कथा-व्यथा की तरफ से हमारी भावभीनी श्रद्धांजलि

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सम्पादक

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Nov 13, 2008, 8:20:32 AM11/13/08
to ई-हिन्दी साहित्य सभा
नहीं रहे.... अमर गीत
धरती धोरां री !
आ तो सुरगां नै सरमावै,
ईं पर देव रमण नै आवै,
ईं रो जस नर नारी गावै,
धरती धोरां री !
के रचनाकार
युगकवि श्री कन्हैयालाल सेठिया
कथा-व्यथा की तरफ से हमारी भावभीनी श्रद्धांजलि
कथा-व्यथा का इस माह का अंक श्री सेठिया जी को समर्पित
http://kathavyatha.blogspot.com/

नोट: अगले माह हेतु आपकी नई सामग्री आमंत्रित की जाती है।
शम्भु चौधरी
संपादक,
कथा-व्यथा

dinesh sharma

unread,
Nov 20, 2008, 4:21:20 AM11/20/08
to ehindi...@googlegroups.com
good....

M D

unread,
Nov 21, 2008, 3:39:51 AM11/21/08
to ehindi...@googlegroups.com
aghor ghor bathaa
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