमें पर्याप्त सहायता उपलब्ध है। सामग्री की बहुलता जिज्ञासुओं के लिए ज्ञान के द्वार खोलती है। छात्रवृत्ति के अवसरों के बारे में भी इसमें मार्गदर्शन उपलब्ध है ताकि छात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे छात्रों को अन्य स्तरों पर भी छात्रवृत्तियों की जानकारी मिल सके। सीखने के इस पोर्टल में अनेक कौशल को और अधिक बढा सकें। जो और बेहतर करना चाहते हैं उकने लिए अपनी प्रतिभा को और बेहतर करने के अवसर इस पोर्टल में मौजूद हैं, यह सीखने वालों पर निर्भर करता है कि वह इसका अधिकाधिक और बेहतर उपयोग कैसे कर सकते हैं। मल्टीमीडिया अध्ययन संसाधनों का उपयोग करने के साथ ही इसमें आधुनिकतम संसाधन उपलब्ध हैं। पोर्टल स्कालरों, सीखने वालों, शिक्षकों और संस्थानों के लिए समानरूप से अवसर उपलब्ध कराता है। इसमें पंजीकृत होने वाले उपभोक्ता समय-समय पर आनलाइन मासिक टेस्ट के माध्यम से स्वयं अपने कार्य निष्पादन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। शिक्षकों के लिए पोर्टल में स्वतंत्र मॉडयूल से जानकारी अर्जित करने की सुविधा की व्यवस्था की गयी है, वे इसके बारे में समय-समय पर अपने हित के अनुसार सलाहकार ग्रुप से प्राप्त सामग्री का अध्ययन भी कर सकते हैं। साक्षात पोर्टल के प्रमुख उद्देश्य हैं देश में सभी को समान रूप से वेब आधारित संसाधनों की बेरोकटोक उपलब्धता, विश्वस्तरीय मल्टीमीडिया सामग्री का विकास, कौशल और ज्ञान बढाने में आनलाइन सहायता, शिक्षकों एवं अध्ययन के इच्छुक लोगों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए मंच उपलब्ध कराना नियमित रूप से स्कालरों और अध्ययनार्थियों की प्रगति की समीक्षा आदि।

       मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने सभी स्तरों पर विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों की आवश्यकताओं का समाधान करने और प्रतिभाओं को उभारने के उद्देश्य से अभिनव कार्य किया है। मंत्रालय ने विश्वस्तरीय सामग्री जुटाने हेतु देश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों, संगठनोंएजेंसियां यूजीसी, एआईसीटीई, इग्नू, एनसीईआरटी, केन्द्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय संगठन, सीबीएससी, आईआईटी आदि का सहयोग लेने के लिए भी कदम उठाये हैं। विभिन्न विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और उच्च अध्ययन संस्थानों के वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों का भी पोर्टल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है।

       साक्षात पोर्टल की विषय वस्तु के विस्तार के लिए देश के सभी विषयों के जानकारों की विशेषज्ञता का लाभ मिल सके, इसके लिए इसे सिर्फ पाठयक्रम तक ही सीमित नहीं रखा गया है।

       मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग का साक्षात पोर्टल का पायलट प्रोजेक्ट देश के शैक्षिक इतिहास में क्रांतिकारी कदम है। यह उन सबके लिए स्वर्णिम अवसर प्रदान करने का नया रास्ता दिखाने का अभूतपूर्व प्रयास है, जो कुछ सीखना, जानना और करना चाहते हैं। डिजीटल दुनिया से दूर प्रत्येक व्यक्ति तक आईसीटी क्रांति के परिणाम पहुंचाने को सुनिश्चित करने की दिशा में देश के अनेक सुप्रसिध्द संस्थान विभिन्न क्षेत्रों की चुनौतियों को हल करने का प्रयास कर रहे हैं। कई संस्थान इसमें शामिल हो रहे हैं।

आईआईएसटीसी, बेंगलौर तथा आई आई टी, चेन्नै

       प्रत्येक भारतीय के लिए ब्राडबैंड कनैक्टीविटी उपलब्ध कराने की चुनौतियों के लिए बहुत कम लागत और कम विद्युत खपत वाले यंत्रों, शैक्षणिक उद्देश्य हेतु नि:शुल्क विकास।

आईआईटी, खड़गपुर - बहुभाषी सामग्री, अन्य कोगनेटिव फैकल्टी पर आधारित सामग्री।

जादवपुर विश्वविद्यालय - सामग्री का मानकीकरण और गुणवत्ता आश्वासन

आईआईटी, दिल्ली- वर्चुअल लेबोरेटरीज

आईटी-बीएचयू, वाराणसी - अशिक्षितों को उनके दैनिक जीवन में आईसीटी के लाभ

इग्नू - विषय वस्तु और समन्वय और सुविधा

       साक्षात पोर्टल शिक्षा के क्षेत्र में स्वतंत्र भारत में एक अभूतपूर्व कदम है, जिसका लाभ स्कूली स्तर से लेकर उच्चतम शिक्षा संस्थानों से जुड़े छात्रों, अध्यनार्थियों, कुछ सीखने की ललक रखने वालों और शोधार्थियों को मिलेगा। इस पायलट प्रोजैक्ट से शिक्षा क्षेत्र में सर्वांगीण विकास हर वर्ग के छात्रों को मिलेगा। जिनका वेबसाइट हैं -  www.sakshat.ac.in; www.sakshat.edu.in; www.sakshat.ernet.in; http://sakshat.gov.in

 

 

Anunad Singh

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Nov 5, 2006, 1:01:14 AM11/5/06
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शिक्षा के लिये एक विशेष पोर्टल खोले जाने का स्वागत किया जाना चाहिये; किन्तु यहां भी हिन्दी की घोर उपेक्षा हुई है। जबकि होना ये चाहिये था कि उच्च गुणवत्त वाली क्षिक्षा से वंचित विद्यार्थिओं पर ज्यादा ध्यान दिया गया होता। इसके लिये माध्यम मिष्रित रहे या हिन्दी रहे तो ज्यादा लाभ होता।

आशा है कि शीघ्र यहां पर हिन्दी शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध होगी।


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