PMOPG/E/2026/0004703
विषय: CGHS में एकल भुगतान - वित्तीय हानि।
संबंधित विभाग : व्यय विभाग – वित्त मंत्रालय
वर्तमान नियमों के अनुसार, CGHS सुविधा के अंतर्गत सेवा निवृत्ति पर लाभार्थी एकमुश्त राशि जमा कर आजीवन चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इस एकल भुगतान के पश्चात उन्हें भविष्य में चिकित्सा सुविधाओं के लिए पुनः कोई भुगतान नहीं करना पड़ता।
इसके विपरीत, वे सेवा निवृत्त कार्मिक जिन्होंने पेंशन का संराशीकरण (कम्यूटेशन) कराया है, उन्हें 15 वर्षों के पश्चात पूर्ण पेंशन की बहाली का लाभ दिया जाता है। यदि कोई कार्मिक 15 वर्ष बाद पुनः पूर्ण पेंशन प्राप्त करता है, तो उसी तर्क के आधार पर उससे CGHS सुविधा हेतु भी 10 या 15 वर्षों के पश्चात पुनः भुगतान लिया जाना चाहिए—ऐसा प्रश्न स्वाभाविक रूप से उठता है।
वास्तव में, दोनों ही मामलों में सिद्धांत एक ही है—भविष्य के लाभ को वर्तमान में समायोजित करना। जब सिद्धांत समान है, तो नियमों में यह भिन्नता क्यों है?
इस विरोधाभास के कारण सरकार को वित्तीय हानि हो रही है। अतः विचारणीय है