आमंत्रण: 3 अगस्त' 2024, शनिवार
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प्रिय साथी,
कोसी-मेची नदियों को जोड़ने की परियोजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। जुलाई 23 तारीख के बजट भाषण में इसका जिक्र था।
परियोजना का मूल मकसद सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण हैं। ये नदियों को जोड़ने वाली वृह्तर परियोजना का हिस्सा हैं।
दावा हैं कि परियोजना से अररिया जिले के करीब 69 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। परियोजना से अररिया जिले के फारबिसगंज, कुर्साकांटा, सिकटी, पलासी, जोकीहाट और अररिया प्रखंड के किसानों को लाभ मिलेगा। पूर्णिया जिले के 69 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। किशनगंज के 39 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की योजना है। कटिहार के 35 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई में फायदा मिलेगा।
ये नदी जोड़ परियोजना के तहत देश की दूसरी बड़ी योजना है। पहली योजना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की केन-बेतवा नदी जोड़ने की हैं।
दावा हैं कि यह इस योजना से 4.74 लाख हेक्टेयर (बिहार में 2.99 लाख हेक्टेयर) की वार्षिक सिंचाई और बिहार और नेपाल में 24 मिलियन क्यूबिक मीटर घरेलू और औद्योगिक जल आपूर्ति प्रदान करेगा।
इस योजना को लेकर अनेक सवाल खड़े किए जा रहे हैं जिसका तथ्य और तर्क पूर्ण जबाब देने से सरकार कतराती रही है। इस योजना से नदियों ,पर्यावरण और इकोलॉजी के विनाश की आशंका प्रबल हैं।
उक्त संदर्भ में एक विमर्श का आयोजन किया गया है। आप इसमें सादर आमंत्रित हैं। कृपया आने की सूचना अवश्य देंगे।
विषय - कोसी - मेंची लिंक परियोजना
तारीख - 3 अगस्त 24 दिन शनिवार
समय - 3.00 बजे अपराह्न से
स्थान - बिहार दलित विकास समित,
रूकनपुरा, सर्वदृष्टि हॉस्पिटल
के निकट, बेली रोड, पटना
निवेदक
सत्य नारायण मदन, संयोजक, लोकतांत्रिक जन पहल बिहार, पटना