Updates.
I. The news portal, referred to in the mail below has also taken down the report on the ground that the original had taken down.
But, the report went online only after the original report havong been taken down - as is evident from the report.
So...???
And,
there's no retraction.
II. There's, apparently, no official response as yet.
III.
There's a deafening silence in the MSM.
IV. Reproduced below a link to a report, dated May 26, in Hindi which posits that at least 40 Shramik Special Trains have reportedly gone astray.
It corroborates the original post below.
<
https://www.satyahindi.com/india/40-shramik-special-trains-lost-their-way-reaches-destination-late-migrants-hunger-thirsty-110231.html?fbclid=IwAR0szAp2kMLC79j7oJLHUVMLXvthwgnUqFaXSc7wZvSsQKD05Y0qaIpIfAI>
<<क्या ट्रेनें भी बसों और कारों की तरह रास्ते से भटक सकती हैं? इस सवाल से चौंक गए न आप! दरअसल, कई श्रमिक स्पेशल ट्रेनें अपने रास्ते से भटकने की ख़बरें हैं। एक श्रमिक ट्रेन महाराष्ट्र के वसई से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के लिए चली थी और पहुँच गई ओडिशा के राउरकेला। ट्रेनों के रास्ते भटकने के सवाल किए गए तो रेलवे ने अजीबोगरीब जवाव दिए कि लाइनें व्यस्त होने के कारण उनका रूट बदला गया था। अब यदि दो दिन में पहुँचने वाली ट्रेन 9 दिन में अपने गंतव्य तक पहुँचे तो उसे क्या कहेंगे, रूट बदलना या रास्ते से भटकना? और इस बीच ट्रेनों में कई लोगों की मौत की ख़बरें आने लगे तो क्या कहा जाएगा!
ट्रेनें एक या दो नहीं भटकी हैं। कम से कम 40 ऐसी ट्रेनों के भटकने की ख़बर है। 'पत्रिका' ने इस पर ख़बर छापी। इस ख़बर में दावा किया गया कि बेंगलुरु से क़रीब 1450 यात्रियों को लेकर चली ट्रेन यूपी के बस्ती जा रही थी लेकिन गाज़ियाबाद पहुँच गई। मुंबई के कुर्ला से 21 मई को पटना के लिए चली ट्रेन पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में पहुँच गई। दरभंगा के लिए चली एक ट्रेन राउरकेला पहुँच गई। इस ख़बर को ट्वीट करते हुए कांग्रेस नेता और पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सीधे रेलवे मंत्री पीयूष गोयल पर निशाना साधा। उन्होंने तो गोयल को शर्म करने की बात कह दी।>>
Sukla