'शीला की जवानी' गीत का भावार्थ

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Himanshu Madheshiya

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Dec 14, 2010, 1:10:07 PM12/14/10
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प्रस्तुत उत्तेजक गीत हिन्दी फिल्म जगत के नवीनतम रत्न 'तीस मार खान' से लिया गया है. यह गाना नायिका के संगमरमर जैसे शरीर से आकर्षित होने वाले लंगोट के ढीले पुरुषों पर नायिका की अपमानजनक प्रतिक्रया को व्यक्त करता है. नायिका उन्हें सीधे और कटु शब्दों में बताना चाहती है कि शीशे के पीछे रसगुल्ले की ख्वाहिश करना एक बात है और उसे चखना दूसरी बात!

 

I know you want it

 But you never gonna get it

Tere haath kabhi na aani

Maane na maane koi duniya 

Yeh saari, mere ishq ki hai deewani

 

गाने की शुरुआत नायिका के ईमानदारीपूर्ण वक्तव्य से होती है. वो जानती है कि इन मर्दों को उसकी भावनाओं, दिल और प्रेम से कोई सरोकार नहीं. वो तो बस एक ही चीज चाहते हैं. पर वो उन्हें मिलने वाली नहीं. उन्हें मुंह में भर आये पानी से ही अपनी प्यास बुझानी होगी. दुर्भाग्यपूर्ण, परन्तु सत्य.

 

 

Hey hey, I know you want it

but you never gonna get it

Tere haath kabhi na aani

Maane na maane koi duniya

yeh saari Mere ishq ki hai deewani

Ab dil karta hai haule haule se

Main toh khud ko gale lagaun

Kisi aur ki mujhko zaroorat kya

Main toh khud se pyaar jataun

 

नायिका पुनः दर्जनों पुरुषों में उसके प्रति जगी वासना पर प्रकाश डालती है. वो अपने आस-पास मंडराते छिछोरों को बताती है कि उनकी दाल नहीं गलने वाली. पर साथ ही यहाँ नायिका के व्यक्तित्व का एक और पक्ष उजागर होता है. सौंदर्य से जागृत अहंकार का पक्ष. वो अपनी सुन्दरता से इतनी प्रभावित है कि उसे किसी पुरुष की ज़रुरत नहीं. वो अपने अन्दर की स्त्री के लिए खुद ही पुरुष बन जाना चाहती है. अब इसे अहंकार की पराकाष्ठा कहें या आत्म-प्रेम की मादकता!

 

 

what's my name

what's my name

what's my name

My name is Sheela

Sheela ki jawani

I'm just sexy for you

Main tere haath na aani

Na na na sheela

Sheela ki jawani

I'm just sexy for you

Main tere haath na aani

 

अब नायिका अपना परिचय देती है. अपना नाम बताती है. और नाम भी ऐसा जो बूढ़ी नसों के लिए वायाग्रा का काम करे. उनमें यौवन का झंझावात ला दे. नाम बताने के साथ वो यह भी बताती है कि वो बहुत ही ज़्यादा सेक्सी है. अपने मुंह मियाँ मिट्ठू. पर इस आत्म-प्रशंसा में भी अहंकार की  सुगंध है. वो खुद को इतना ज़्यादा सेक्सी  बताती है कि वो सबकी  पहुँच से बाहर है. एक ऐसे चन्द्रमा की तरह जिसकी चांदनी तो सबको उपलब्ध है, पर उस चाँद को छूकर उसे महसूस करना किसी के बस की नहीं. यहाँ यह सिद्ध होता है है कि नायिका सौंदर्य की साधक ही नहीं, बल्कि अहंकार से भरी चुड़ैल भी  है.

 

 

Take it on

Take it on

Take it on

Take it on

 

 अब नायिका सीधे शब्दों में चुनौती देती है. एक ऐसी चुनौती जो शायद मर्दों में शराब के बिना भी साहस ला दे.

 

 

Silly silly silly silly boys

O o o you're so silly

Mujhe bolo bolo karte hain

O o oHaan jab unki taraf dekhun,

baatein haule haule karte hain

Hai magar, beasar mujh par har paintra

 

अब नायिका उनका उपहास करती है. उन्हें मूर्ख कहकर पुकारती है. उन्हें ज़लील करती है. वो मर्द नायिका के बारे में गुप-चुप बातें कर सकते हैं, पर उसके सामने जुबां नहीं खोल पाते. वासना और कायरता का ये अद्भुत संगम है.

 

 

Haye re aise tarse humko

Ho gaye sober se re

Sookhey dil pe megapan ke

teri nazariya barse re

I know you want it

but you never gonna get it

Tere haath kabhi na aani

SheelaSheela ki jawani

I'm just sexy for you

Main tere haath na aani

Na na na sheela

Sheela ki jawani

I'm just sexy for you

Main tere haath na aani

 

यहाँ आखिरकार वासना से मदहोश मर्द कुछ बोलने की  हिम्मत जुटाते हैं. वो धीमे स्वर में अपनी इच्छा ज़ाहिर करते हैं. वो बोलते हैं कि नायिका का फिसलता बदन उनके बंजर दिलों में प्रेम का अंकुर ला रहा है. मानो  नायिका  को उनकी असली इच्छा का पता ही नहीं. इसलिए वह उन्हें फिर से याद दिलाती है कि दिन में सपने देखना छोड़ दें. 

 

यह ख़ूबसूरत गीत आज ही नहीं, सदियों से चला आ रही नर और नारी की मानसिकता को उजागर करता है. नारी हज़ारों घंटे श्रृंगार और व्यायाम में बिताकर इस लायक दिखती है कि मर्द उस पर गिद्ध जैसी नज़रें डालें. पर जब वो नज़रें डालते हैं तो नायिका उन्हें चूजा सिद्ध कर देती है. नर भी कम नहीं. वो नारी के शारीरिक आकर्षण के सामने आपा खो बैठते हैं. जब वासना शिखर पर होती है तो साहस लुकाछिपी खेल रहा होता है. अब ऐसे में मिलन हो तो कैसे हो? इसी सवाल  के साथ यह गीत श्रोताओं और दर्शकों के मन में एक कसक छोड़ जाता है. 


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