कथा-व्यथा - अगस्त 2008 प्रथम अंक जारी
" ई-हिन्दी साहित्य सभा " का यह प्रथम प्रयास कह दें या दूसरा - तीसरा या
अन्तीम प्रयास कह लें हम इस उलक्षण में न जाकर सिर्फ़ और सिर्फ साहित्य की
सेवा करने वाले समान मानसिकता का मंच बनाने का प्रयास कर रहें हैं। हम न
तो स्वयं की पीठ को थपथपाना चाहते हैं न ही हम चाहते हैं कि कोई हमारी
पीठ को थपथपाये, कार्य करना हो तो साथ आयें, एक नया कारवां बनायें। कथा
जब भी आपकी बात करेगा तो व्यथा में आपसे साहित्य सेवा की अपेक्षा भी
करेगा।
कथा-व्यथा के लिये कई लोगों के मेल प्राप्त हुए, कविता के मेल ज्यादा
प्राप्त हुए हैं। जिन कवियों की कविता इस अंक में प्रकाशित की जा रही है
उनके नाम निम्न प्रकार हैं:-
1. ब्रह्मनाथ त्रिपाठी 'अंजान' 2. महेश कुमार वर्मा 3. देवेन्द्र कुमार
मिश्रा 4. सतीश सक्सेना
5. डॉ. श्रीकृष्ण मित्तल 6. मयंक सक्सेना 7. राजेश चेतन 8. सीताराम
महर्षि* 9. धमचक मुलथानी*
10. जय कुमार 'रुसवा'* 11. डॉ. गणेशदत्त सारस्वत*
*प्रस्तुति: शम्भु चौधरी
कुछ पत्र-पत्रिकाओं का परिचय, कहानी, लेख, और लघुकथा भी दियें गयें है।
जिन-जिन लोगों ने इस अंक में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मुझे अपना
सहयोग दिया, उन सभी का आभार व्यक्त करता हूँ। अगले अंक की सामग्री 30
अगस्त तक भेजी जा सकती है। आप हमें जिस font में भेंजे उस font का नाम
जैसे: unicode/ kruti/ yugesh/ chanayak etc लिखना न भूलें। - शम्भु
चौधरी
Link :
http://kathavyatha.blogspot.com/