मुरैना के साहित्यकार विकल की रचनायें इण्टरनेट पर प्रकाशित होंगीं
असलम खान
· ग्वालियर चम्बल के पहले साहित्यकार की रचनायें ऑन लाइन बिकेंगीं
· ई -बे सहित अनेक वेब साइटों पर ई बुक खरीद सकेगें लोग
मुरैना 3 जनवरी 2006 ! मुरैना के मशहूर कवि एवं साहित्यकार श्री के.के. विकल की रचनाओं का डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है और उनकी कविताओं तथा अन्य रचनाओं की इण्टरनेट बिक्री के लिये ई बुकों का प्रकाशन किया जा रहा है ! शीघ्र ही श्री विकल की कविताओं का लोग इण्टरनेट पर आनन्द लें सकेगें और घर बैठे इन पुस्तकों को न केवल डाउनलोड किया जा सकेगा बल्कि लुत्फ व आराम के साथ इन्हें पढ़ा भी जा सकेगा !
श्री विकल की रचनाओं को डिजिटलाइजेशन करने का जिम्मा मशहूर इण्टरनेट वेबसाइट ग्वालियर टाइम्स नें संभाला है ! ग्वालियर टाइम्स द्वारा न केवल विकल जी के साहित्य का डिजिटलाइजेशन किया जायेगा बल्कि इसे इण्टरनेट पर समूचे विश्व में प्रकाशित भी किया जायेगा और इन किताबों की इण्टरनेट पर मार्केटिंग की व्यवस्था भी ग्वालियर टाइम्स द्वारा की जायेगी और इण्टरनेट पर बिक्री व खरीद की मशहूर वेबसाइटों ई-बे तथा लुलु डॉट कॉम सहित स्वयं ग्वालियर टाइम्स पर भी यह पुस्तकें बिक्री के लिये उपलब्ध होंगीं !
प्रारंभ में श्री विकल की दो ई बुकें जनवरी माह में ग्वालियर टाइम्स द्वारा जारी कीं जा रहीं हैं ये दोंनों किताबें पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराईं जा रहीं हैं तथा इन्हे पूरी तरह निशुल्क रूप से इण्टरनेट पर पढ़ा और डाउनलोड किया जा सकेगा ! इसके पश्चात की किताबें समूल्य उपलब्ध होंगीं !
श्री के.के. विकल मशहूर साहित्यकार श्री श्री कृष्ण सरल के शिष्य एवं सरदार भगत सिंह के अभिन्न साथी भगवानदास माहौर के प्रिय आशीर्वाद प्राप्त साहित्यकार हैं ,उन्होंने अपने साहित्य में अनेक भावों व रसों का उपयोग करते हुये विभिन्न विधाओं में अपनी रचनायें प्रस्तुत कीं हैं !
श्री विकल को राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है ! श्री विकल के विख्यात प्रकाशित संग्रहो व ग्रंथों में श्री कृष्ण भजन माला, कितने युग बीते, हिन्दी निबन्ध, शारीरिक एवं नैतिक शिक्षा-पाठय पुस्तक, जिन्दगी एक सपना-उपन्यास, चम्बल गाती है प्रमुख हैं ! श्री विकल की आस्था का दीप, भारतीय संस्कृति ,एकता और आतंकवाद, शहीद की बेटी, तथा गजल संग्रह आदि प्रकाशनाधीन रचनायें हैं ! आपकी रचनायें आकाशवाण्ाी एवं दूरदर्शन से भी प्रसारित हो चुकीं हैं, तथा समय समय पर म.प्र. संदेश सहित महत्वपूर्ण समाचारपत्र पत्रिकाओं में भी प्रकाशित होतीं रहीं हैं !
ब्यूरो चीफ- चम्बल संभाग
एक महान साहित्यकार के साहित्य को इण्टरनेट पर अवतरित करने का कार्य आज
की महान आवश्यकता है |
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2006/1/5, in...@gwaliortimes.com <in...@gwaliortimes.com>: