RTI देकर पूछ रहे बिल्डरों का हिसाब-किताब
नोएडा अथॉरिटी में डिफॉल्टर बिल्डरों की जानकारी लेने के लिए लोगों ने राइट टु इन्फर्मेशन एक्ट का सहारा लेना शुरू कर दिया
है। बिल्डरों की जमीन , खाते
और अन्य जानकारी हासिल करने के लिए अब तक212 लोग
आरटीआई दाखिल कर चुके हैं। अथॉरिटी के लैंड रेकॉर्ड , ग्रुप
हाउसिंग , प्लानिंग
और अकाउंट डिपार्टमेंट इन बिल्डरों की डिटेल निकालकर जवाब देने में जुटे गए हैं।
एनबीटी ने पिछले दिनों 35 बिल्डरों
के डिफॉल्टर होने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद अथॉरिटी के ग्रुप हाउसिंग डिपार्टमेंट ने नए सिरे से बिल्डरों की बकाया रकम का ब्यौरा जुटाकर उन्हें नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। सूत्रों की मानें तो करीब 80 बिल्डरों
के बकाया की डिटेल ग्रुप हाउसिंग डिपार्टमेंट तक पहुंच चुकी है। इनके साथ ही पब्लिक ने भी अपना शक दूर करने के लिए अथॉरिटी के दरवाजे पर दस्तक दे दी है। पहले तो लोगों ने एकाउंट व ग्रुप हाउसिंग डिपार्टमेंट से बिल्डरों के बकाया की जानकारी मांगी , पर
सफलता न मिलने पर अब वे आरटीआई का सहारा ले रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि इस समय ग्रुप हाउसिंग डिपार्टमेंट में 47, लैंड
रेकॉर्ड डिपार्टमेंट में 148 और
एकाउंट डिपार्टमेंट में 27 आवेदन
पेंडिंग पड़े हैं। लोगों ने बिल्डरों के अलॉटमेंट लेटर , जमा
कराई गई सफल आवेदकों की सूची , आवंटित
जमीन के अधिग्रहण की तारीख , आवंटन
की तारीख , जमा
की गई रकम , देय
रकम का शेड्यूल व बकाया का ब्यौरा मांगा है। इसके अलावा नक्शे में फ्लैटों के साइज , स्वीकृत
फ्लैट व अन्य जानकारी भी मांगी गई है।