PMOPG/E/2026/0057503
संबंधित विभाग : नीति आयोग
“श्मशान घाटों पर जैव-ईंधन की खपत कम करने के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों में ‘मोक्षदा प्लेटफॉर्म’ एक महत्वपूर्ण पहल है। इस प्रणाली के उपयोग से ईंधन की खपत लगभग 40% तक कम हो जाती है। इसमें चिता भूमि पर रखने के स्थान पर लोहे के ढांचे (प्लेटफॉर्म) पर स्थापित की जाती है, जिससे लकड़ी की आवश्यकता स्वतः ही काफी कम हो जाती है। यह कोई साधारण बचत नहीं है; यदि इसे व्यापक स्तर पर अपनाया जाए तो देशभर में प्रतिवर्ष लाखों टन लकड़ी की बचत संभव है।
किन्तु यह देखा गया है कि इस पद्धति के आविष्कार के कई वर्षों उपरांत भी इसका उपयोग अत्यंत सीमित है। अधिकांश श्मशान घाटों पर ऐसे प्लेटफॉर्म केवल एक या दो मात्रा में ही उपलब्ध होते हैं, जबकि शेष दाह-संस्कार अभी भी पारंपरिक पद्धति से भूमि पर ही किए जा रहे हैं।
वहीं, सरकार द्वारा अनेक स्थानों पर विद्युत एवं गैस आधारित दाह-प्रणालियाँ स्थापित की जा रही हैं, जिनकी स्थापना अपेक्षाकृत अधिक खर्चीली होती है।