गाय को माता मानने वाला देश भारत १४५० लाख टन मांस निर्यात करता है यानि करीब ६० करोड़ से भी ज्यादा उपयोगी पशुओ का वध कर सिर्फ विदेशियो को खिला देता है, बड़े शर्म की बात है, जरुर पढ़े...जो देश गोबर और मूत्र की खाद से जिवानोयोगी खाद्यान्न का सदियों से उत्पाद करता रहा है, वही देश अब सिर्फ विदेशियो को खिलाने के लिए अपने बहु उपयोगी ६० करोड़ से अधिक पशुओ का वध करके उसका मांस डिब्बो में बंद करके निर्यात कर रहा है और उसके दूध दही खाने वाले बच्चे चीन से बनी और यूरिया से बनी दिमाग कम कर देने वाला जहर पी रहे है. सबसे बढ़कर खेतो में कम्पोस्ट खाद की जगह जहर डाला ज़ा रहा जिससे की हमारी पूरी पीढ़ी ही बीमार हो ज़ा रही है.इसके लिए जिम्मेदार है-नेहरू जिसने गोहत्या बंद करवाने के कानून का विरोध किया था ,इंदिरा जिसने गोहत्या बंद कराने के लिए प्रदर्शन करने वाले हिदू सन्यासियों को गोलियों से भुनवा दिया था ,कांग्रेस पार्टी जो गोहत्या चालू रखने को वोट बढ़ाने के रूप में देखती है जब की मुग़ल खुद गोहत्या के विरोधी थेनागेज जिन्होंने पहली बार कलकत्ता में भारत के इतिहास में वेश्यालय, शराब की दुकान और गो वध शाला kholi तो क्या हम अंग्रेजो के समर्थक है ,गोहत्या को राजनीति नहीं बल्कि देश के सर्वांगीं विकास की नजर से देखना होगा .जय भारत-संजय कुमार मौर्य