PMOPG/E/2026/0106851
संबंधित विभाग : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार
हमारी देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी विश्वविख्यात है। प्रतिवर्ष यहाँ से सैकड़ों प्रशिक्षु प्रशिक्षण लेकर राष्ट्र सेवा में समर्पित हो जाते हैं। इस अकादमी में मित्र देशों के कैडेट्स को भी प्रशिक्षण दिया जाता है। वर्तमान में इन मित्र देशों में बांग्लादेश का नाम भी सम्मिलित है।
बांग्लादेश के पूर्व प्रधानमंत्री यूनुस ने अपने कार्यकाल में भारत के विरुद्ध धमकी भरे अनर्गल बयान दिए, पूर्वोत्तर भारत को काटने का प्रयास किया, वृहत्तर बांग्लादेश का स्वप्न देखा, चीन के साथ मिल कर भारत के विरुद्ध षड्यंत्र रचने का प्रयास किया और हिंदुओं के विरुद्ध होने वाले अत्याचारों पर किसी प्रभावी कार्रवाई से बचते रहे। यह सब दिखाने के लिए पर्याप्त है कि बांग्लादेश फ़िलहाल कोई मित्र देश नहीं है। यही नहीं, वर्तमान प्रधानमंत्री द्वारा भी भारत से निष्कासित किए जा रहे घुसपैठियों को वापस लेने से इनकार करना व पिछले प्रधान मंत्री के बयानों का खंडन न करना इस बात की पुष्टि करता है कि वर्तमान बांग्लादेश सरकार का रुख मैत्रीपूर्ण श्रेणी में नहीं आता । नदी जल बंटवारे, हिंदुओं पर अत्याचार व घुसपैठियों की समस्या के कारण निकट भविष्य में संबंधों में सुधार की संभावना कुछ क्षीण प्रतीत होती है।
ऐसे में, प्रथम दृष्ट्या, उनके सैन्य अधिकारियों को अपने यहाँ प्रशिक्षण देना उचित नहीं जान पड़ता। अतः मेरा अनुरोध है कि बांग्लादेश को प्रदान इस सुविधा को तत्काल प्रभाव से स्थगित किये जाने पर विचार किया जाए ।