PRSEC/E/2026/0021193
“दिल्ली हवाई अड्डे के आगमन क्षेत्र से बाहर निकलते समय, भवन के भीतर मार्ग में एक स्थान पर धातु पर अनेक हस्त-मुद्राएँ उकेरी गई हैं। ये मुद्राएँ अत्यंत आकर्षक हैं तथा यात्रियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की एक सुंदर झलक प्रस्तुत करती हैं। किंतु अनेक आगंतुकों के लिए इन मुद्राओं का अर्थ स्पष्ट नहीं हो पाता और वे एक प्रकार की पहेली बनकर रह जाती हैं। बहुत से यात्री इन्हे केवल एक प्रदर्शन की वस्तु मान सकते हैं ।
एतदर्थ यदि वहाँ एक सूचना-पट्ट स्थापित कर दिया जाए, जिसमें इन मुद्राओं के अर्थ एवं उपयोगिता का संक्षिप्त विवरण दिया गया हो, तो इसकी उपयोगिता और प्रभाव दोनों में वृद्धि हो सकती है।”